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Ghaziabad News: इंटरनेट से नंबर लेकर किया कॉल खाते से निकाले 9.47 लाख रुपये
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- समस्या का समाधान कराने के नाम पर ली खाते की डिटेल और निकाल ली रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। चेक क्लियर नहीं होने पर इंटरनेट से नंबर निकालकर कॉल करके मदद मांगना सिद्धार्थ विहार के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने मदद करने के नाम पर उनके खाते की जानकारी लेकर उनके खाते से 9.47 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने एजेंसी में कार लेने के लिए यूनियन बैंक का चेक दिया था। चार दिनों में भी चेक क्लियर नहीं हुए तो उन्होंने जानकारी लेने के लिए इंटरनेट से बैंक का कस्टमर केयर नंबर लेकर कॉल की। कॉल करने के बाद उन्हें एक लिंक भेजा गया और उसमें अकाउंट की डिटेल के साथ डेबिट कार्ड की डिटेल भी डलवाई गई। उन्होंने यह सभी जानकारी 30 मार्च को दी थी। एक दिन के बाद उनके खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। करीब 10 बार में उनके खाते से 9.47 लाख निकल गए। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का कहना है कि ठगों की तलाश के लिए टीम लगी हैं। जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है उनकी भी जानकारी निकाली जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। चेक क्लियर नहीं होने पर इंटरनेट से नंबर निकालकर कॉल करके मदद मांगना सिद्धार्थ विहार के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने मदद करने के नाम पर उनके खाते की जानकारी लेकर उनके खाते से 9.47 लाख रुपये निकाल लिए। मामले में उन्होंने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने एजेंसी में कार लेने के लिए यूनियन बैंक का चेक दिया था। चार दिनों में भी चेक क्लियर नहीं हुए तो उन्होंने जानकारी लेने के लिए इंटरनेट से बैंक का कस्टमर केयर नंबर लेकर कॉल की। कॉल करने के बाद उन्हें एक लिंक भेजा गया और उसमें अकाउंट की डिटेल के साथ डेबिट कार्ड की डिटेल भी डलवाई गई। उन्होंने यह सभी जानकारी 30 मार्च को दी थी। एक दिन के बाद उनके खाते से रुपये निकलने शुरू हो गए। करीब 10 बार में उनके खाते से 9.47 लाख निकल गए। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद का कहना है कि ठगों की तलाश के लिए टीम लगी हैं। जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है उनकी भी जानकारी निकाली जा रही है।
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