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हिंडन किनारे बसे 13 गांवों का पानी हुआ ‘जहरीला’

Wed, 13 Jul 2016 01:15 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद Updated Wed, 13 Jul 2016 01:15 AM IST
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Hindon 13 villages along the banks of the water is 'poisonous'
सूख्‍ाे हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला
 सहारनपुर से लेकर गाजियाबाद तक औद्योगिक इकाइयों से हिंडन नदी में घुल रहा ‘जहर’ अब गांवों तक पहुंचने लगा है। हिंडन नदी के किनारे बसे गाजियाबाद के 13 गांवों का पानी भी अब ‘जहरीला’ हो गया है। इन गांवों के भूजल में आर्सेनिक, लैड, क्रोम जैसे हैवी मैटल्स घुल गए हैं। ये सेहत के लिए बेहद हानिकारक हैं।
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 एनजीटी की गाइड लाइन पर जल निगम ने इन गांवों के 829 हैंडपंप की सैंपलिंग कराई है। प्रारंभिक जांच में इनमें से अधिकांश सैंपल फेल पाए गए हैं अब क्रास चेकिंग के लिए इन्हें लखनऊ स्थित लैब में भेजा गया है।
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अभी तक गाजियाबाद में सिर्फ पानी का फर्स्ट स्टेटा (पहली लेयर) ही प्रदूषित था। दूसरे स्टेटा का पानी साफ था और सरकारी हैंडपंप इसी स्टेटा पर (करीब 150 फीट गहरे) लगाए जा रहे थे।
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इन हैंडपंप का पानी भी फेल हो गया है। यानी अब पहला और दूसरा दोनों स्टेटा का पानी ‘जहरीला’ हो चुका है। इन गांवों से पानी के सैंपल की दोबारा जांच कराकर जल निगम एनजीटी में रिपोर्ट पेश करेगा। इसके साथ ही भविष्य में किए जाने वाले उपायों का प्लान भी जल निगम एनजीटी को देगा।

एनजीटी ने दिए थे जांच के आदेश
दोआब पर्यावरण समिति ने गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, खेकड़ा, शामली समेत कई जिलों में भूजल प्रदूषण को लेकर एनजीटी में याचिका दाखिल की थी। एनजीटी ने जल निगम को प्रदूषित भूजल वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां लगे हैंडपंप को बंद करने के आदेश दिए थे।

इस पर जल निगम ने बीते दिनों हिंडन किनारे बसे रजापुर, लोनी और मुरादनगर ब्लाक के 13 गांवों से हैंडपंप के पानी के सैंपल लेकर जांच कराई थी।

प्रदूषित भूजल से प्रभावित गाजियाबाद के 13 गांव:
नंगला-अटौर, मकरेड़ा, भनेड़ा खुर्द, असालतपुर फर्रुखनगर, राजपुर, सिरौरा सलेमपुर, महमूदपुर, नेकपुर-साबित नगर, विहंग, मटौर, सुराना, सुठारी, भदौली।

हो सकती हैं गंभीर बीमारियां
लैड और आर्सेनिक युक्त पानी का ज्यादा इस्तेमाल किए जाने से कैंसर की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। प्रदूषित पानी की वजह से सामान्यत: हेपेटाइटिस-ए और ई, लीवर और पेट की बीमारी हो सकती है। हैवी मैटल्स नर्वस सिस्टम को भी प्रभावित कर देते हैं। - डॉ. अंशुल वार्ष्णेय, फिजिशियन


अधिकारी बोले :
एनजीटी के आदेश पर 13 गांवों के हैंडपंप के पानी की गुणवत्ता खराब मिली है। इन पर लाल निशान लगाकर पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। सैंपल की दोबारा जांच कराई जा रही है। - वाईके शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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