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Ghaziabad News: हम-तुम रोड पर बिन बारिश के भरा पानी, निवासी परेशान
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गाजियाबाद। हम-तुम रोड का निर्माण कार्य अधिकारियों के आश्वासन के बाद मई में भी शुरू नहीं हो पाया और अब बिन बरसात यहां पानी भरने से एक नई मुसीबत बन गई है। इससे निवासी और राहगीर परेशान हैं। पैदल और दुपहिया वाहन चालकों को जहां बेहद परेशानी हो रही हैं, वहीं लोगों की गाड़ियां पानी भरे गड्ढों में गिरकर खराब हो रही हैं। शिकायत के बाद भी इन मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पानी भरने का मुख्य कारण सोसायटियों का फालतू शोधित पानी बताया जा रहा है, जिसकी जड़ में नगर निगम का नाला है। दरअसल इस रोड पर सात सोसायटियां हैं। जिन्हें जीरो सीवर वेस्ट के आधार पर बसाया गया। पहले यहां हर सोसायटी में कम आबादी थी तो एसटीपी की क्षमता के अनुसार पानी ट्रीट होकर इस्तेमाल हो जाता था, लेकिन अब अधिक लोगों के रहने के कारण पानी की खपत के साथ वेस्ट पानी भी क्षमता से अधिक निकल रहा है। ऐसे में सीवर लाइन न होने पर सोसायटियां वेस्ट पानी नगर निगम के मोरटा गांव वाले नाले में डाल रही थीं, जिससे यह ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा था। हाल ही में किए गए निरीक्षण में जीडीए अधिकारियों ने निगम को पानी ओवरफ्लो के बारे में पत्र लिखा, तब निगम ने जवाब में इसका मुख्य कारण सोसायटियां की ओर से फेंके जाने वाले पानी को बताया और इस पर रोक लगाने को जीडीए को पत्र लिखा। इसके बाद जीडीए ने सोसायटियों को पत्र लिखकर फालतू पानी को निगम के नाले में न डालने के साथ एक सप्ताह के अंदर पानी को अन्यथा इस्तेमाल करने का नोटिस दिया। तबसे यह सोसायटियां चोरी-छिपे इस पानी को सड़क और आसपास के खाली प्लॉटों पर डलवा रही हैं। इसके कारण यहां बिन बारिश जलभराव की स्थिति बनी हुई है। महक जीवन के एओए अध्यक्ष विपिन तोमर का कहना है कि हमारी सोसायटियां के पास प्लॉट में गंदे पानी से दलदल हो गया है और मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं। निवासी मंजीत का कहना है कि यहां सीवर लाइन नहीं है, इस कारण यहां समस्या बनी हुई है, लोग पानी में गिरने से चोटिल हो रहे हैं।
जीडीए के इंजीनियर राकेश कुमार का कहना है कि हमने सातों सोसायटियों को नोटिस भेजकर निगम के नाले में पानी डालने से मना किया है और फालतू पानी को कहीं और फेंकने की व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह को समय दिया है। हम-तुम रोड का काम शुरू होना है तो निगम के नाले के ओवरफ्लो होने से दिक्कत आएगी।
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क्या है सोसायटियों में पानी की व्यवस्था
सोसायटियों का गंदा पानी एसटीपी प्लांट में शोधित किया जाता है। यह पानी पेड़-पौधों, सफाई-धुलाई, फ्लश आदि में इस्तेमाल होता है। फालतू जल को सिंचाई विभाग, निगम, उद्यान विभाग आदि को दे सकते हैं, लेकिन ज्यादा आबादी होने पर खपत के बराबर ही वेस्ट जल निकलता है, जो प्रतिदिन 15 से 20 लाख लीटर तक होता है। सारा पानी इस्तेमाल में न आने और सीवर लाइन न होने के कारण इसे टैंंकर से इधर-उधर फेंक दिया जाता है। कुछ ने चोरी-छिपे इसे निकालने को लाइन भी बिछा रखी है, लेकिन कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
एक जून से होगी भूख हड़ताल
निवासी सुनील अग्रवाल ने एक बार फिर हम-तुम रोड का निर्माण कार्य शुरू न होने पर नाराजगी जताते हुए एक जून से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने सभी विभागों को पत्र भेज दिया है। उनका दावा है कि इस हड़ताल में सातों सोसायटियों सहित कई संगठन उनका साथ देंगे, हालांकि वह पहल भी भूख हड़ताल की चेतावनी देकर जीडीए के वादे पर यकीन करके पीछे हट चुके हैं। अब उनका कहना है कि हर बार जीडीए ने आस तोड़ी है, पहले अप्रैल फिर मई भी निकलने को है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। 15 जून से मानसून के कारण काम वैसे ही बंद हो जाता है, तब काम कब शुरू होगा।
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पानी भरने का मुख्य कारण सोसायटियों का फालतू शोधित पानी बताया जा रहा है, जिसकी जड़ में नगर निगम का नाला है। दरअसल इस रोड पर सात सोसायटियां हैं। जिन्हें जीरो सीवर वेस्ट के आधार पर बसाया गया। पहले यहां हर सोसायटी में कम आबादी थी तो एसटीपी की क्षमता के अनुसार पानी ट्रीट होकर इस्तेमाल हो जाता था, लेकिन अब अधिक लोगों के रहने के कारण पानी की खपत के साथ वेस्ट पानी भी क्षमता से अधिक निकल रहा है। ऐसे में सीवर लाइन न होने पर सोसायटियां वेस्ट पानी नगर निगम के मोरटा गांव वाले नाले में डाल रही थीं, जिससे यह ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा था। हाल ही में किए गए निरीक्षण में जीडीए अधिकारियों ने निगम को पानी ओवरफ्लो के बारे में पत्र लिखा, तब निगम ने जवाब में इसका मुख्य कारण सोसायटियां की ओर से फेंके जाने वाले पानी को बताया और इस पर रोक लगाने को जीडीए को पत्र लिखा। इसके बाद जीडीए ने सोसायटियों को पत्र लिखकर फालतू पानी को निगम के नाले में न डालने के साथ एक सप्ताह के अंदर पानी को अन्यथा इस्तेमाल करने का नोटिस दिया। तबसे यह सोसायटियां चोरी-छिपे इस पानी को सड़क और आसपास के खाली प्लॉटों पर डलवा रही हैं। इसके कारण यहां बिन बारिश जलभराव की स्थिति बनी हुई है। महक जीवन के एओए अध्यक्ष विपिन तोमर का कहना है कि हमारी सोसायटियां के पास प्लॉट में गंदे पानी से दलदल हो गया है और मक्खी-मच्छर पनप रहे हैं। निवासी मंजीत का कहना है कि यहां सीवर लाइन नहीं है, इस कारण यहां समस्या बनी हुई है, लोग पानी में गिरने से चोटिल हो रहे हैं।
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जीडीए के इंजीनियर राकेश कुमार का कहना है कि हमने सातों सोसायटियों को नोटिस भेजकर निगम के नाले में पानी डालने से मना किया है और फालतू पानी को कहीं और फेंकने की व्यवस्था करने के लिए एक सप्ताह को समय दिया है। हम-तुम रोड का काम शुरू होना है तो निगम के नाले के ओवरफ्लो होने से दिक्कत आएगी।
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क्या है सोसायटियों में पानी की व्यवस्था
सोसायटियों का गंदा पानी एसटीपी प्लांट में शोधित किया जाता है। यह पानी पेड़-पौधों, सफाई-धुलाई, फ्लश आदि में इस्तेमाल होता है। फालतू जल को सिंचाई विभाग, निगम, उद्यान विभाग आदि को दे सकते हैं, लेकिन ज्यादा आबादी होने पर खपत के बराबर ही वेस्ट जल निकलता है, जो प्रतिदिन 15 से 20 लाख लीटर तक होता है। सारा पानी इस्तेमाल में न आने और सीवर लाइन न होने के कारण इसे टैंंकर से इधर-उधर फेंक दिया जाता है। कुछ ने चोरी-छिपे इसे निकालने को लाइन भी बिछा रखी है, लेकिन कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
एक जून से होगी भूख हड़ताल
निवासी सुनील अग्रवाल ने एक बार फिर हम-तुम रोड का निर्माण कार्य शुरू न होने पर नाराजगी जताते हुए एक जून से भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने सभी विभागों को पत्र भेज दिया है। उनका दावा है कि इस हड़ताल में सातों सोसायटियों सहित कई संगठन उनका साथ देंगे, हालांकि वह पहल भी भूख हड़ताल की चेतावनी देकर जीडीए के वादे पर यकीन करके पीछे हट चुके हैं। अब उनका कहना है कि हर बार जीडीए ने आस तोड़ी है, पहले अप्रैल फिर मई भी निकलने को है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। 15 जून से मानसून के कारण काम वैसे ही बंद हो जाता है, तब काम कब शुरू होगा।