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शारदीय नवरात्र कल से, मंदिरों में तैयारियां शुरू
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 30 Sep 2016 12:28 AM IST
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चिंतपूरिणी मां
- फोटो : Self
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शारदीय नवरात्र शनिवार से आरंभ हो रहा है। शनिवार को शुभ मुहूर्त में सभी देवी मंदिरों में कलश स्थापना होगी। इसके लिए शहर के सभी मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्राचीन दिल्ली गेट देवी मंदिर, डासना देवी मंदिर और घंटाघर स्थित देवी मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में तैयारियां चल रही हैं।
बाजारों में भी रौनक दिखाई दे रही है। उधर, टीएचए में मां दुर्गा शक्ति मंदिर मोहन नगर, दुर्गा शक्ति मंदिर पार्श्वनाथ, प्राचीन हनुमान मंदिर शिप्रा रिवेरा, गोपेश्वरनाथ महादेव मंदिर वैशाली, दुर्गा मंदिर वसुंधरा और काली बाड़ी मंदिर में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू की गईं हैं।
भक्तों को कतार में रखने के लिए समिति सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गईं हैं। गोपेश्वर महादेव मंदिर पुजारी देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि नवरात्र को मंदिर के लिए समिति सदस्यों को कार्यभार सौंपा जा रहा है, जिससे मंदिर में मां के दर्शन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति नहीं बने।
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वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद और इंदिरापुरम में माता रानी की मूर्ति, वस्त्र, प्रसाद, कलश, नारियल और पूजा सामग्री के साथ ही फलहारों की दुकानें सज चुकी हैं। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि सुबह कन्या लग्न और शुभ की चौघड़िया में कलश स्थापना करना शुभ होगा, लेकिन सुबह 9.00 बजे से 10.30 बजे तक राहू काल है इसलिए 9.00 से पहले कलश स्थापना करना शुभ होगा। इसके अलावा 11.47 बजे से 12.00 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा जो लोग सुबह कलश स्थापना नहीं कर पाएं वह अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह 7.12 बजे से 9.29 बजे तक कन्या लग्न
सुबह 7.30 बजे से 9.12 बजे तक शुभ की चौघड़िया है
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बाजारों में भी रौनक दिखाई दे रही है। उधर, टीएचए में मां दुर्गा शक्ति मंदिर मोहन नगर, दुर्गा शक्ति मंदिर पार्श्वनाथ, प्राचीन हनुमान मंदिर शिप्रा रिवेरा, गोपेश्वरनाथ महादेव मंदिर वैशाली, दुर्गा मंदिर वसुंधरा और काली बाड़ी मंदिर में मां के दर्शन और पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू की गईं हैं।
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भक्तों को कतार में रखने के लिए समिति सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गईं हैं। गोपेश्वर महादेव मंदिर पुजारी देवेंद्र शास्त्री ने बताया कि नवरात्र को मंदिर के लिए समिति सदस्यों को कार्यभार सौंपा जा रहा है, जिससे मंदिर में मां के दर्शन के दौरान अव्यवस्था की स्थिति नहीं बने।
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वैशाली, वसुंधरा, साहिबाबाद और इंदिरापुरम में माता रानी की मूर्ति, वस्त्र, प्रसाद, कलश, नारियल और पूजा सामग्री के साथ ही फलहारों की दुकानें सज चुकी हैं। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि सुबह कन्या लग्न और शुभ की चौघड़िया में कलश स्थापना करना शुभ होगा, लेकिन सुबह 9.00 बजे से 10.30 बजे तक राहू काल है इसलिए 9.00 से पहले कलश स्थापना करना शुभ होगा। इसके अलावा 11.47 बजे से 12.00 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा जो लोग सुबह कलश स्थापना नहीं कर पाएं वह अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना कर सकते हैं।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सुबह 7.12 बजे से 9.29 बजे तक कन्या लग्न
सुबह 7.30 बजे से 9.12 बजे तक शुभ की चौघड़िया है