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किसान आंदोलन: तमिल-बंगाली में भी डब होगा टिकैत के आंसुओं वाले भाषण की वीडियो, आंदोलन को देश के कोने-कोने में पहुंचाने की तैयारी की
Thu, 25 Feb 2021 09:46 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 25 Feb 2021 09:46 AM IST
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रोते हुए राकेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन का दायरा देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने नई रणनीति तैयार की है। इसमें आंदोलन को हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, अंग्रेजी, गुजराती, हरियाणवी, मराठी समेत अन्य भाषाओं में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया जाएगा।
कमेटी ने इसके लिए दस एक्सपर्ट सदस्यों की टीम भी तैयार कर ली है। टीम ने सबसे पहले 28 जनवरी की रात राकेश टिकैत की आंखों से निकले आंसू की वीडियो को अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में डब करने के लिए चुना है। उस पर काम चल रहा है।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि किसान आंदोलन देश के हर राज्यों तक पहुंच चुका है। दिन-प्रतिदिन गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होकर दूसरे राज्यों के किसान समर्थन भी देते हैं। लेकिन यहां के किसान दूसरे राज्यों के किसानों की बातों को नहीं समझ पाते हैं। जो किसान आर्थिक या पारिवारिक समस्या के चलते यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह सोशल मीडिया पर वीडियो देख लेते हैं।
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मगर इस प्लेटफार्म पर भी उन्हें भाषायी समस्या से गुजरना पड़ता है। ऐसे में गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने तय किया है कि आंदोलन की एक-एक वीडियो और महापंचायत में किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत के संदेश को वीडियो के साथ कुछ घंटे में ही अन्य भाषाओं में डब करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाएगा। इस रणनीति के तहत कमेटी के पदाधिकारी अन्य भाषाओं की डब वीडियो को जल्द ही यूपी गेट पर लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दस सदस्यों की टीम भी काम में जुट गई है।
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कमेटी ने इसके लिए दस एक्सपर्ट सदस्यों की टीम भी तैयार कर ली है। टीम ने सबसे पहले 28 जनवरी की रात राकेश टिकैत की आंखों से निकले आंसू की वीडियो को अंग्रेजी व अन्य भाषाओं में डब करने के लिए चुना है। उस पर काम चल रहा है।
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गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि किसान आंदोलन देश के हर राज्यों तक पहुंच चुका है। दिन-प्रतिदिन गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल होकर दूसरे राज्यों के किसान समर्थन भी देते हैं। लेकिन यहां के किसान दूसरे राज्यों के किसानों की बातों को नहीं समझ पाते हैं। जो किसान आर्थिक या पारिवारिक समस्या के चलते यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह सोशल मीडिया पर वीडियो देख लेते हैं।
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मगर इस प्लेटफार्म पर भी उन्हें भाषायी समस्या से गुजरना पड़ता है। ऐसे में गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने तय किया है कि आंदोलन की एक-एक वीडियो और महापंचायत में किसानों को संबोधित करते राकेश टिकैत के संदेश को वीडियो के साथ कुछ घंटे में ही अन्य भाषाओं में डब करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जाएगा। इस रणनीति के तहत कमेटी के पदाधिकारी अन्य भाषाओं की डब वीडियो को जल्द ही यूपी गेट पर लांच करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए दस सदस्यों की टीम भी काम में जुट गई है।
पहले अंग्रेजी भाषा में डबिंग की चल रही तैयारी
टीम के सदस्य ने बताया कि आंदोलन की कुछ प्रमुख वीडियो पर काम चल रहा है। जिन्हें राकेश टिकैत द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण संदेशों के साथ अंग्रेजी में सब-टाइटल दिया जा रहा है। इस रणनीति के प्रथम चरण में करीब पांच से छह वीडियो को अंग्रेजी में सब-टाइटल करके जल्द ही लांच की जाएंगी। इसके कुछ दिनों बाद ही कमेटी के लोग अन्य भाषाओं पर भी काम शुरू कर देंगे।
आंसू वाली वीडियो पर हो रहा काम
26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने के बाद अचानक तेजी से यूपी गेट पर हालात बदल गए थे। वहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी फोर्स के साथ तैनात हो चुके थे। शाम के समय प्रशासनिक अधिकारियों ने फोर्स के साथ मार्च करके राकेश टिकैत व अन्य नेताओं से जगह खाली करने को कहा था।
जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण होने के बाद राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकल गए थे। उस वीडियो के बाद ही महज कुछ घंटे में यूपी गेट का नजारा बदल गया था। अब टीम के सदस्यों ने सबसे पहले राकेश टिकैत की इसी वीडियो पर काम करना शुरू कर दिया है। उसे अंग्रेजी, मराठी और अन्य भाषाओं में डब किया जा रहा है।
आंदोलन से जोड़ेंगे 40 लाख ट्रैक्टर और गाड़ियां : राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को एक बार फिर आंदोलन से ट्रैक्टरों को जोड़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से 40 लाख ट्रैक्टर व गाड़ियां जोड़ी जाएंगी। संसद की तरफ किस दिन जाना है इसके बारे में कॉल करके बताया जाएगा अभी इसकी तारीख तय नहीं है। वहीं, बुधवार को यूपी गेट पर गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने किसान दमन विरोधी दिवस को सफल बताया। उधर, वराणसी से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता हेमंत यादव भी गंगाजल लेकर यूपी गेट पहुंचे।
आंसू वाली वीडियो पर हो रहा काम
26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकालने के बाद अचानक तेजी से यूपी गेट पर हालात बदल गए थे। वहां पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भारी फोर्स के साथ तैनात हो चुके थे। शाम के समय प्रशासनिक अधिकारियों ने फोर्स के साथ मार्च करके राकेश टिकैत व अन्य नेताओं से जगह खाली करने को कहा था।
जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण होने के बाद राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकल गए थे। उस वीडियो के बाद ही महज कुछ घंटे में यूपी गेट का नजारा बदल गया था। अब टीम के सदस्यों ने सबसे पहले राकेश टिकैत की इसी वीडियो पर काम करना शुरू कर दिया है। उसे अंग्रेजी, मराठी और अन्य भाषाओं में डब किया जा रहा है।
आंदोलन से जोड़ेंगे 40 लाख ट्रैक्टर और गाड़ियां : राकेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को एक बार फिर आंदोलन से ट्रैक्टरों को जोड़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से 40 लाख ट्रैक्टर व गाड़ियां जोड़ी जाएंगी। संसद की तरफ किस दिन जाना है इसके बारे में कॉल करके बताया जाएगा अभी इसकी तारीख तय नहीं है। वहीं, बुधवार को यूपी गेट पर गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी ने किसान दमन विरोधी दिवस को सफल बताया। उधर, वराणसी से राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता हेमंत यादव भी गंगाजल लेकर यूपी गेट पहुंचे।