Harish Rana: हरिद्वार जाकर गंगा में विसर्जित की हरीश राणा की अस्थियां, तेरहवीं पैतृक गांव में करेगा परिवार
हरीश राणा की अस्थियां बृहस्पतिवार को हरिद्वार में गंगा जी में विसर्जित कर दी गईं। हरीश का अंतिम संस्कार दिल्ली में किया गया। इसके बाद पूरा परिवार हिमाचल प्रदेश के लिए रवाना हो गया।
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इच्छामृत्यु के बाद 13 वर्षों की मौन पीड़ा से मुक्त हुए हरीश राणा की अस्थियां बृहस्पतिवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित कर दी गईं। इसके बाद पूरा परिवार हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गया। वहां तेरहवीं सहित अन्य सभी कर्मकांड संपन्न किए जाएंगे।
राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसायटी निवासी एनपी शर्मा ने बताया कि इससे पहले बुधवार देर शाम सोसायटी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। गहरे शोक में डूबे परिवार को काफी मनाने के बाद इसमें शामिल कराया जा सका। पिता अशोक राणा भी कई बार आग्रह के बाद सभा में पहुंचे। गमगीन माहौल में उपस्थित लोगों ने हरीश को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी और परिवार के साहस को नमन किया।
एनपी शर्मा ने बताया कि अस्थियां चुनने के बाद परिवार हरिद्वार गया और वहीं विसर्जन किया। अब सभी लोग गांव में तेरहवीं संस्कार के बाद ही वापस लौटेंगे। उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए बेहद कठिन समय है।
वहीं, सोसायटी में रहने वाले वीएन शर्मा ने इस बात पर हैरानी जताई कि न तो अंतिम संस्कार के समय और न ही उसके बाद अब तक कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी परिवार से मिलने पहुंचा।
पिता ने जताया आभार
राज एंपायर सोसायटी निवासी अनिल राज ने बताया कि बुधवार को मुलाकात के दौरान अशोक राणा ने मुख्यमंत्री, सभी जजों और इलाज में शामिल चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कठिन समय में साथ देने वालों का धन्यवाद किया। अनिल राज के अनुसार, परिवार के गांव रवाना होने के कारण सोसायटीवासियों ने बुधवार शाम को ही संक्षिप्त श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।