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शादी समारोह पर पड़ा मोदी के फैसले का असर
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 09 Nov 2016 10:50 PM IST
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शहर में देवोत्थान एकादशी के अबुझ साये पर हजारों शादियां होंगी। 11 नवंबर के अबुझ साये के दिन के लिए तीन चार महीने पहले से बैंक्टवेट हॉल, फार्म हाउस आदि की एडवांस बुकिंग थी। जिनके घरों में 11 को शादियां थीं तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन अचानक पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के फैसले के बाद परेशानियां बढ़ गई हैं।
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कहीं टेंट और केटरिंग वाले मोलभाव करने लगे हैं, तो कहीं छिटपुट सामानों की खरीदारी में परेशानी आ रही है।कैटरिंग सहित बैंक्वेट हॉल वालों ने बढ़ाए दामइसको लेकर ब्लैकमेलिंग भी शुरू हो गई है। पटेलनगर निवासी आयूष जिनकी शादी 11 नवंबर को है,
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उन्होंने बताया कि कैटरिंग, टेंट और बैंक्वेट हॉल आदि वालों ने पुराने नोट लेने के बदले इनके रेट 25 फीसदी बढ़ा दिए हैं नहीं तो पेमेंट सौ-सौ के नोटों की शक्ल में मांग रहे हैं।
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दो दिन बचे हैं और सभी पेमेंट बाकीमोदीनगर के रहने वाले अनुज शर्मा ने बताया कि छोटे भाई की शादी है और सिर्फ दो दिन बचे हैं। अधिकतर चीजों की पेमेंट बाकी है।
जयमाला, फूलों, सब्जियां, गाड़ी की सजावट आदि का काम सब पेंडिंग पड़ा है। इसका पेमेंट कैसे होगा इसकी सबसे बड़ी चिंता है। अभी तो सभी रिश्तेदारों से पैसों का जुगाड़ किया जा रहा है।जनपद में होंगी पांच हजार शादियांपिछले र्मई महीने से शादियों के शुभ साये कम होने के कारण इस बार देवोत्थान एकादशी पर हजारों शादियां हैं।
सभी बैंक्वेट हॉल,फार्म हाउस, मैरिज हॉल, सामुदायिक भवन और पार्क आदि हाउसफुल हैं। पंडितों की भी एडवांस बुकिंग हो चुकी है। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि देवोत्थान एकादशी का अबुझ साया होता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है।