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कांवड़ यात्रा : स्टील के बर्तनों में शिवभक्तों को परोसा जाएगा भोजन
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गाजियाबाद। मेरठ रोड पर लगने वाले नगर निगम के शिविर में इस बार शिवभक्तों को स्टील के बर्तनों में भोजन परोसा जाएगा। इतना ही नहीं, प्लास्टिक के दोने पत्तलों का इस्तेमाल कम करने के उद्देश्य से दूसरे शिविर संचालकों को भी स्टील के बर्तन उपलब्ध कराने की निगम की तैयारी है।
नगर निगम के कांवड़ शिविर में रोजाना हजारों लोगों के खाने व नाश्ते की व्यवस्था रहती है। इसलिए इसमें दोने पत्तल भी भारी मात्रा में उपयोग हाेते हैं। इनको एकत्र कराकर नष्ट कराने से पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा था। इसके दृष्टिगत इस बार नगर निगम ने स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। इस बारे में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि नगर निगम ने बर्तन बैंक बनाया है। बर्तनों का इस्तेमाल नगर निगम के शिविर में होगा। इसके अलावा दूसरे शिविर संचालकों को भी बिना किसी किराये के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वर्षों के लिए बर्तनों की संख्या और बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। शिविर संचालकों से अपील है कि वह भी इसी तरह स्थाई बर्तनों का उपयोग शिविर में करें ताकि प्लास्टिक निर्मित दोने, पत्तल, गिलास के इस्तेमाल से छुटकारा मिले और ऐसा करने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
इस बार देखने को मिलेगा बड़ा बदलाव : नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कांवड़ यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने इस बार बड़ा प्रयास किया है। इसका असर इस बार कांवड़ यात्रा में देखने को मिलेगा। शिविर संचालक भी इस मुहिम में अपना योगदान देने को तैयार हैं। निश्चित रूप से पर्यावरण सुधार की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
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कई जगह शुरू हुए शिविर, कई की शुरूआत आज होगी :
कांवड़ शिविर की शुरुआत पाइपलाइन मार्ग पर मकरेड़ा गांव के सामने हो चुकी है। गंगनहर पटरी मार्ग पर भी कई शिविर चल रहे हैं। चुंगी नंबर तीन और नवीपुर रजवाहे पर आज दो शिविरों का शुभारंभ होगा। वहीं मेरठ रोड पर अधिकांश शिविरों की शुरुआत तीन अगस्त के बाद होगी। यहां पर कांवड़ियों की संख्या भी तीन अगस्त के बाद बढ़नी शुरू होगी। शिविर संचालक सलेक भैया ने बताया कि अभी पाइपलाइन रोड से राजस्थान के अलग-अलग जिलों के कांवड़ियों के जत्थे गुजर रहे हैं। दिल्ली एनसीआर के कावड़ियों को यहां पहुंचने में अभी एक सप्ताह का समय और लग जाएगा।
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नगर निगम के कांवड़ शिविर में रोजाना हजारों लोगों के खाने व नाश्ते की व्यवस्था रहती है। इसलिए इसमें दोने पत्तल भी भारी मात्रा में उपयोग हाेते हैं। इनको एकत्र कराकर नष्ट कराने से पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा था। इसके दृष्टिगत इस बार नगर निगम ने स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है। इस बारे में नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि नगर निगम ने बर्तन बैंक बनाया है। बर्तनों का इस्तेमाल नगर निगम के शिविर में होगा। इसके अलावा दूसरे शिविर संचालकों को भी बिना किसी किराये के बर्तन उपलब्ध कराए जाएंगे। अगले वर्षों के लिए बर्तनों की संख्या और बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। शिविर संचालकों से अपील है कि वह भी इसी तरह स्थाई बर्तनों का उपयोग शिविर में करें ताकि प्लास्टिक निर्मित दोने, पत्तल, गिलास के इस्तेमाल से छुटकारा मिले और ऐसा करने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
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इस बार देखने को मिलेगा बड़ा बदलाव : नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि कांवड़ यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में नगर निगम ने इस बार बड़ा प्रयास किया है। इसका असर इस बार कांवड़ यात्रा में देखने को मिलेगा। शिविर संचालक भी इस मुहिम में अपना योगदान देने को तैयार हैं। निश्चित रूप से पर्यावरण सुधार की दिशा में यह एक बड़ा कदम साबित होगा।
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कई जगह शुरू हुए शिविर, कई की शुरूआत आज होगी :
कांवड़ शिविर की शुरुआत पाइपलाइन मार्ग पर मकरेड़ा गांव के सामने हो चुकी है। गंगनहर पटरी मार्ग पर भी कई शिविर चल रहे हैं। चुंगी नंबर तीन और नवीपुर रजवाहे पर आज दो शिविरों का शुभारंभ होगा। वहीं मेरठ रोड पर अधिकांश शिविरों की शुरुआत तीन अगस्त के बाद होगी। यहां पर कांवड़ियों की संख्या भी तीन अगस्त के बाद बढ़नी शुरू होगी। शिविर संचालक सलेक भैया ने बताया कि अभी पाइपलाइन रोड से राजस्थान के अलग-अलग जिलों के कांवड़ियों के जत्थे गुजर रहे हैं। दिल्ली एनसीआर के कावड़ियों को यहां पहुंचने में अभी एक सप्ताह का समय और लग जाएगा।