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Ghaziabad News: वकीलों ने सीएम, डीजीपी और प्रमुख सचिव का फूंका पुतला
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गाजियाबाद। हापुड़ में वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गाजियाबाद कचहरी परिसर में आंदोलनरत वकीलों ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव का पुतला फूंका। वहीं, मुख्यमंत्री का पुतला फूंके जाने की घटना का बार अध्यक्ष राकेश कैली ने निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान वकीलों की ड्रेस में कुछ अराजक तत्व घुस गए और मुख्यमंत्री का पुतला फूंक दिया। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक हापुड़ के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक का तबादला और दोषी पुलिसकमियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। बार अध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि 25 अगस्त को अधिवक्ता प्रियंका त्यागी की हापुड़ में एक पुलिसकर्मी के साथ नोकझोंक हो गई थी। इस मामले में हापुड़ कोतवाली पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई करते हुए अधिवक्ता प्रियंका त्यागी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके विरोध में वकीलों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे वकीलों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था, जिसमें गाजियाबाद और हापुड़ के कई वकील घायल हो गए थे। पूर्व बार अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक ने मांग किया कि लाठीचार्ज के दौरान घायल हुए वकीलों को मुआवजा दिया जाए। प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में बार एसोसिएशन के सचिव स्नेह त्यागी, पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र कौशिक, पूर्व सचिव नितिन यादव, पूर्व सचिव दीपक शर्मा, पूर्व सचिव विजय गौड़, अशोक चौधरी, प्रमोद शर्मा, चंचल गुप्ता, पूनम शर्मा, नितिन चंदेला, सुमित चौधरी, अजय तोमर, सोमपाल सिंह मौजूद रहे।
नहीं मिली तारीख
वकीलों की हड़ताल के कारण अदालतों में कामकाज ठप रहा। वादकारियों को बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा। वकीलों के उग्र आंदोलन को देखते हुए कई वादकारी बिना तारीख के ही वापस लौट गए। जानलेवा हमले के मुकदमे की पैरवी करने आए राजेंद्रनगर के शाबाज ने बताया कि वकीलों ने अदालत में जाने नहीं दिया, इसलिए बिना तारीख के ही वापस लौटना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान नहीं दिखी पुलिस
प्रदर्शन के दौरान कचहरी परिसर में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। हवालात और पुलिस चौकी पर भी ताला बंद था। हालांकि एलआईयू सब इंस्पेक्टर विमलेश अपनी टीम सहित मौजूद थीं। एलआईयू ने अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन का मुआयना कर शांति व्यवस्था की जानकारी ली। कचहरी में तैनात पुलिसकर्मी एक समूह के रूप में परिसर के बाहर खड़े रहे।
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नहीं मिली तारीख
वकीलों की हड़ताल के कारण अदालतों में कामकाज ठप रहा। वादकारियों को बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा। वकीलों के उग्र आंदोलन को देखते हुए कई वादकारी बिना तारीख के ही वापस लौट गए। जानलेवा हमले के मुकदमे की पैरवी करने आए राजेंद्रनगर के शाबाज ने बताया कि वकीलों ने अदालत में जाने नहीं दिया, इसलिए बिना तारीख के ही वापस लौटना पड़ा।
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प्रदर्शन के दौरान नहीं दिखी पुलिस
प्रदर्शन के दौरान कचहरी परिसर में एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। हवालात और पुलिस चौकी पर भी ताला बंद था। हालांकि एलआईयू सब इंस्पेक्टर विमलेश अपनी टीम सहित मौजूद थीं। एलआईयू ने अधिवक्ताओं के धरना प्रदर्शन का मुआयना कर शांति व्यवस्था की जानकारी ली। कचहरी में तैनात पुलिसकर्मी एक समूह के रूप में परिसर के बाहर खड़े रहे।
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