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Ghaziabad News चोरी हुई हथिनी का मुकदमा दर्ज होने में लग गए 17 साल, 2.50 लाख रुपये में खरीदी थी
Sun, 28 Sep 2025 09:15 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 09:15 AM IST
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चोरी हुई हथिनी का मुकदमा दर्ज होने में लग गए 17 साल
- फोटो : अमर उजाला
टीलामोड़ के असालतपुर निवासी गयूर अली को 17 वर्ष बाद अपनी चोरी हुई हथिनी का मुकदमा दर्ज कराने में सफलता मिली है। यह मुकदमा 27 सितंबर को कोर्ट के आदेश पर टीलामोड़ पुलिस ने दर्ज किया है। पीड़ित ने सन् 2000 में बिहार के सोनपुर हाथीसार के मेले से 2.50 लाख रुपये में हथिनी खरीदी थी। एक जनवरी 2008 में हथिनी की देखरेख करने वाले जम्मू-कश्मीर के संजय नगर स्थित नरवाल मंडी निवासी लक्की और लक्ष्मण पर चोरी का आरोप लगाया था। चोरी के समय और उसके मिलने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अक्तूबर 2022 में पीड़ित ने कोर्ट में गुहार लगाई। इसके बाद अब जाकर पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
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छह अक्तूबर 2022 को कोर्ट में दी गई शिकायत में गयूर अली ने बताया कि उन्होंने शिकायत देने वाले दिन से 22 वर्ष पहले हथिनी (गोइनी) 2.50 लाख रुपये में खरीदी थी। बताया कि देखरेख के लिए उन्होंने जम्मू-कश्मीर निवासी लक्की और लक्ष्मण को रखा था। एक जनवरी 2008 में लक्की व लक्ष्मण उनकी हथिनी चोरी कर ले गए। उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने उन्हीं से ही हथिनी को तलाशने की बात कह डाली। इसके बाद उन्हें हथनी के जम्मू में होने का पता चला। वह वहां पहुंचे तब आरोपियों ने हथनी वापस करने से इन्कार करते हुए धमकी दे डाली। वापस आकर उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी भी दी और हथिनी का पता भी बताया लेकिन पुलिस ने तब भी कार्रवाई नहीं की। तब उन्होंने अपने अधिवक्ता दिलशाद चौधरी के जरिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिलशाद ने बताया कि वर्ष 2022 में निचली अदालत ने मामले को खारिज कर दिया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और सत्र न्यायालय में अर्जी लगाई। मामले की सुनवाई के बाद सत्र न्यायालय ने निचली अदालत को आदेश दिए। इसके बाद कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित के बयान जल्द दर्ज कराए जाएंगे। साथ ही आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
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मालिक को सामने देखते ही प्यार करने लगी गोइनी
कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता दिलशाद चौधरी ने बताया कि लाख कोशिशों के बावजूद पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने खुद ही तलाश शुरू की। वर्ष 2022 में पीड़ित को एक ऑनलाइन वीडियो मिली। वीडियो में एक हथिनी थी। वीडियो चोरी करने के आरोपी लक्की और लक्ष्मण ने अपलोड की थी। छानबीन करते हुए वह कश्मीर पहुंचे और लोगों से पूछताछ करते हुए आरोपियों के पास गए। यहां उन्होंने हथिनी की खास निशानी से उसकी पहचान की। अपने असल मालिक को देखते ही हथिनी ने गयूर अली को अपनी सूंड से लपेटकर गले लगा लिया। जब वह पुलिस मदद लेने के लिए वापस लौटे तब आरोपी उस हथिनी को कश्मीर से कहीं दूसरे शहर ले गए। तब से आज तक उसका कुछ पता नहीं चला है।
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