{"_id":"5829f3ff4f1c1b59368fe25c","slug":"left-out-of-the-houses-markets-parking-will-stand-in-vehicles","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों के बाहर छूट, बाजारों में पार्किंग में ही खड़े होंगे वाहन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों के बाहर छूट, बाजारों में पार्किंग में ही खड़े होंगे वाहन
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 14 Nov 2016 10:57 PM IST
विज्ञापन
parking
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल्द ही आप बाजार में अपने वाहन को जहां-तहां खड़ा नहीं कर पाएंगे। नगर निगम शहर में नई पार्किंग पॉलिसी लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत सिर्फ आवासीय कालोनियों में ही लोग अपने घरों के बाहर वाहन खड़ा कर सकेंगे।बाजारों में पार्किंग स्थल के अलावा कहीं और कार या अन्य वाहनों को खड़ा करने पर जुर्माना देना पड़ सकता है।
विज्ञापन
हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश शासन ने यूपी के सभी निकायों के लिए पार्किंग पॉलिसी पास की थी। इसका गजट नोटिफिकेशन भी हो चुका है। इसके आधार पर अब नगर निगम ने अपने शहर केे मुताबिक पॉलिसी तैयार की है। इस पॉलिसी में पार्किंग स्थल तैयार कर उन्हें कांट्रेक्ट पर दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
कोई भी व्यक्ति निगम की ओर से चिह्नित स्थल के अलावा सड़क, सड़क पटरी, फुटपाथ या अन्य सार्वजनिक स्थल पर वाहन खड़ा नहीं कर सकेगा। निगम पार्कों के नीचे भी पार्किंग स्थल बनाए जा सकेंगे, शर्त यह होगी कि 90 फीसदी भाग पर भूतल में ग्रीन एरिया रहेगा और उसका मेंटेनेंस भी कराया जाएगा। फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की व्यवस्था की जा सकेगी।
विज्ञापन
इस पॉलिसी में विकास प्राधिकरण व अन्य कालोनी डेवलपर्स की ओर से विकास की योजना बनाई जाएगी तो उसमें पार्किंग का इंतजाम करना होगा। रेलवे स्टेशन, स्कूल, कालेज, होटल्स, कारखानों, अस्पतालों व अन्य कामर्शियल भवनों के पास निगम से अनुमति लेने के बाद ही पार्किंग की जा सकेगी।
नगर निगम किसी विशेष वार्ड, क्षेत्र को नो पार्किंग जोन भी घोषित कर सकता है। हालांकि रिहाइशी इलाकों में निगम ने कोई खास प्रतिबंध नहीं लगाए हैं।पार्किंग का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। सदन से इसे स्वीकृति मिलने के बाद जनता से आपत्तियां मांगी जाएंगी।
इनका निस्तारण कराकर गजट नोटिफिकेशन कराया जाएगा। इसके बाद शहर में पार्किंग नीति लागू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि दो-तीन महीनों में यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त