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गाजियाबाद: 35 अस्पतालों को नोटिस जारी, ओवर बिलिंग पर जवाब देने का अंतिम मौका
Mon, 06 Sep 2021 07:34 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 06 Sep 2021 07:34 PM IST
सार
गाजियाबाद के 35 अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मरीजों और परिजनों से इन अस्पतालों ने ज्यादा बिल लिया था। नगर आयुक्त ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन का जवाब मिलने पर डीएम को रिपोर्ट देंगे।
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फाइल फोटो
- फोटो : istock
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विस्तार
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मरीजों और परिजनों से बिल ज्यादा वसूली के मामले में जांच कमेटी ने 35 अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने जांच की फाइनल रिपोर्ट तैयार करने से पहले अस्पतालों से जवाब मांगा है।
जवाब मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। ओवर बिलिंग के इस मामले में डीएम ही अस्पतालों पर कार्रवाई का निर्णय लेंगे। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों ने जमकर ओवर बिलिंग की थी। ऑक्सीजन सिलिंडर परिजनों से मंगाया गया, रेमडेसिविर का इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपये तक बेचा गया।
ओवर बिलिंग की शिकायतों पर शासन ने अस्पतालों के लिए प्रतिदिन का इलाज खर्च तय कर दिया था। इसके बाद भी कोरोना संक्रमित मरीजों का मनमाना बिल बनाकर वसूली की गई। इस मामले में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी थी।
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इसमें सीएमओ समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच कमेटी ने अस्पतालों की ओर से जारी किए गए सबसे ज्यादा रकम के बिलों के साथ-साथ कुछ अन्य बिल लिए। इनकी जांच की गई तो पता चला कि शासन की ओर से निर्धारित की गई इलाज की रकम से 10 हजार से 1.5 लाख रुपये ज्यादा तक की वसूली की गई।
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जवाब मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। ओवर बिलिंग के इस मामले में डीएम ही अस्पतालों पर कार्रवाई का निर्णय लेंगे। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों ने जमकर ओवर बिलिंग की थी। ऑक्सीजन सिलिंडर परिजनों से मंगाया गया, रेमडेसिविर का इंजेक्शन 20 से 25 हजार रुपये तक बेचा गया।
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ओवर बिलिंग की शिकायतों पर शासन ने अस्पतालों के लिए प्रतिदिन का इलाज खर्च तय कर दिया था। इसके बाद भी कोरोना संक्रमित मरीजों का मनमाना बिल बनाकर वसूली की गई। इस मामले में जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनी थी।
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इसमें सीएमओ समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच कमेटी ने अस्पतालों की ओर से जारी किए गए सबसे ज्यादा रकम के बिलों के साथ-साथ कुछ अन्य बिल लिए। इनकी जांच की गई तो पता चला कि शासन की ओर से निर्धारित की गई इलाज की रकम से 10 हजार से 1.5 लाख रुपये ज्यादा तक की वसूली की गई।
कई अस्पतालों ने भेज दिए जवाब
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जांच के दायरे में आए कई अस्पताल शुरूआती दौर में हुई शिकायतों पर अपना जवाब पहले ही भेज चुके हैं। अन्य अस्पतालों को नोटिस भेजकर उनसे भी जवाब मांगा गया है, ताकि एकतरफा जांच के आरोप न लग सके।
10 दिन में प्रशासन को भेज देंगे रिपोर्ट: नगरायुक्त
जांच अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि एक सप्ताह में सभी अस्पतालों की ओर से जवाब मिल जाएंगे। करीब 10 दिन में रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेज देंगे। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर से कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
10 दिन में प्रशासन को भेज देंगे रिपोर्ट: नगरायुक्त
जांच अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि एक सप्ताह में सभी अस्पतालों की ओर से जवाब मिल जाएंगे। करीब 10 दिन में रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेज देंगे। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर से कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।