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सामूहिक दुष्कर्म केस : लोनी के पूर्व चेयरमैन समेत छह के खिलाफ दोबारा गैर जमानती वारंट, महिला ने दो साल पहले...
Sun, 04 Apr 2021 10:59 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 04 Apr 2021 10:59 AM IST
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लोनी के पूर्व चेयरमैन मनोज धामा
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के लोनी के पूर्व चेयरमैन सहित छह लोगों के खिलाफ अदालत ने दोबारा गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसके पहले 13 जनवरी को सभी आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया था। आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए।
पूर्व चेयरमैन मनोज धामा समेत छह आरोपियों पर आरोप है कि 2019 में एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता के अधिवक्ता व पूर्व बार सचिव परविंदर नागर ने बताया कि लोनी थाना क्षेत्र में एक महिला ने 2019 में इंद्रजीत नाम के व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।
महिला का आरोप है कि इंद्रजीत को पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का संरक्षण प्राप्त है। पीड़िता फरवरी 2019 में आरपियों की गिरफ्तारी न होने पर वह सीओ व एसएचओ के पास गई थी। इसकी भनक लगने पर पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, विकास पंवार और राहुल धामा उसी दिन महिला के घर पहुंचे।
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आरोप है कि वहां पर मनोज धामा, शोभित मलिक और दीपक धामा ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
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पूर्व चेयरमैन मनोज धामा समेत छह आरोपियों पर आरोप है कि 2019 में एक महिला ने सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पीड़िता के अधिवक्ता व पूर्व बार सचिव परविंदर नागर ने बताया कि लोनी थाना क्षेत्र में एक महिला ने 2019 में इंद्रजीत नाम के व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।
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महिला का आरोप है कि इंद्रजीत को पूर्व चेयरमैन मनोज धामा का संरक्षण प्राप्त है। पीड़िता फरवरी 2019 में आरपियों की गिरफ्तारी न होने पर वह सीओ व एसएचओ के पास गई थी। इसकी भनक लगने पर पूर्व चेयरमैन मनोज धामा, शोभित मलिक, दीपक धामा, सत्येंद्र चौहान, विकास पंवार और राहुल धामा उसी दिन महिला के घर पहुंचे।
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आरोप है कि वहां पर मनोज धामा, शोभित मलिक और दीपक धामा ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मनोज धामा समेत छह लोगों के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
मामला सत्तापक्ष के नेता से जुड़ा होने के कारण एसएसपी ने मामले की जांच महिला थाने को सौंपी थी। परविंदर नागर ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर पीड़िता को बयान के लिए अदालत में तलब किया और सभी आरोपियों के खिलाफ परिवाद दर्ज किया था।
अदालत ने पांच जनवरी को पीड़िता ने अदालत में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई थी कि आरोपियों ने समर्पण नहीं किया है, इसलिए उनके खिलाफ समन जारी किया जाए। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया था। अदालत ने सुनवाई की तारीख लगाई थी।
पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए हैं, सभी को फरार घोषित करते हुए कुर्की की कार्रवाई करने का आदेश जारी किया जाए।
अदालत ने पांच जनवरी को पीड़िता ने अदालत में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई थी कि आरोपियों ने समर्पण नहीं किया है, इसलिए उनके खिलाफ समन जारी किया जाए। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया था। अदालत ने सुनवाई की तारीख लगाई थी।
पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए हैं, सभी को फरार घोषित करते हुए कुर्की की कार्रवाई करने का आदेश जारी किया जाए।