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Ghaziabad News: लूट गिरोह का सरगना निकला अधिवक्ता, तीन गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 12:25 AM IST
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Leader of robbery gang turns out to be an advocate, three arrested
साहिबाबाद। वकालत ठीक न चलने पर दिल्ली 93 नंदनगरी स्थित बी-4 निवासी अधिवक्ता बलराम चेन लुटेरा बन गया। दिन में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करने के बाद रात में इलाके के ही रहने वाले साथी शशि के साथ चेन लूटने लगा। इसके लिए अधिवक्ता अपनी ही बाइक का इस्तेमाल करता था लेकिन वारदात के समय नंबर प्लेट हटा देता था। गिरोह का सरगना भी अधिवक्ता बताया गया है। उसके अलावा चेन खरीदने वाला सराफ और एक अन्य साथी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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वैशाली पुलिया के पास पुलिस टीम ने गिरोह को दबोच लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने गाजियाबाद के अंकुर बिहार निवासी रवि सोनी नाम के सराफ को भी गिरफ्तार किया है। सराफ अधिवक्ता से लूटे गए जेवरात खरीदकर उन्हें गलाने का काम करता था। एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी अधिवक्ता बलराम ने पूछताछ में लॉ ग्रेजुएट करने के बाद दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में प्रैक्टिस करने और शाहदरा में अधिवक्ता पंजीकरण होने की बात कही है। बलराम ने करीब दो साल पहले किस्तों पर बाइक खरीदी थी। वारदात के दौरान बाइक बलराम का साथी शशि चलाता था और अधिवक्ता खुद पीछे बैठकर महिलाओं के गले से चेन खींचता था। इसके बाद दोनों लोनी बॉर्डर स्थित सराफ रवि सोनी की दुकान पर जाते थे। यहां 40 प्रतिशत कमीशन पर माल को बेचते थे।
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कुल माल की कीमत का 60 प्रतिशत हिस्सा आरोपी रखते थे। सराफ जेवरातों को गलाने का काम करता था। सराफ खुद भी बीकॉम कर चुका है। एसीपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने ट्रांस हिंडन के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 20-25 चेन लूट करने की बात स्वीकार की है। उनके पास से एक चेन और 32,900 रुपये की नकदी भी बरामद हुई है।
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रोज नहीं करते वारदात, महिलाएं होती थी निशाना
पुलिस की पूछताछ में बलराम ने बताया कि हर रोज वारदात के लिए वह लोग नहीं निकलते थे। एक दिन लूट करने के बाद कम से कम दो दिन का अंतर रखते थे। आमतौर पर नंबर प्लेट लगे होने की वजह से वह पुलिस चेकिंग में कभी नहीं पकड़ा गया। एसीपी ने बताया कि कई बार पुलिस चेकिंग के दौरान आरोपी ने अधिवक्ता कार्ड का भी इस्तेमाल किया।



कोरोना के बाद से ठीक नहीं चल रही थी वकालत
चेन लुटेरा बने अधिवक्ता बलराम ने बताया कि कोरोना काल के बाद से उसकी वकालत ठीक नहीं चल रही थी। परिवार में माता-पिता और पत्नी हैं। बताया कि साल 2022 में उसके भाई की भी मौत हो गई थी, तब से दिक्कतें और भी बढ़ गईं। बताया कि कई बार उसके पास चेन और मोबाइल लुटेरे जमानत कराने के लिए आते थे। जमानत के बाद भी वह उनके संपर्क में रहते थे। उनसे बातचीत भी होती रहती थी। पुलिस का अंदेशा है कि लुटेरों से बातचीत करके ही आरोपी ने लूट करने के तरीके और बारीकियों को सीखा।
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