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Ghaziabad News: निवेश के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
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इंदिरापुरम। दिल्ली के गांधी नगर में रहने वाले दीपक ठाकुर और उसके पार्टनर के साथ धोखाधड़ी हुई है। कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी होने का आरोप लगा है। कई लोगों से 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित की शिकायत पर कौशांबी थाना पुलिस ने दो नामजदों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
दीपक ठाकुर निवासी गांधी नगर दिल्ली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने दोस्त संजय वर्मा निवासी गांधी नगर दिल्ली के साथ मिलकर पिछले कई वर्षों से व्यापार कर रहे हैं। 2020 में दीपक और उनके दोस्त संजय वर्मा ने स्वास्तिक गोल्ड क्रिएशन प्रालि. के नाम से कंपनी बनाई। जो गोल्ड ट्रेडिंग में लेन देन का कार्य करने के लिए बनाई गई थी। कंपनी का ऑफिस नोएडा सेक्टर-23 में है। 2020 में उनके ऑफिस में राजीव वर्मा आया। जैसे कि अन्य ग्राहक भी आते रहते थे। राजीव वर्मा ने उनसे गोल्ड के सिक्के खरीदने के लिए बातचीत की। बातचीत के दौरान ही राजीव वर्मा उनके बिजनेस के बारे में जानकारी लेने लगा। उन्होंने अपने बिजनेस के बारे में उन्हें बताया। राजीव ने उनसे कहा कि वह भी फोरेक्स ट्रेडिंग में इनवेस्टमेंट करता है। उसके काम में काफी मुनाफा होता है। फोरेक्स ट्रेड के मुनाफे की बातें बताकर राजीव वर्मा ने उनको गोल्ड के मुनाफे की बातें बताकर गोल्ड ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। उसने बताया कि दीपक भी गोल्ड ट्रेड करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। क्योंकि गोल्ड ट्रेड में 100 गुणा मार्जिन मिल सकता है। दीपक ने राजीव की बातों को नजर अंदाज दिया तो उसने दीपक को अपने ऑफिस में बुलाने के लिए कहा। राजीव के कहने पर दीपक और उनका साथी संजय उसके वैशाली सेक्टर-1 ऑफिस में मिलने के लिए पहुंचे। ऑफिस पहुंचने पर राजीव ने उन्हें अपने कंपनी के लेने-देने व अन्य बातें बताई। उन्होंने अपने बिजनेस को लीगल बिजनेस बताया। राजीव ने उन्हें और उनके साथी को उनके बिजनेस में जुड़ने के लिए कहा। कुछ समय बाद राजीव ने संजय को फोन कर उन्हें अच्छी डील होने की जानकारी दी। राजीव ने उन्हें अपने ऑफिस नोएडा सैक्टर-63 में बुलाया। राजीव ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कुछ कागजात दिखाए। राजीव ने उनकी कंपनी से देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े-बड़े ग्राहक होने की बात कही। राजीव ने उन्हें प्रमुख कबाना कैपिटल के बारे में बताते हुए ऑनलाइन जानकारी दी। जानकारी मिलने पर उन्हें लगा कि कबाना कैपिटल बड़ा ब्रोकर है। राजीव ने धोखे से उनका खाता खुलवा लिया। उन्होंने राजीव वर्मा को करीब 70 लाख रुपये दे दिए। राजीव वर्मा ने उन्हें मुनाफे का आश्वासन दिया। उनके सारे पैसे डूब गए। राजीव वर्मा ने उनसे कहा कि पैसा कमाने की हमारे पास ऑफिशियली इंटेलीजेंस तकनीक है, जिससे 8 से 12 फीसदी महीने तक प्रोफिट कमा सकते हैं। इसके बाद राजीव वर्मा के कहने पर वह तैयार हो गए। राजीव वर्मा ने उनके ऑफिस में आकर करीब 2 लाख 40 हजार रुपये लिए। इसके बाद दीपक को करीब 9 फीसदी रुपये प्रतिमाह मिलने लगा। उन्हें लगा कि उनका मुनाफा हो रहा है। तीन महीने बाद राजीव वर्मा ने उन्हें नोएडा स्थित ऑफिस में ललित नाम के व्यक्ति से मिलवाया और कहा कि ललित बहुत बड़ा आदमी है। ललित कबाना कैपिटल के मालिक हैं। ललित ने फोन पर बड़े-बड़े एकाउंट दिखाए। उन्हें लाखों रुपये कमीशन कमाने की बात कही। ललित और राजीव ने उन्हें अपना अधिकृत एजेंट बनाने और कबाना कैपिटल ब्रोकर हाउस का पार्टनर बनाकर ब्रोकर हाउस देने की बात कही। इससे लाखों रुपये का कमीशन होने का लालच दिया। राजीव ने उन्हें बताया कि ललित ने अपने लंदन रहने वाले पार्टनर से बात कर ली है। दीपक के लिए कंपनी भी रजिस्टर्ड करवा ली है। कंपनी का नाम बिटस्ट्रीम होल्डिंग्स लिमिटेड है। राजीव ने दीपक को लालच दिया तो वह जैसा कहे वैसा कर दे, कुछ ही दिनों में इतना पैसा आएगा कि पैसा संभाल नहीं पाएंगे। राजीव ने दीपक को एकाउंट खोलने के लिए कहा। राजीव ने उन्हें बोला कि अगर वह सीधे कंपनी के खाते में पैसे जमा करेंगे तो भारत से लंदन पैसे जाने का बहुत बड़ा चार्ज कट जाएगा। इस चार्ज को बचाने के लिए दीपक राजीव के खाते में पैसा डाल दे। क्योंकि उसकी कंपनी बाहर पैसे भेजने के लिए पंजीकृत है। इसके बाद दीपक और संजय ने परिचित लोगों से संपर्क किया और कंपनी के बारे में बताया। उन्होंने कई लोगों के खाते खुलवा दिए। सभी लोगों का मुनाफा उनके बैंक में जाने लगा। 2022 में दूसरा खाता खुलवाया। हजारों लोगों ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि राजीव वर्मा द्वारा दिए गए खातों में जमा कराए गए। राजीव वर्मा ने अश्वनी नाम के एजेंट को भी ऑफिस में बैठा दिया। जो लोगों को ट्रेनिंग देता था। राजीव ने कुछ और लोगों को निवेश कराने के लिए कहा। कुछ दिनों बात राजीव वर्मा की तरफ से आने वाला पैसा बंद हो गया। राजीव ने बताया कि आरबीआई के कुछ दिशा निर्देश आए है कि फोरेक्स ट्रेडिंग कंपनी भारत में गैर कानूनी हो गई है। इस वजह से कुछ खाते बंद हो गए। जिससे काफी लोगों का पैसा अटक गया। राजीव ने बताया कि कबाना कैपिटल की किसी ग्राहक ने शिकायत की है। जिस कारण खाते बंद हो गए और ललित दुबई भाग गया। दीपक ने कहा कि राजीव ने झूठे कागजात दिखाकर उनके साथ धोखा किया है। राजीव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि एक माह के अंदर उन्हें पैसा मिल जाएगा। एक माह बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हो जाएगी। इसके बाद जिन लोगों ने पैसा लगाया है वह नोएडा स्थित ऑफिस में जाकर हंगामा करने लगे। इसके बाद दीपक के ऑफिस में भी आकर लोग तोड़फोड़ करने लगे। उन्हें धमकी मिलने लगी तो उन्होंने ऑफिस बंद कर दिया। दीपक और अन्य लोग राजीव से पैसों की मांग करने लगे। कुछ दिनों बात राजीव ने कहा कि कोई पैसा नहीं बचा है, अब उसके पास पैसों के लिए मत आना। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि राजीव वर्मा और ललित कबाना कैपिटल कंपनी के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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दीपक ठाकुर निवासी गांधी नगर दिल्ली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने दोस्त संजय वर्मा निवासी गांधी नगर दिल्ली के साथ मिलकर पिछले कई वर्षों से व्यापार कर रहे हैं। 2020 में दीपक और उनके दोस्त संजय वर्मा ने स्वास्तिक गोल्ड क्रिएशन प्रालि. के नाम से कंपनी बनाई। जो गोल्ड ट्रेडिंग में लेन देन का कार्य करने के लिए बनाई गई थी। कंपनी का ऑफिस नोएडा सेक्टर-23 में है। 2020 में उनके ऑफिस में राजीव वर्मा आया। जैसे कि अन्य ग्राहक भी आते रहते थे। राजीव वर्मा ने उनसे गोल्ड के सिक्के खरीदने के लिए बातचीत की। बातचीत के दौरान ही राजीव वर्मा उनके बिजनेस के बारे में जानकारी लेने लगा। उन्होंने अपने बिजनेस के बारे में उन्हें बताया। राजीव ने उनसे कहा कि वह भी फोरेक्स ट्रेडिंग में इनवेस्टमेंट करता है। उसके काम में काफी मुनाफा होता है। फोरेक्स ट्रेड के मुनाफे की बातें बताकर राजीव वर्मा ने उनको गोल्ड के मुनाफे की बातें बताकर गोल्ड ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। उसने बताया कि दीपक भी गोल्ड ट्रेड करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। क्योंकि गोल्ड ट्रेड में 100 गुणा मार्जिन मिल सकता है। दीपक ने राजीव की बातों को नजर अंदाज दिया तो उसने दीपक को अपने ऑफिस में बुलाने के लिए कहा। राजीव के कहने पर दीपक और उनका साथी संजय उसके वैशाली सेक्टर-1 ऑफिस में मिलने के लिए पहुंचे। ऑफिस पहुंचने पर राजीव ने उन्हें अपने कंपनी के लेने-देने व अन्य बातें बताई। उन्होंने अपने बिजनेस को लीगल बिजनेस बताया। राजीव ने उन्हें और उनके साथी को उनके बिजनेस में जुड़ने के लिए कहा। कुछ समय बाद राजीव ने संजय को फोन कर उन्हें अच्छी डील होने की जानकारी दी। राजीव ने उन्हें अपने ऑफिस नोएडा सैक्टर-63 में बुलाया। राजीव ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के कुछ कागजात दिखाए। राजीव ने उनकी कंपनी से देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े-बड़े ग्राहक होने की बात कही। राजीव ने उन्हें प्रमुख कबाना कैपिटल के बारे में बताते हुए ऑनलाइन जानकारी दी। जानकारी मिलने पर उन्हें लगा कि कबाना कैपिटल बड़ा ब्रोकर है। राजीव ने धोखे से उनका खाता खुलवा लिया। उन्होंने राजीव वर्मा को करीब 70 लाख रुपये दे दिए। राजीव वर्मा ने उन्हें मुनाफे का आश्वासन दिया। उनके सारे पैसे डूब गए। राजीव वर्मा ने उनसे कहा कि पैसा कमाने की हमारे पास ऑफिशियली इंटेलीजेंस तकनीक है, जिससे 8 से 12 फीसदी महीने तक प्रोफिट कमा सकते हैं। इसके बाद राजीव वर्मा के कहने पर वह तैयार हो गए। राजीव वर्मा ने उनके ऑफिस में आकर करीब 2 लाख 40 हजार रुपये लिए। इसके बाद दीपक को करीब 9 फीसदी रुपये प्रतिमाह मिलने लगा। उन्हें लगा कि उनका मुनाफा हो रहा है। तीन महीने बाद राजीव वर्मा ने उन्हें नोएडा स्थित ऑफिस में ललित नाम के व्यक्ति से मिलवाया और कहा कि ललित बहुत बड़ा आदमी है। ललित कबाना कैपिटल के मालिक हैं। ललित ने फोन पर बड़े-बड़े एकाउंट दिखाए। उन्हें लाखों रुपये कमीशन कमाने की बात कही। ललित और राजीव ने उन्हें अपना अधिकृत एजेंट बनाने और कबाना कैपिटल ब्रोकर हाउस का पार्टनर बनाकर ब्रोकर हाउस देने की बात कही। इससे लाखों रुपये का कमीशन होने का लालच दिया। राजीव ने उन्हें बताया कि ललित ने अपने लंदन रहने वाले पार्टनर से बात कर ली है। दीपक के लिए कंपनी भी रजिस्टर्ड करवा ली है। कंपनी का नाम बिटस्ट्रीम होल्डिंग्स लिमिटेड है। राजीव ने दीपक को लालच दिया तो वह जैसा कहे वैसा कर दे, कुछ ही दिनों में इतना पैसा आएगा कि पैसा संभाल नहीं पाएंगे। राजीव ने दीपक को एकाउंट खोलने के लिए कहा। राजीव ने उन्हें बोला कि अगर वह सीधे कंपनी के खाते में पैसे जमा करेंगे तो भारत से लंदन पैसे जाने का बहुत बड़ा चार्ज कट जाएगा। इस चार्ज को बचाने के लिए दीपक राजीव के खाते में पैसा डाल दे। क्योंकि उसकी कंपनी बाहर पैसे भेजने के लिए पंजीकृत है। इसके बाद दीपक और संजय ने परिचित लोगों से संपर्क किया और कंपनी के बारे में बताया। उन्होंने कई लोगों के खाते खुलवा दिए। सभी लोगों का मुनाफा उनके बैंक में जाने लगा। 2022 में दूसरा खाता खुलवाया। हजारों लोगों ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि राजीव वर्मा द्वारा दिए गए खातों में जमा कराए गए। राजीव वर्मा ने अश्वनी नाम के एजेंट को भी ऑफिस में बैठा दिया। जो लोगों को ट्रेनिंग देता था। राजीव ने कुछ और लोगों को निवेश कराने के लिए कहा। कुछ दिनों बात राजीव वर्मा की तरफ से आने वाला पैसा बंद हो गया। राजीव ने बताया कि आरबीआई के कुछ दिशा निर्देश आए है कि फोरेक्स ट्रेडिंग कंपनी भारत में गैर कानूनी हो गई है। इस वजह से कुछ खाते बंद हो गए। जिससे काफी लोगों का पैसा अटक गया। राजीव ने बताया कि कबाना कैपिटल की किसी ग्राहक ने शिकायत की है। जिस कारण खाते बंद हो गए और ललित दुबई भाग गया। दीपक ने कहा कि राजीव ने झूठे कागजात दिखाकर उनके साथ धोखा किया है। राजीव ने उन्हें भरोसा दिलाया कि एक माह के अंदर उन्हें पैसा मिल जाएगा। एक माह बाद ट्रेडिंग फिर से शुरू हो जाएगी। इसके बाद जिन लोगों ने पैसा लगाया है वह नोएडा स्थित ऑफिस में जाकर हंगामा करने लगे। इसके बाद दीपक के ऑफिस में भी आकर लोग तोड़फोड़ करने लगे। उन्हें धमकी मिलने लगी तो उन्होंने ऑफिस बंद कर दिया। दीपक और अन्य लोग राजीव से पैसों की मांग करने लगे। कुछ दिनों बात राजीव ने कहा कि कोई पैसा नहीं बचा है, अब उसके पास पैसों के लिए मत आना। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि राजीव वर्मा और ललित कबाना कैपिटल कंपनी के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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