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Ghaziabad News: कुत्तों के काटने के सबसे अधिक मामले विजयनगर से, हर महीने 40 से 45 घटनाएं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 08 Sep 2023 12:55 AM IST
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Most cases of dog bites are from Vijayanagar, 40 to 45 incidents every month.
गाजियाबाद। आवारा कुत्तों का आतंक सबसे अधिक विजयनगर क्षेत्र में है। इस क्षेत्र से हर महीने 40-45 लोग कुत्तों के काटने से जख्मी हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को 76 लोगों को एआरवी लगाई गई, जिसमें 22 विजयनगर क्षेत्र के थे। एमएमजी और संयुक्त अस्पताल के अलावा मोदीनगर, मुरादनगर, डासना और लोनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 400 से 450 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाए जा रहे हैं।
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आठ महीने में जिले में 29845 लोगों को आवारा जानवरों के काटने पर एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई है। इनमें अधिकांश लोग कुत्ते के काटने से जख्मी होकर एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के फार्मासिस्ट नागेंद्र ने बताया कि रोजाना चार से पांच लोग पालतू कुत्तों के काटने पर एआरवी लगवाने के लिए आते हैं, जबकि अन्य लोग आवारा कुत्ते या बंदरों के हमलों से घायल होकर पहुंचते हैं।
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आठ महीने में 22 बच्चों को कुत्तों ने काटा
अस्पताल के सीएमएस डाॅ. मनोज चतुर्वेदी ने बताया जनवरी से अब तक 22 बच्चों को कुत्तों के काटने पर गंभीर हालत में इमरजेंसी में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। सीएमएस ने बताया कि छह महीने पहले सिद्धार्थ विहार से आई दो वर्ष की एक बच्ची के चेहरे को कुत्तों ने बुरी तरह से नोच डाला था। बच्ची के चेहरे का ऑपरेशन करना पड़ा था।
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पांच क्षेत्रों में सबसे अधिक आवारा कुत्तों का आतंक
एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में एआरवी लगवाने के लिए आने वाले घायलों में सबसे अधिक विजयनगर, सुदामापुरी, लाल कुआं, अर्थला, नंदग्राम, राहुल विहार क्षेत्र से आते हैं। वहीं, संयुक्त अस्पताल में भट्ठा नंबर पांच, गुलधर, आकाश नगर क्षेत्र से घायल आते हैं जबकि डासना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर खिचरा, पिपलेड़ा, मसूरी, डासना और रफीकाबाद क्षेत्र से घायल एआरवी लगवाने के लिए पहुंचते हैं।




एआरवी लगाने के लिए पांच स्वास्थ्य कर्मियों टीम
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. मनोज कुमार चतुर्वेदी का कहना है कि ओपीडी में प्रतिदिन 150-200 लोग एआरवी लगवाने आते हैं। इसके लिए अलग से एंटी रेबीज क्लीनिक खोला गया है। पांच स्वास्थ्यकर्मी एआरवी लगाते हैं। सीएमएस ने बताया कि खाना व पानी नहीं मिलने से कुत्ते व बंदर अधिक आक्रामक हो रहे हैं। किसी के हाथ में खाने का कोई सामान देखते ही हमला कर देते हैं।




24 घंटे एआरवी लगवाने की सुविधा
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि इस समय सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एआरवी उपलब्ध है। 24 घंटे टीकाकरण की सुविधा है। सीएमओ ने बताया कि सभी अस्पतालों में दो बजे के बाद इमरजेंसी में एआरवी लगाने की व्यवस्था है।



जनवरी से सितंबर तक एमएमजी व संयुक्त और चार सीएचसी पर एआरवी लगवाने का वालों की संख्या
माह एआरवी लगवाने पहुंचे

सितंबर (07तक) 2075
अगस्त 3474

जुलाई 2868
जून 3347
मई 3558
अप्रैल 3460
मार्च 3870

फरवरी 3760

जनवरी 3433



जानवरों के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन की खुराक
काटने के दो से चार घंटे के भीतर पहला खुराक

दूसरा खुराक तीसरे दिन

तीसरा खुराक सातवें दिन

चौथा खुराक 14 दिन बाद

पांचवीं खुराक 30 दिन बाद
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