माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। लॉकडाउन अवधि के दौरान 3 महीने की फीस माफी को लेकर मांग कर रहे अभिभावकों की सरकार प्रशासन और स्कूलों ने एक नहीं सुनी । इसके विरोध में लगातार धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल से लेकर ऑनलाइन मीटिंग हुई, लेकिन सरकार और स्कूलों ने बच्चों की फीस माफ नहीं की। इसके विरोध में गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में बुधवार को हापुड़ चुंगी पर मानव श्रृंखला बनाकर अभिभावक विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह आंदोलन किसी न किसी रूप में जारी रहेगा। गाजियबाद पेरेंट्स एसोसिशन द्वारा 22 जुलाई को शासन एवं प्रशासन का स्कूलों के प्रति सुस्त एवं ढुल-मूल रवैये अपनाने, स्कूलों का सरकार के आदेशों की अवहेलन करना एवं एक तिमाही फ़ीस माफ़ी जैसे तमाम मुद्दों को लेकर अभिभावक मानव -श्रृंखला बनाकर अपना विरोध सरकार के सामने दर्ज कराएंगे । जिला मीडिया प्रभारी विवेक त्यागी ने बताया कि 22 जुलाई को सुबह 10.30 बजें हापुड़- चुंगी पर सभी पदाधिकारी एवं अभिभावक एकत्रित होंगे। कोविड-19 और इस पेंडिमिक हालात में जब प्रत्येक वर्ग इससे पीड़ित है अपनी रोज़गार, काम-धंधे और नौकरी छूट जाने के कारण परेशान हैं, जिसमें एक तबका अभिभावकों का भी आता है। जो लगातार शासन, प्रशसान और सरकार के समक्ष इस पेंडमिक समय में एक तिमाही फ़ीस माफ़ी की अपील कर रहा है। जिस पर सरकार ने अपनी तऱफ से मौन धारण कर के प्रमुख सचिव द्वारा माफ़ी न देते हुए सक्षम अभिभावकों को फ़ीस करने का आदेश जारी कर दिया । स्कूलों को पेरेंट्स पर फीस न देने की स्तिथि में दबाव न बनाने का आदेश देकर अभिभावकों को उनके हाल पर छोड़ दिया है, लेकिन न तो सरकार और न ही शासन के लोग इस तरफ़ कोई ध्यान दे रहे है। उन्होंने कहा कि स्कूल सरकार के आदेश को फ़ॉलो नहीं कर रहे हैं और अपनी मनमानी चला रहे हैं । स्कूलों द्वारा अभिभावकों को सक्षम न होने का प्रूफ दिखाने के लिये बाध्य किया जा रहा है। फ़ीस न देने की स्तिथि में बच्चों के नाम तक काटे जा रहे है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की मनमानी के विरोध में भूख हड़ताल की गई थी । इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट ने स्कूल फेडरेशन और एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। उसमें निर्णय लिया गया था की स्कूल अभिभावक की फीस जमा करने पर नाम नहीं काटेंगे और ऑनलाइन कक्षा से वंचित नहीं करेंगे । बावजूद उसके स्कूल मनमानी कर रहे हैं और बच्चों के नाम काटने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इस सब के चलते गाजियबाद पेरेंट्स ने 22 जुलाई को सुबह 10.30 बजें हापुड़ चुंगी से एक शांतिपूर्ण तरीके औऱ सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते हुए फ़ीस माफ़ी मानव-श्रंखला का आयोजन करेगा। इसके लिए ऑनलाइन सर्वे के माध्यम से अभिभावकों को जोड़ा गया और उनसे मानव श्रृंखला में भाग लेने की अपील की गई । उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार और प्रशासन हमारी मांग पूरी नहीं करेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।