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हिंदू महासभा के सदस्यों का सामूहिक इस्तीफा, नई महासभा का किया गठन
ब्यूरो अमर उजाला/ गाजियाबाद
Updated Sun, 16 Oct 2016 01:40 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते मुकेश अरोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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अखिल भारत हिंदू महासभा के सदस्यों ने इस्तीफा देकर नई महासभा का गठन किया है। शनिवार को कलक्ट्रेट स्थित मीडिया सेंटर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा की गई।
प्रेस कांफ्रेंस में नए गठित अखिल भारत हिंद महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश अरोड़ा ने बताया कि अखिल भारत हिंदू महासभा से यूपी और उत्तराखंड को मिलाकर तीन हजार से अधिक सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दिया क्योंकि हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजनैतिक स्वार्थ से प्रेरित होकर कैराना की गलत रिपोर्ट भेजी।
हिंदू महासभा के साथ मिलकर युवाओं की टीम ने दाऊद की कार जलाने से लेकर कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने में पूरा साथ दिया, लेकिन 15 अगस्त को भी चक्रपाणी महाराज सभी सदस्यों को बीच में ही छोड़कर चले आए लेकिन अब आठ नवंबर को चक्रपाणी महाराज जो मंदिर निर्माण यात्रा निकाल रहे हैं, वह राजनैतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए है।
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इस्तीफा देने वाले सदस्य इससे सहमत नहीं हैं और हिंदू विरोधी किसी भी गतिविधि में भाग नहीं लेंगे इसलिए सभी ने 2 अक्तूबर को ही चक्रपाणी महाराज को इस्तीफा सौंप दिया था। प्रेस कांफ्रेंस में सामूहिक इस्तीफे की घोषणा के साथ ही नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई जिसमें संजीव सक्सेना को राष्ट्रीय अध्यक्ष, लक्ष्य तंवर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, योगेंद्र सिंह, सुरेंद्र पंडित अमित सक्सेना, अजय पुरोहित को सदस्य बनाया गया है।
इस मामले में स्वामी चक्रपाणी महाराज ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि नए संगठन का गठन करने वाले संजीव सक्सेना को 31 मई को ही महासभा से निष्कासित कर दिया गया था।
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प्रेस कांफ्रेंस में नए गठित अखिल भारत हिंद महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश अरोड़ा ने बताया कि अखिल भारत हिंदू महासभा से यूपी और उत्तराखंड को मिलाकर तीन हजार से अधिक सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा दिया क्योंकि हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राजनैतिक स्वार्थ से प्रेरित होकर कैराना की गलत रिपोर्ट भेजी।
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हिंदू महासभा के साथ मिलकर युवाओं की टीम ने दाऊद की कार जलाने से लेकर कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने में पूरा साथ दिया, लेकिन 15 अगस्त को भी चक्रपाणी महाराज सभी सदस्यों को बीच में ही छोड़कर चले आए लेकिन अब आठ नवंबर को चक्रपाणी महाराज जो मंदिर निर्माण यात्रा निकाल रहे हैं, वह राजनैतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए है।
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इस्तीफा देने वाले सदस्य इससे सहमत नहीं हैं और हिंदू विरोधी किसी भी गतिविधि में भाग नहीं लेंगे इसलिए सभी ने 2 अक्तूबर को ही चक्रपाणी महाराज को इस्तीफा सौंप दिया था। प्रेस कांफ्रेंस में सामूहिक इस्तीफे की घोषणा के साथ ही नई कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई जिसमें संजीव सक्सेना को राष्ट्रीय अध्यक्ष, लक्ष्य तंवर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, योगेंद्र सिंह, सुरेंद्र पंडित अमित सक्सेना, अजय पुरोहित को सदस्य बनाया गया है।
इस मामले में स्वामी चक्रपाणी महाराज ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि नए संगठन का गठन करने वाले संजीव सक्सेना को 31 मई को ही महासभा से निष्कासित कर दिया गया था।