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Ghaziabad News: एक हजार से ज्यादा लोगों के जारी नहीं हो पा रहे लर्निंग लाइसेंस
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गाजियाबाद। जिले के एक हजार से ज्यादा आवेदनकर्ता बार-बार प्रयास के बावजूद अपना लर्निंग लाइसेंस जारी कराने के लिए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
इन लोगों ने निर्धारित 350 रुपये शुल्क जमा करके अपना पंजीकरण भी करा दिया है। बीते एक सप्ताह में एआरटीओ कार्यालय में इसकी 100 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं। इसके बावजूद लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। घूकना मोड़ निवासी श्वेता ने बताया कि उन्होंने दो सप्ताह पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसकी रसीद भी मिल गई लेकिन आज तक इसके टेस्ट की प्रक्रिया पोर्टल की समस्या की वजह से पूरी नहीं हो सकी।
महेंद्रा एन्कलेव निवासी दिव्या ने बताया कि बार-बार प्रयास के बावजूद टेस्ट नहीं होने से साफ हो गया है कि विभाग ने किस तरीके से फेसलैस की सुविधा की हुई है। यदि ऐसे ही व्यवस्था चलनी है तो घर बैठे लाइसेंस जारी होने के दावे को नहीं करना चाहिए।
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गाजियाबाद के संभागीय निरीक्षक मोटरयान विपिन कुमार ने बताया कि पोर्टल में चल रही समस्या को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। समस्या का समाधान जल्द होगा। यदि किसी को तकनीकी रूप से कोई समस्या लगातार आ रही है तो वह संभागीय परिवहन कार्यालय के सारथी सभागार में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आरटीओ कार्यालय में रोजाना परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए 150 आवेदन आते हैं। इसलिए माना जाता है कि लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने वालों की संख्या भी उतनी ही है।
हालांकि इन आवेदकों में आधे लोग ही टेस्ट की प्रक्रिया में पास हो पाते हैं। शेष को दोबारा टेस्ट देने के लिए बुलाया जाएगा।
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इन लोगों ने निर्धारित 350 रुपये शुल्क जमा करके अपना पंजीकरण भी करा दिया है। बीते एक सप्ताह में एआरटीओ कार्यालय में इसकी 100 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं। इसके बावजूद लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। घूकना मोड़ निवासी श्वेता ने बताया कि उन्होंने दो सप्ताह पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया था। इसकी रसीद भी मिल गई लेकिन आज तक इसके टेस्ट की प्रक्रिया पोर्टल की समस्या की वजह से पूरी नहीं हो सकी।
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महेंद्रा एन्कलेव निवासी दिव्या ने बताया कि बार-बार प्रयास के बावजूद टेस्ट नहीं होने से साफ हो गया है कि विभाग ने किस तरीके से फेसलैस की सुविधा की हुई है। यदि ऐसे ही व्यवस्था चलनी है तो घर बैठे लाइसेंस जारी होने के दावे को नहीं करना चाहिए।
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गाजियाबाद के संभागीय निरीक्षक मोटरयान विपिन कुमार ने बताया कि पोर्टल में चल रही समस्या को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। समस्या का समाधान जल्द होगा। यदि किसी को तकनीकी रूप से कोई समस्या लगातार आ रही है तो वह संभागीय परिवहन कार्यालय के सारथी सभागार में आकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आरटीओ कार्यालय में रोजाना परमानेंट लाइसेंस बनवाने के लिए 150 आवेदन आते हैं। इसलिए माना जाता है कि लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन करने वालों की संख्या भी उतनी ही है।
हालांकि इन आवेदकों में आधे लोग ही टेस्ट की प्रक्रिया में पास हो पाते हैं। शेष को दोबारा टेस्ट देने के लिए बुलाया जाएगा।