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Ghaziabad News: निंदा प्रस्ताव में नहीं पहुंचे भाजपा के सभी पार्षद, महापौर के बयान पर हंगामा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2026 01:53 AM IST
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Not All BJP Corporators Present for Censure Motion; Uproar Over Mayor's Statement
नगर निगम सभागार में निंदा प्रस्ताव का समर्थन करते पार्षद। संवाद
गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम के सदन में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में बुलाई गई विशेष बैठक भाजपा की सियासी एकजुटता दिखाने के बजाय भीतर की खींचतान उजागर कर गई। बैठक में भाजपा के 85 में से महज 56 पार्षदों की मौजूदगी ने पार्टी की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। इतना ही नहीं, बैठक के दौरान महापौर और भाजपा पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक ने भी माहौल को गरमा दिया।
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बैठक सुबह 11 बजे से प्रस्तावित थी। महापौर सुनीता दयाल और नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक 11ः30 बजे सदन में पहुंचे। उस वक्त तक वहां कांग्रेस के एक पार्षद अजय शर्मा समेत भाजपा के करीब 45 पार्षद मौजूद थे। महापौर ने इस पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में देर से आने वालों को प्रवेश नहीं मिलेगा।
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दोपहर करीब 12 बजे चर्चा शुरू हुई तो पार्षद प्रवीण चौधरी ने नामित पार्षदों का परिचय और सम्मान न करने की बात कही। इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई। इस दौरान भाजपा पार्षद राजीव शर्मा ने प्रवीण चौधरी की बात का समर्थन किया तो महापौर ने कह दिया कि बकवास न करें। महापौर की इस टिप्पणी से हंगामा हो गया।
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राजीव शर्मा ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कड़ा विरोध किया। वह नगर आयुक्त और महापौर के पास तक पहुंच गए और फर्श पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने महापौर से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और कहे गए शब्द वापस लेने की मांग की। करीब आधे घंटे तक सदन में गहमागहमी रही, जिसे नगर आयुक्त और अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप से शांत कराया जा सका।

परिचय के दौरान भी टकराव

बैठक के समापन से पहले नामित पार्षद सुनील यादव ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। इस पर फिर से बहस छिड़ गई। राजीव शर्मा और सुनील यादव के बीच दल बदल व वरिष्ठता को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। इससे बैठक का माहौल फिर तनावपूर्ण हो गया। राजीव ने सुनील पर दूसरे दल से भाजपा में आने का आरोप लगाया तो सुनील ने भी उन पर पहले दूसरे दल से जुड़े होने की टिप्पणी की। किसी तरह दोनों का शांत कराया गया।
निंदा प्रस्ताव पास, पर विपक्ष का वार

अंततः ध्वनि मत से निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेज दिया गया। भाजपा पार्षदों ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए विपक्ष की आलोचना की। वहीं, संजयनगर से कांग्रेस पार्षद अजय शर्मा ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाते हुए पार्टी की कथनी और करनी में अंतर की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया, बल्कि जिस मंशा के साथ संशोधन किया जा रहा था, उसका विरोध है। कांग्रेस के ही मालीवाड़ा से पार्षद मुलायम, सिहानी की पार्षद सुमनलता इस मुद्दे पर ज्यादा खुलकर कुछ नहीं बोले। बसपा पार्षद शशि सिंह ने बिल का समर्थन किया।

भाजपा पार्षदों की अनुपस्थिति ने उठाए सवाल

निगम में भाजपा के 75 पार्षद हैं। नामित पार्षदों को मिलाकर यह संख्या 85 हो गई है। निंदा प्रस्ताव में भाजपा के 56 पार्षद ही शामिल हुए। इसके अलावा तीन पार्षद कांग्रेस और एक पार्षद बसपा की शामिल रहीं। निंदा प्रस्ताव का विशेष सत्र महापौर के आह्वान पर बुलाया गया था। इसने विपक्ष को हमले का अवसर दे दिया। विपक्ष ने कहा कि जिस प्रस्ताव के लिए विशेष सत्र बुलाया गया, उसमें सत्तापक्ष की अधूरी मौजूदगी सरकार की प्राथमिकताओं और गंभीरता पर सवाल खड़े करती है।
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