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Ghaziabad News: भूजल दोहन करने पर 61 सोसायटियों को नोटिस
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गाजियाबाद। भूजल दोहन करने पर 61 सोसायटियों और व्यवसायिक कांप्लेक्स को भूगर्भ जल विभाग ने नोटिस जारी किया है। एक महीने के अंदर जवाब नहीं देने पर विभाग बोरवेल को सील कर जुर्माना लगाएगा।
लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम सिंह ने बताया कि 76 स्थानों पर भूजल दोहन करने की शिकायत मिली थी। जांच करने पर 61 स्थानों पर जगह भूजल दोहन होने की पुष्टि हुई। इस मामले में सभी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के बाद अगर सोसायटी और व्यवसायिक कांप्लेक्स के मालिक एनओसी के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर के आधे से भी कम इलाकों में गंगाजल या भूजल की आपूर्ति की जाती है।
बाकी इलाकों में रहने वाले लोग बोरवेल लगाकर भूजल निकालते हैं। इसे विभाग ने गैरकानूनी माना है। जिला डार्क जोन घोषित होने से भूजल निकालने के लिए भूगर्भ जल विभाग से एनओसी लेना जरूरी है। एनओसी लेने वाली फर्म को जमीन से निकाले गए पानी की मात्रा के बराबर ही भूजल रिचार्ज करना होता है। जटिल प्रक्रियाओं के कारण काफी संख्या में लोग विभाग से बिना एनओसी लिए ही बड़े बोरवेल से जल का दोहन कर उसका उपयोग करते हैं।
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लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम सिंह ने बताया कि 76 स्थानों पर भूजल दोहन करने की शिकायत मिली थी। जांच करने पर 61 स्थानों पर जगह भूजल दोहन होने की पुष्टि हुई। इस मामले में सभी को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के बाद अगर सोसायटी और व्यवसायिक कांप्लेक्स के मालिक एनओसी के लिए आवेदन नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर के आधे से भी कम इलाकों में गंगाजल या भूजल की आपूर्ति की जाती है।
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बाकी इलाकों में रहने वाले लोग बोरवेल लगाकर भूजल निकालते हैं। इसे विभाग ने गैरकानूनी माना है। जिला डार्क जोन घोषित होने से भूजल निकालने के लिए भूगर्भ जल विभाग से एनओसी लेना जरूरी है। एनओसी लेने वाली फर्म को जमीन से निकाले गए पानी की मात्रा के बराबर ही भूजल रिचार्ज करना होता है। जटिल प्रक्रियाओं के कारण काफी संख्या में लोग विभाग से बिना एनओसी लिए ही बड़े बोरवेल से जल का दोहन कर उसका उपयोग करते हैं।
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