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Ghaziabad News: पीडब्ल्यूडी की जमीन पर नगर निगम के ठेकेदार ने लगाए अवैध यूनिपोल, हर महीने लाखों की चपत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2026 01:40 AM IST
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Municipal Corporation contractor erects illegal unipoles on PWD land, causing loss of lakhs every month
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रोड और जीटी रोड लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन हैं, लेकिन इन सड़कों पर नगर निगम की विज्ञापन ठेकेदार 24×7 मीडिया फर्म ने पीडब्ल्यूडी की अनुमति के बिना अवैध यूनिपोल खड़े कर विज्ञापन लगा दिए हैं। दोनों मार्गों पर 30 से अधिक अवैध यूनिपोल के जरिये हर महीने लाखों रुपये की कमाई की जा रही है। इससे न सिर्फ सरकार को राजस्व की चपत लग रही है, बल्कि हादसे का भी खतरा बना हुआ है।
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नियमानुसार, फर्म केवल नगर निगम की सड़कों पर ही यूनिपोल लगा सकती है। इसके बावजूद वर्ष 2021 से अवैध यूनिपोल का खेल जारी है। इसके लिए फर्म और नगर निगम के अधिकारी एक-दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी बिना अनुमति यूनिपोल लगाने को गलत तो मानते हैं, लेकिन फर्म के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर उन्होंने चुप्पी साध रखी है।
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नगर निगम ने मार्च 2021 में 24×7 मीडिया फर्म को विज्ञापन का ठेका दिया था। अनुबंध में स्पष्ट शर्त थी कि ठेकेदार निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं करेगा। इसके बावजूद ठेकेदार ने दिल्ली बॉर्डर से दुहाई तक करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में 20 से अधिक अवैध यूनिपोल खड़े कर दिए।
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यही हाल जीटी रोड पर मेरठ तिराहे से लेकर लाल कुआं तक व हापुड़ रोड पर भी है। यहां लगभग सात किमी की दूरी में ठेकेदार ने 10 से अधिक अवैध यूनिपोल लगा रखे हैं। नगर निगम और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी फर्म की इस मनमानी से वाकिफ हैं, लेकिन जिम्मेदारी से मुंह फेर रखा है।
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लंबे समय से उठ रहे सवाल

24×7 मीडिया फर्म पर पहले भी निर्धारित सीमा से अधिक विज्ञापन लगाने के आरोप लगते रहे हैं। शनिवार को नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। तब पार्षद राजीव शर्मा ने आरोप लगाया था कि फर्म ने निर्धारित 15 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल की जगह करीब 45 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विज्ञापन लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि शिकायतों के बावजूद निगम के विज्ञापन विभाग ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि अगर कोई एजेंसी निर्धारित सीमा से अधिक विज्ञापन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। नियमों के अनुसार, अतिरिक्त कमाई का 60-40 अनुपात में समायोजन और नुकसान की वसूली की जाती है।
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ये हैं जिम्मेदार
मेरठ-जीटी रोड पर विज्ञापन के लिए यूनिपोल लगाए जाने की हमारे विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है। विभाग की ओर से इस संबंध में नगर निगम और ठेकेदार के खिलाफ समय-समय पर नोटिस जारी किए जाते हैं। यूनिपोल हटवाने के लिए नगर निगम को फिर से पत्र लिखा जाएगा।
-रामराजा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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नगर निगम ने हमारी फर्म को विज्ञापन लगाने का ठेका दिया है। किसी और विभाग की संपत्ति पर यूनिपोल लगाने की अनुमति नगर निगम ही लेता है। हमने यूनिपोल लगाने में पूरी प्रक्रिया का पालन किया है।


-विपिन बालियान, मालिक 24x7 मीडिया
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हमने ठेकेदार को नगर निगम क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने की अनुमति दी है। अगर लोक निर्माण विभाग की जमीन पर विज्ञापन लगे हैं तो इसके लिए नगर निगम जिम्मेदार नहीं है।

-अवनिंद्र कुमार, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम
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