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मातम : फिजा में गूंजी या हुसैन की सदाएं
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गाजियाबाद। पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन की शहादत की याद में बुधवार को शहर में जगह-जगह मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस दौरान फिजा में या हुसैन की सदाएं सुनाई देती रहीं। इस्लाम नगर और नवयुग मार्केट से ताजिया निकाला गया। सुबह डासना और लोनी में भी जुलूस निकाला गया।
दोपहर में नवयुग मार्केट से शहर ताजेदार मोहम्मद रहीस अहमद के नेतृत्व में लगभग 2000 लोगों के साथ जुलूस निकला, जिसमें आठ ताजिया शामिल रहे। इस्लाम नगर इस्लामनगर इमामबाड़े से भी जुलूस निकला गया। जुलूस में सभी धर्म एवं जाति के लोगों ने हिस्सा लिया। ताजिया आलम मातम करके शिया मुसलमानों ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को याद किया। इस अवसर पर सुन्नी हजरत ने पानी की छबील का इंतजाम किया। जुलूस इस्लामनगर से निकलकर ट्रक यूनियन, नया बस अड्डा होते हुए बोंझा वाले कर्बला पहुंच कर समाप्त हुई। वहां ताजिया दफनाने के बाद शिया मुसलमानों ने अपने फांके खोलने के बाद जलपान किया। मोहम्मद अब्बास हैदर, जीशान हैदर, राहत अब्बास,डॉ. मोहसिन मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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दोपहर में नवयुग मार्केट से शहर ताजेदार मोहम्मद रहीस अहमद के नेतृत्व में लगभग 2000 लोगों के साथ जुलूस निकला, जिसमें आठ ताजिया शामिल रहे। इस्लाम नगर इस्लामनगर इमामबाड़े से भी जुलूस निकला गया। जुलूस में सभी धर्म एवं जाति के लोगों ने हिस्सा लिया। ताजिया आलम मातम करके शिया मुसलमानों ने इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को याद किया। इस अवसर पर सुन्नी हजरत ने पानी की छबील का इंतजाम किया। जुलूस इस्लामनगर से निकलकर ट्रक यूनियन, नया बस अड्डा होते हुए बोंझा वाले कर्बला पहुंच कर समाप्त हुई। वहां ताजिया दफनाने के बाद शिया मुसलमानों ने अपने फांके खोलने के बाद जलपान किया। मोहम्मद अब्बास हैदर, जीशान हैदर, राहत अब्बास,डॉ. मोहसिन मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
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