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Ghaziabad News: ग्रामसभा की भूमि बेचकर 48 लाख की धोखाधड़ी का आरोप
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इंदिरापुरम। इंदिरापुरम पुलिस ने ग्राम सभा की भूमि बेचकर 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में भजनलाल गौतम, राजेश और यशपाल गौतम के खिलाफ मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर ग्राम सभा की जमीन को अपना बताया और उनसे धोखाधड़ी की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इंदिरापुरम निवासी पीड़ित विजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भजनलाल गौतम, राजेश और यशपाल गौतम ने उन्हें कनावनी में 600 वर्गगज भूमि का सौदा हुआ। भूमि को अपना बताते हुए वैध कहा। उनका आरोप है कि किसी ने भूमि के बारे में बताया कि वह ग्राम सभा की है। तहसील जाकर जांच की गई तो जानकारी सही निकली। उक्त भूमि वाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
आरोपियों ने दस्तावेजों में जालसाजी करके उसे अपने नाम दिखाया और फिर धोखाधड़ी से उनसे 48 लाख रुपये हड़प लिए। उन्होंंने आरोपियों को तीन मई 2019 में 20 लाख रुपये नकद दिए और एक विक्रय अनुबंध किया। इसके बाद में 22 जनवरी 2020 को आठ लाख रुपये दिए गए और इसके बाद एक और विक्रय अभिलेख पंजीकृत कराया गया। लंबे विवाद के बाद आरोपियों ने अपनी गलती मानी और 11 अप्रैल 2024 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत उन्हें कुल 48 लाख रुपये लौटाने पर सहमति बनी, जिसमें मूलधन और ब्याज शामिल था लेकिन लौटाए नहीं। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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इंदिरापुरम निवासी पीड़ित विजय कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि भजनलाल गौतम, राजेश और यशपाल गौतम ने उन्हें कनावनी में 600 वर्गगज भूमि का सौदा हुआ। भूमि को अपना बताते हुए वैध कहा। उनका आरोप है कि किसी ने भूमि के बारे में बताया कि वह ग्राम सभा की है। तहसील जाकर जांच की गई तो जानकारी सही निकली। उक्त भूमि वाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
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आरोपियों ने दस्तावेजों में जालसाजी करके उसे अपने नाम दिखाया और फिर धोखाधड़ी से उनसे 48 लाख रुपये हड़प लिए। उन्होंंने आरोपियों को तीन मई 2019 में 20 लाख रुपये नकद दिए और एक विक्रय अनुबंध किया। इसके बाद में 22 जनवरी 2020 को आठ लाख रुपये दिए गए और इसके बाद एक और विक्रय अभिलेख पंजीकृत कराया गया। लंबे विवाद के बाद आरोपियों ने अपनी गलती मानी और 11 अप्रैल 2024 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत उन्हें कुल 48 लाख रुपये लौटाने पर सहमति बनी, जिसमें मूलधन और ब्याज शामिल था लेकिन लौटाए नहीं। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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