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बिना पैर काटे छात्र के पैर से निकाला ट्यूमर
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बिना पैर काटे छात्र के पैर से निकाला ट्यूमर - मैक्स अस्पताल में छात्र का सफलतापूर्वक किया गया इलाज माई सिटी रिपोर्टर
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साहिबाबाद। वैशाली स्थित मैक्स अस्पताल में बिना पैर काटे ट्यूमर को बाहर निकाला गया। सफल सर्जरी के बाद अगले दिन ही छात्र अपने पैरों की मदद से चल सका। रायपुर के रहने वाले 21 वर्षीय आयुष के पैर की हड्डी में कैंसर था। जांच में सामने आया कि वह ओस्टिओसर्कोमा से ग्रस्त था। इस कैंसर में घुटने और टखने को जोड़ने वाली हड्डी के ऊपरी भाग में अपरिपक्व हड्डी विकसित होने लगती है। आयूष का इलाज कीमोथेरेपी के साथ शुरू किया गया था। पैर को काटने की बात को सुनकर आयूष और उसका परिवार पूरी तरह निराश हो चुका था। जिसके बाद उन्होंने वैशाली के मैक्स अस्पताल में डा. विवेक वर्मा से संपर्क किया। जिन्होंने आयूष के परिवार को आश्वासन दिया कि लिंब सेविंग सर्जरी की मदद से पैर को बिना काटे इलाज संभव है। डॉक्टर वर्मा ने न सिर्फ ट्यूमर को बाहर किया बल्कि सभी प्रभावित मांसपेशियों को भी निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने रिकंस्ट्रक्शन की प्रक्रिया की जिसके लिए उन्होंने ट्यूमर प्रोथेसिस का इस्तेमाल किया। अगले दिन से आयूष ने अपने पैरों के सहारे चलना शुरू कर दिया। काफी जद्दोजहद के बाद रायपुर से दिल्ली पहुंचे आयूष
आयूष को रायपुर से दिल्ली तक ले जाना काफी मुश्किल रहा। पूरा देश लॉकडाउन में होने के कारण उन्हें कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं मिल रहा था। इसके बाद उन्होंने अपने क्षेत्र के डीएम से इजाज़त ली जिसके बाद उन्हें प्राइवेट वाहन से जाने की इजाज़त मिल तो गई लेकिन केवल एक अटेंडेंट के साथ। गाड़ी में कोई तीसरा व्यक्ति सफर नहीं कर सकता था।
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