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Ghaziabad News: तंबाकू उत्पादों में की जा रही सबसे ज्यादा जीएसटी चोरी
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गाजियाबाद। पान मसाला, सिगरेट समेत अन्य तंबाकू उत्पादों पर सरकार ने जीएसटी सबसे ज्यादा रखा तो कारोबारियों ने सबसे ज्यादा टैक्स चोरी भी इन्हीं उत्पादों पर शुरू कर दी। राज्यकर विभाग और सीजीएसटी के अधिकारियों ने एक साल में करीब 90 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी तंबाकू उत्पादों में पकड़ी है। ट्रांसपोर्टरों के माध्यम से टैक्स चोरी के माल को पड़ोसी जिलों और राज्यों में पहुंचाया जा रहा है।
केंद्रीय जीएसटी के अधिकारियों ने बताया कि पान मसाला पर सबसे ज्यादा जीएसटी है और इसके बाद उस पर सेस भी लगाया जाता है। जीएसटी और सभी सेस मिलाकर 70 फीसदी तक हो जाता है। यानी माल की कीमत एक करोड़ है तो तकरीबन 70 फीसदी टैक्स और सेस लगता है। इस टैक्स को बचाने के लिए कारोबारी सबसे ज्यादा गोलमाल कर रहे हैं। केंद्रीय जीएसटी की गाजियाबाद यूनिट में बीते तीन माह में करीब 28 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। करीब ढाई महीने पहले 8 करोड़ रुपये का पान मसाला साहिबाबाद क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर के ठिकाने से बरामद किया गया था। इसमें तीन कंपनियों का माल शामिल था। बीते सप्ताह केंद्रीय जीएसटी ने पान मसाला बनाने वाली नामचीन कंपनी के 15 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसमें अब तक करीब 30 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हो चुका है।
राज्यकर विभाग के सचल दलों ने भी ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों और माल से लदी गाड़ियों को चेक कराकर पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट समेत अन्य तंबाकू उत्पादों में टैक्स चोरी पकड़ी है। राज्यकर विभाग के जोन-दो के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश मिश्रा का कहना है कि हर महीने करीब 12 से 15 गाड़ियों में टैक्स चोरी करके ले जाए जाने वाले तंबाकू उत्पाद बरामद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते छह माह में गाजियाबाद और बुलंदशहर में तंबाकू उत्पादों में टैक्स चोरी पकड़कर जीएसटी और जुर्माने के रूप में 8 करोड़ से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीते तीन महीने में पान मसाला की 20, बीड़ी-तंबाकू की 18 और सुपारी की 24 गाड़ियों में टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
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ट्रांसपोर्टर से मिलकर किया जा रहा खेल
पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों में होने वाली टैक्स चोरी का यह खेल ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर किया जाता है। सीजीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि तंबाकू उत्पादों को परचून यानी मिक्स सामान के ट्रक में बीच में लाद दिया जाता है। उसके ऊपर अन्य सामान रख दिया जाता है। ई-वे बिल में इन उत्पादों को नहीं दर्शाया जाता। राज्यकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग के सचल दलों के अधिकारियों ने ऐसे कई मामले पकड़े हैं। संदेह होने पर गाड़ियों को चेकपोस्ट में लाकर चेक कराया गया तो मिक्स सामान के बीच में तंबाकू उत्पाद पाए गए।
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केंद्रीय जीएसटी के अधिकारियों ने बताया कि पान मसाला पर सबसे ज्यादा जीएसटी है और इसके बाद उस पर सेस भी लगाया जाता है। जीएसटी और सभी सेस मिलाकर 70 फीसदी तक हो जाता है। यानी माल की कीमत एक करोड़ है तो तकरीबन 70 फीसदी टैक्स और सेस लगता है। इस टैक्स को बचाने के लिए कारोबारी सबसे ज्यादा गोलमाल कर रहे हैं। केंद्रीय जीएसटी की गाजियाबाद यूनिट में बीते तीन माह में करीब 28 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी है। करीब ढाई महीने पहले 8 करोड़ रुपये का पान मसाला साहिबाबाद क्षेत्र में ट्रांसपोर्टर के ठिकाने से बरामद किया गया था। इसमें तीन कंपनियों का माल शामिल था। बीते सप्ताह केंद्रीय जीएसटी ने पान मसाला बनाने वाली नामचीन कंपनी के 15 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसमें अब तक करीब 30 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हो चुका है।
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राज्यकर विभाग के सचल दलों ने भी ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों और माल से लदी गाड़ियों को चेक कराकर पान मसाला, तंबाकू, सिगरेट समेत अन्य तंबाकू उत्पादों में टैक्स चोरी पकड़ी है। राज्यकर विभाग के जोन-दो के अपर आयुक्त ग्रेड-1 दिनेश मिश्रा का कहना है कि हर महीने करीब 12 से 15 गाड़ियों में टैक्स चोरी करके ले जाए जाने वाले तंबाकू उत्पाद बरामद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते छह माह में गाजियाबाद और बुलंदशहर में तंबाकू उत्पादों में टैक्स चोरी पकड़कर जीएसटी और जुर्माने के रूप में 8 करोड़ से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बीते तीन महीने में पान मसाला की 20, बीड़ी-तंबाकू की 18 और सुपारी की 24 गाड़ियों में टैक्स चोरी पकड़ी गई है।
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ट्रांसपोर्टर से मिलकर किया जा रहा खेल
पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पादों में होने वाली टैक्स चोरी का यह खेल ट्रांसपोर्टरों के साथ मिलकर किया जाता है। सीजीएसटी के अधिकारियों का कहना है कि तंबाकू उत्पादों को परचून यानी मिक्स सामान के ट्रक में बीच में लाद दिया जाता है। उसके ऊपर अन्य सामान रख दिया जाता है। ई-वे बिल में इन उत्पादों को नहीं दर्शाया जाता। राज्यकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग के सचल दलों के अधिकारियों ने ऐसे कई मामले पकड़े हैं। संदेह होने पर गाड़ियों को चेकपोस्ट में लाकर चेक कराया गया तो मिक्स सामान के बीच में तंबाकू उत्पाद पाए गए।