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Ghaziabad News: 1996 में छह लाख रुपये में मजीद के नाम लिखवाया था पट्टा
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गाजियाबाद। विजयनगर के मिर्जापुर इलाके सेना की 23 करोड़ की जमीन को बेचने के मामले में आरोपी अजयवीर ने साजिश के तहत 1996 में ही मजीद के नाम वक्फ की जमीन का फर्जी पट्टा लिखवाया। इसके लिए उसे छह लाख रुपये देने की बात कही गई। जिससे वे जमीन को आगे बेच सकें। पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपियों ने एक ही खसरा संख्या नहीं बल्कि अन्य खसरा संख्या की जमीन को बेचने की साजिश रची थी। आरोपी आबादी वाली जमीन के खसरा संख्या के आधार पर सेना की जमीन पर कब्जा करना चाहते थे।
डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल का कहना है कि जांच में पता चला कि 1996 में मजीद के नाम खसरा संख्या 529 और 526 का पट्टा लिखवाया गया। हाल में ये लोग खसरा संख्या 529 को दिखाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने खसरा संख्या 526 को भी वक्फ की बताकर बेचने की साजिश की थी। परवीन खान को जब पता चला कि जमीन वक्फ की थी और उसके पूर्वजों की है तो वह अजयवीर के साथ जमीन बेचने की साजिश में शामिल हो गई। परवीन ने 2016 और 2019 में एसडीएम के यहां वक्फ की जमीन होने का हवाला देकर उसके नाम करने के लिए प्रार्थना पत्र लगाया था। जब ऐसा नहीं हुआ तो फर्जी तरीके से सेना की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
अजयवीर ने निकाली सारी रकम
अजयवीर ने समीर मलिक को साढ़े 10 करोड़ रुपये में जमीन देने का सौदा किया। अजयवीर ने समीर से 4.37 करोड़ रुपये भी संयुक्त बैंक खाते में ले लिए। अजयवीर ने कुछ रकम अपने रिश्तेदारों को भेजी, कुछ नकद निकाली और 47 लाख रुपये परवीन के खाते में भेजे थे।
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डीसीपी नगर निपुण अग्रवाल का कहना है कि जांच में पता चला कि 1996 में मजीद के नाम खसरा संख्या 529 और 526 का पट्टा लिखवाया गया। हाल में ये लोग खसरा संख्या 529 को दिखाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इन्होंने खसरा संख्या 526 को भी वक्फ की बताकर बेचने की साजिश की थी। परवीन खान को जब पता चला कि जमीन वक्फ की थी और उसके पूर्वजों की है तो वह अजयवीर के साथ जमीन बेचने की साजिश में शामिल हो गई। परवीन ने 2016 और 2019 में एसडीएम के यहां वक्फ की जमीन होने का हवाला देकर उसके नाम करने के लिए प्रार्थना पत्र लगाया था। जब ऐसा नहीं हुआ तो फर्जी तरीके से सेना की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
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अजयवीर ने निकाली सारी रकम
अजयवीर ने समीर मलिक को साढ़े 10 करोड़ रुपये में जमीन देने का सौदा किया। अजयवीर ने समीर से 4.37 करोड़ रुपये भी संयुक्त बैंक खाते में ले लिए। अजयवीर ने कुछ रकम अपने रिश्तेदारों को भेजी, कुछ नकद निकाली और 47 लाख रुपये परवीन के खाते में भेजे थे।
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