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साइकिल नहीं, अब ई-रिक्शे पर आएगा डाकिया
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 30 Sep 2016 12:20 AM IST
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डीरेका में कल ई-रिक्शे बांटेंगे पीएम मोदी।
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अब गलियों और बाजारों में डाकिए की साइकिल की घंटी की आवाज नहीं बल्कि ई-रिक्शा का हॉर्न सुनाई देगा। डाकिए अब साइकिल से नहीं बल्कि ई-रिक्शा से डाक बांटने आएंगे। इसके लिए जल्द ही विभाग अपने डाकियों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराएगा।
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नवयुग मार्केट स्थित प्रधान डाकघर के हेड पोस्ट मास्टर जेएस बिस्ट ने बताया कि लोगों को जल्द से जल्द डाक पहुंचाने के लिए विभाग अब डाकियों को ई-रिक्शा देने जा रहा है। इससे गाजियाबाद के 75 डाकियों को लाभ मिलेगा।
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इससे न केवल डाक जल्दी पहुंचेगी बल्कि डाकियों को भी आसानी होगी। अब तक डाकिये साइकिल से ही डाक पहुंचाते आ रहे हैं। कई बार हैवी पार्सल साइकिल पर घरों तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में डाकियों की सुविधा के लिए उन्हें ई-रिक्शा दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि डाकियों को ई-रिक्शा दिए जाने की शुरुआत गुड़गांव से हो चुकी है। इसके अलावा राजस्थान के भी कुछ जनपदों में डाकियों को ई-रिक्शा दिया जा चुका है। गाजियाबाद में अभी इसका तारीख निश्चित नहीं है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही डाकियों को ई-रिक्शा का तोहफा दिया जाएगा।
बता दें कि अब तक डाकियों को विभाग की ओर से साइकिल दी जाती थी। साइकिल के मेंटेनेंस के लिए अब तक 90 रुपये प्रति माह विभाग की ओर से दिया जाता है। जेएस बिष्ट ने बताया कि ई-रिक्शा के लिए मेंटेनेंस चार्ज विभाग की ओर से दिया जाएगा, हालांकि अभी यह तय नहीं है कि यह अलाउंस कितना होगा।
डाकघरों में बनाए जाएंगे रिक्शा स्टैंड
ई-रिक्शा के लिए डाकघरों में रिक्शा स्टैंड भी बनाया जाएगा। डाकियों द्वारा रात में स्टैंड पर ही ई-रिक्शा खड़ा किया जाएगा। सुबह ड्यूटी पर आने के बाद ई-रिक्शा में ही डाक रखकर कालोनियों में डाकिए जाएंगे। ई-रिक्शा का प्रयोग प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।