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Ghaziabad News: नीचे लटके असुरक्षित जर्जर हाईटेंशन तार बन रहे जान का खतरा
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खुर्जा। क्षेत्र में जर्जर और बिना सुरक्षा के लटकी हाईटेंशन लाइनें हादसों का कारण बनती जा रही हैं। शनिवार को ऐसे ही एक तार टूटकर गिरने से 14 वर्षीय कक्षा नौवीं के छात्र अभय की जान चली गई। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद ऊर्जा निगम की ओर से कोई सुधार नहीं किया जा रहा।
क्षेत्र में जगह-जगह जर्जर हाईटेंशन लाइनें लटकी हुई हैं या जर्जर पड़ी हैं। इसके बावजूद ऊर्जा निगम की ओर से कोई सुधार नहीं किया जा रहा। जबकि हर साल शासन की ओर से निगम को करोड़ों रुपये का बजट पास होता है, जिसमें लाइन को बदलने, नई लाइन लगाने और मरम्मत कार्य शामिल रहते हैं। इसके बावजूद निगम की ओर से कोई विशेष कार्रवाई नहीं की जा रही है।
खुर्जा में जीटी रोड, मंदिर मार्ग, किला गांव मार्ग और अन्य जगहों पर हाईटेंशन लाइनें जर्जर पड़ी हैं। वहीं कुछ जगह पर 11 हजार व 33 हजार केवी क्षमता वाली हाईटेंशन लाइनें जमीन से 20 फुट नीचे लटकी हैं, जबकि मानक के अनुसार उनकी ऊंचाई लगभग 40 फीट होनी चाहिए। फिर भी ऊर्जा निगम की ओर से इसको लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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ऐसी लापरवाही के चलते लगातार हाईटेंशन तार गिरने और लोगों के झुलसने के मामले सामने आ रहे हैं। एसडीओ नगर अविनाश चौधरी का कहना है कि जगह-जगह हाईटेंशन तार के नीचे जाल लगाए जा रहे हैं। जर्जर हाईटेंशन तार पहले ही बदल दिए गए थे।
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हाल ही में हाईटेंशन तार से हुईं घटनाएं
- 12 जुलाई को खुर्जा के बुर्ज उस्मान मोहल्ले में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दादा-पोते की मौत।
- 5 अगस्त को हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से मासूम भाई बहन झुलस गए थे।
- 16 अगस्त को जहांगीरपुर के परौरी गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत।
- 17 सितंबर को पहासू के लालनेर गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मासूम बच्ची झुलस गई थी।
- 23 सितंबर को पहासू के अमरपुर गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से फौजी विल्सन की मौत हो गई थी।
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क्षेत्र में जगह-जगह जर्जर हाईटेंशन लाइनें लटकी हुई हैं या जर्जर पड़ी हैं। इसके बावजूद ऊर्जा निगम की ओर से कोई सुधार नहीं किया जा रहा। जबकि हर साल शासन की ओर से निगम को करोड़ों रुपये का बजट पास होता है, जिसमें लाइन को बदलने, नई लाइन लगाने और मरम्मत कार्य शामिल रहते हैं। इसके बावजूद निगम की ओर से कोई विशेष कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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खुर्जा में जीटी रोड, मंदिर मार्ग, किला गांव मार्ग और अन्य जगहों पर हाईटेंशन लाइनें जर्जर पड़ी हैं। वहीं कुछ जगह पर 11 हजार व 33 हजार केवी क्षमता वाली हाईटेंशन लाइनें जमीन से 20 फुट नीचे लटकी हैं, जबकि मानक के अनुसार उनकी ऊंचाई लगभग 40 फीट होनी चाहिए। फिर भी ऊर्जा निगम की ओर से इसको लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
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ऐसी लापरवाही के चलते लगातार हाईटेंशन तार गिरने और लोगों के झुलसने के मामले सामने आ रहे हैं। एसडीओ नगर अविनाश चौधरी का कहना है कि जगह-जगह हाईटेंशन तार के नीचे जाल लगाए जा रहे हैं। जर्जर हाईटेंशन तार पहले ही बदल दिए गए थे।
हाल ही में हाईटेंशन तार से हुईं घटनाएं
- 12 जुलाई को खुर्जा के बुर्ज उस्मान मोहल्ले में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से दादा-पोते की मौत।
- 5 अगस्त को हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से मासूम भाई बहन झुलस गए थे।
- 16 अगस्त को जहांगीरपुर के परौरी गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक की मौत।
- 17 सितंबर को पहासू के लालनेर गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मासूम बच्ची झुलस गई थी।
- 23 सितंबर को पहासू के अमरपुर गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से फौजी विल्सन की मौत हो गई थी।