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किसान आंदोलन: नरेश टिकैत का सरकार पर निशाना, बोले-मांगें न मानी तो 2022 में भाजपा को हराएंगे किसान
Fri, 04 Jun 2021 08:56 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 04 Jun 2021 08:56 PM IST
सार
नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते किसान बॉर्डर पर पड़ा है। सरकार हमें बताए कि किसानों की मांगें मानने में क्या मजबूरी है, हम इसका समाधान करेंगे।
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मंच पर नरेश टिकैत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार तानाशाही से बाज नहीं आई तो बंगाल की तरह यूपी में भी 2022 के चुनाव में भाजपा को किसान हराएंगे। यह आंदोलन 2024 तक चला तो किसान लोकसभा चुनाव में भी भाजपा को हराने का काम करेंगे। नरेश टिकैत शुक्रवार को अपने भाई राकेश टिकैत के जन्मदिन पर यूपी गेट आंदोलनस्थल पर पहुंचे थे।
नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते किसान बॉर्डर पर पड़ा है। सरकार हमें बताए कि किसानों की मांगें मानने में क्या मजबूरी है, हम इसका समाधान करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक कॉल की दूरी का शिगूफा छोड़कर हम भोले-भाले किसानों के साथ मजाक किया है।
जब भी किसानों ने मिलने की कोशिश की या शांतिपूर्वक विरोध जताया तो बदले में लाठी व गोलियों से स्वागत किया गया। उन्होंने हरियाणा के आंदोलन में चल रहे सरकार के अत्याचार की चर्चा कर कहा कि एक-एक लाठी की चोट किसानों के सिर पर नहीं दिल पर लगी है, जिसके जख्म भरने वाले नहीं है।
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उन्होंने कहा सरकार इस गलतफहमी में न रहे कि आंदोलनस्थल पर हमारी संख्या कम देखकर हटा देंगे। अब यह आंदोलन गर्मी, सर्दी व बरसात के अलावा कोरोना भी झेल चुका है। किसान अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने मंच से सरकार को ललकारते हुए कहा कि आने वाले 26 नवंबर को इस आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है और यदि समय रहते सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो यह आंदोलन इतना बड़ा रूप ले चुका होगा, जिसकी कल्पना सरकार ने नहीं की होगी।
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नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के चलते किसान बॉर्डर पर पड़ा है। सरकार हमें बताए कि किसानों की मांगें मानने में क्या मजबूरी है, हम इसका समाधान करेंगे। प्रधानमंत्री ने एक कॉल की दूरी का शिगूफा छोड़कर हम भोले-भाले किसानों के साथ मजाक किया है।
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जब भी किसानों ने मिलने की कोशिश की या शांतिपूर्वक विरोध जताया तो बदले में लाठी व गोलियों से स्वागत किया गया। उन्होंने हरियाणा के आंदोलन में चल रहे सरकार के अत्याचार की चर्चा कर कहा कि एक-एक लाठी की चोट किसानों के सिर पर नहीं दिल पर लगी है, जिसके जख्म भरने वाले नहीं है।
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उन्होंने कहा सरकार इस गलतफहमी में न रहे कि आंदोलनस्थल पर हमारी संख्या कम देखकर हटा देंगे। अब यह आंदोलन गर्मी, सर्दी व बरसात के अलावा कोरोना भी झेल चुका है। किसान अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने मंच से सरकार को ललकारते हुए कहा कि आने वाले 26 नवंबर को इस आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने जा रहा है और यदि समय रहते सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो यह आंदोलन इतना बड़ा रूप ले चुका होगा, जिसकी कल्पना सरकार ने नहीं की होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार से हमें एक और नए मुद्दे पर लड़ना होगा। सरकार ने ट्यूबवेल पर बिजली के मीटर लगाने का आदेश दिया है। यदि ऐसा हुआ तो 50 हजार सालाना का बिल का भार किसानों पर डालने जा रहे हैं। किसानों की तो जमीन पहले ही बैंकों में गिरवी पड़ी है। कर्जदार हैं। इसे कैसे चुकाया जाएगा।
शनिवार जलाई जाएंगी कृषि कानून की कॉपियां
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान शनिवार को देशभर में भाजपा के विधायक और सांसदों के घर व दफ्तरों के बाहर तीनों कृषि कानून की प्रतियां जलाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। जिन क्षेत्रों में भाजपा का सांसद और विधायक नहीं होंगे तो भाजपा कार्यालय पर प्रतियां जलाने का निर्णय किसानों ने लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन स्थल पर भी कल तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध किया जाएगा।
आंधी-बारिश ने पहुंचाया किसानों को नुकसान
शुक्रवार को आई आंधी और बारिश ने यूपी गेट पर आंदोलन पर बैठे किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। शाम को आई आंधी में मुख्य मंच गिर गया। गनीमत रही कि उस वक्त कोई भी मंच पर नहीं था। साथ ही आंदोलन स्थल पर बने कई कैंप भी क्षतिग्रस्त हो गए। किसी की छत उड़ गई है तो कई जगह पूरा कैंप गिर गया है। बारिश से कई कैंप में पानी भी भर गया। इसके चलते सामान भी खराब हो गया।
जन्मदिन पर 11 क्विंटल रसगुल्ले लाए नरेश टिकैत
यूपी बॉर्डर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया गया। उनको भेंट स्वरूप लाठियांन खाप के मुखिया चौधरी वीरेंद्र सिंह ने प्रत्येक माह अपनी पेंशन से कुछ धनराशि निकाल कर देने की घोषणा की है। इसी तरह से बहुत से किसानों ने अपने सामर्थ्य के मुताबिक टिकैत के नाम की धनराशि यहां जमा करवाई। जन्मदिन पर नरेश टिकैत 11 क्विंटल रसगुल्ले गाड़ी व ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर गांव से बनवाकर आंदोलन स्थल पर लेकर आए।
शनिवार जलाई जाएंगी कृषि कानून की कॉपियां
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान शनिवार को देशभर में भाजपा के विधायक और सांसदों के घर व दफ्तरों के बाहर तीनों कृषि कानून की प्रतियां जलाकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। जिन क्षेत्रों में भाजपा का सांसद और विधायक नहीं होंगे तो भाजपा कार्यालय पर प्रतियां जलाने का निर्णय किसानों ने लिया है। संयुक्त किसान मोर्चा गाजीपुर बॉर्डर के प्रवक्ता किसान नेता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन स्थल पर भी कल तीनों कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर विरोध किया जाएगा।
आंधी-बारिश ने पहुंचाया किसानों को नुकसान
शुक्रवार को आई आंधी और बारिश ने यूपी गेट पर आंदोलन पर बैठे किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया है। शाम को आई आंधी में मुख्य मंच गिर गया। गनीमत रही कि उस वक्त कोई भी मंच पर नहीं था। साथ ही आंदोलन स्थल पर बने कई कैंप भी क्षतिग्रस्त हो गए। किसी की छत उड़ गई है तो कई जगह पूरा कैंप गिर गया है। बारिश से कई कैंप में पानी भी भर गया। इसके चलते सामान भी खराब हो गया।
जन्मदिन पर 11 क्विंटल रसगुल्ले लाए नरेश टिकैत
यूपी बॉर्डर पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत का जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया गया। उनको भेंट स्वरूप लाठियांन खाप के मुखिया चौधरी वीरेंद्र सिंह ने प्रत्येक माह अपनी पेंशन से कुछ धनराशि निकाल कर देने की घोषणा की है। इसी तरह से बहुत से किसानों ने अपने सामर्थ्य के मुताबिक टिकैत के नाम की धनराशि यहां जमा करवाई। जन्मदिन पर नरेश टिकैत 11 क्विंटल रसगुल्ले गाड़ी व ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर गांव से बनवाकर आंदोलन स्थल पर लेकर आए।