{"_id":"5ff34fe98ebc3e3fb15db249","slug":"muradnagar-cremation-ground-accident-news-family-will-get-ten-million-compensation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"श्मशान घाट हादसा: परिजनों को दस-दस लाख मुआवजा, नौकरी का आश्वासन, आठ घंटे जाम रहा दिल्ली-मेरठ हाईवे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्मशान घाट हादसा: परिजनों को दस-दस लाख मुआवजा, नौकरी का आश्वासन, आठ घंटे जाम रहा दिल्ली-मेरठ हाईवे
Mon, 04 Jan 2021 10:57 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 04 Jan 2021 10:57 PM IST
विज्ञापन
सड़क पर रखे शव
- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद के मुरादनगर के श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से 24 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने मुरादनगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (ईओ) निहारिका सिंह, अवर अभियंता चंद्रपाल और सुपरवाइजर आशीष को सोमवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को जेल भेज दिया गया। श्मशान घाट में 55 लाख रुपये से घटिया सामग्री लगाकर निर्माण करने वालों के खिलाफ कमिश्नर और आईजी ने रविवार की रात में ही एफआईआर दर्ज करा दी थी। मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी फरार है। उधर मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली-मेरठ हाईवे को सुबह 8.30 से शाम साढ़े चार बजे तक जाम किए रखा।
कमिश्नर और आईजी ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी, कांशीराम आवास योजना में घर, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई और घायलों के उपचार का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही लोग हाईवे से हटे।
विज्ञापन
मुरादनगर के संगम विहार निवासी फल विक्रेता जयराम (70) का रविवार को निधन हो गया था। सुबह करीब 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा में करीब 50 लोग मुरादनगर के बंबा रोड श्मशान घाट पहुंचे। बारिश के चलते अधिकांश लोग घाट के प्रवेश द्वार पर बने 70 फुट लंबे गलियारे में खड़े थे। करीब साढ़े 11 बजे दो मिनट के मौन के दौरान गलियारे की छत गिर गई।
विज्ञापन
आरोपियों को जेल भेज दिया गया। श्मशान घाट में 55 लाख रुपये से घटिया सामग्री लगाकर निर्माण करने वालों के खिलाफ कमिश्नर और आईजी ने रविवार की रात में ही एफआईआर दर्ज करा दी थी। मुख्य आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी फरार है। उधर मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली-मेरठ हाईवे को सुबह 8.30 से शाम साढ़े चार बजे तक जाम किए रखा।
विज्ञापन
कमिश्नर और आईजी ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार नौकरी, कांशीराम आवास योजना में घर, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई और घायलों के उपचार का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ही लोग हाईवे से हटे।
विज्ञापन
मुरादनगर के संगम विहार निवासी फल विक्रेता जयराम (70) का रविवार को निधन हो गया था। सुबह करीब 11 बजे उनकी अंतिम यात्रा में करीब 50 लोग मुरादनगर के बंबा रोड श्मशान घाट पहुंचे। बारिश के चलते अधिकांश लोग घाट के प्रवेश द्वार पर बने 70 फुट लंबे गलियारे में खड़े थे। करीब साढ़े 11 बजे दो मिनट के मौन के दौरान गलियारे की छत गिर गई।
जिसमें दबकर 24 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। मामले में जयराम के बेटे दीपक की तहरीर पर पुलिस ने नगर पालिका ईओ, जेई, सुपरवाइजर, ठेकेदार व अन्य अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, सरकारी पैसे का गबन व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। मामले की लखनऊ व दिल्ली तक गूंज पहुंचने के कारण आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने रातभर दबिश दी और मंगलवार सुबह करीब सात बजे ईओ, जेई व सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर लिया गया।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जेल
यह हादसा श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से हुआ, जो हाल ही में 55 लाख की लागत से बनाया गया था। इसलिए रविवार को ही नगर पालिका मुरादनगर की ईओ, जेई ,सुपरवाइजर और ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने ईओ, जेई व सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। तीनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नेश दीप कमल आनंद की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। राजगनर में रहने वाला आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी परिवार सहित फरार है। पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो गेट पर ताला पड़ा मिला।
आक्रोशित परिजनों ने आठ घंटे जाम किया दिल्ली-मेरठ हाईवे
24 लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुरादनगर में छह शवों को रखकर दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीण पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद व आरोपियों के खिलाफ की मांग पर अड़ गए। देर शाम कमिश्नर अनीता सी मेश्राम व आईजी प्रवीण कुमार ने 10 लाख की आर्थिक मदद, परिजन को योग्यता अनुसार नौकरी, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई व घायलों को मुआवजे का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे ग्रामीणों ने जाम खोला।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जेल
यह हादसा श्मशान घाट के गलियारे की छत गिरने से हुआ, जो हाल ही में 55 लाख की लागत से बनाया गया था। इसलिए रविवार को ही नगर पालिका मुरादनगर की ईओ, जेई ,सुपरवाइजर और ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने ईओ, जेई व सुपरवाइजर को गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। तीनों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नेश दीप कमल आनंद की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। राजगनर में रहने वाला आरोपी ठेकेदार अजय त्यागी परिवार सहित फरार है। पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो गेट पर ताला पड़ा मिला।
आक्रोशित परिजनों ने आठ घंटे जाम किया दिल्ली-मेरठ हाईवे
24 लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुरादनगर में छह शवों को रखकर दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीण पीड़ित परिजनों को आर्थिक मदद व आरोपियों के खिलाफ की मांग पर अड़ गए। देर शाम कमिश्नर अनीता सी मेश्राम व आईजी प्रवीण कुमार ने 10 लाख की आर्थिक मदद, परिजन को योग्यता अनुसार नौकरी, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई व घायलों को मुआवजे का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे ग्रामीणों ने जाम खोला।