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फगौता में दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर मिला, 40 की जांच
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गांव शाहपुर फगौता का निरीक्षण करने पहुंचे जिला पंचायत राज अधिकारी।
- फोटो : HAPUR
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फगौता में दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर मिला, 40 की जांच
हापुड़। धौलाना क्षेत्र के गांव फगौता में स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर और लार्वा मिला है। लेकिन राहत की बात यह है कि गांव में बुखार के 40 मरीजों में डेंगू, मलेरिया या जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि नहीं हुई है।
हाल ही में धौलाना क्षेत्र निवासी तीन वर्षीय बच्ची में दिमागी बुखार जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में ही डेरा डाला हुआ है। गांव में चले अभियान में दिमागी बुखार फैलाने वाले क्यूलेक्स मच्छर और उसके लार्वा मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने की टीम ने स्प्रे एवं फॉगिंग करा इसेे नष्ट करा दिया गया। कूलर, पानी की टंकी में भी लार्वा खोज अभियान चला। उधर, टीमों द्वारा किए गए सर्वे में करीब 40 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इन सभी के सैंपल की स्लाइड बनाकर जांच की, उसमें डेंगू और मलेरिया जैसे रोग नहीं मिले हैं। इन मरीजों में दिमागी बुखार जैसे भी लक्षण नहीं दिखे।
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गांव में नहीं मिला कोई कोरोना पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर गांव में लोगों की कोविड की जांच की। इसमें कोई भी मरीज कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला। पूरा गांव कोरोना मुक्त रहा, हालांकि बुखार से पीड़ित मरीज कई घरों में देखने को मिले।
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आबादी में सूकर फार्म हैं खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जापानी इंसेफेलाइटिस फैलाने वाला मच्छर सूकर के खून को सबसे अधिक पसंद करता है। अन्य मच्छर जब संक्रमित सूकर को काटते हैं इसके बाद वह खुद भी संक्रमित होकर लोगों को शिकार बना लेेता है। जिससे यह बीमारी तेजी से फैलती है।
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जापानी इंसेफेलाइटिस से बीमार बच्ची का एक हाथ और एक पैर नहीं कर रहा काम
हापुड़। जापानी इंसेफेलाइटिस से संक्रमित बच्ची का एक हाथ और पैर अभी भी काम नहीं कर रहा है। हालांकि हालत में सुधार के बाद अब बच्ची को वेंटिलेटर से आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। परिवार के दो बच्चों को भी तेज बुखार है, जिनका उपचार हापुड़ के ही अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने गांव में डेरा डाल दिया है।
धौलाना क्षेत्र के गांव निवासी तीन वर्षीय बच्ची को बेहद तेज दिमागी बुखार हुआ था। जांच में बच्ची में जापानी इंसेफेलाइटिस पुष्टि हुई थी। बच्ची का इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान अत़ुल ने बताया कि बच्ची के एक हाथ और एक पैर काम नहीं कर रहा है। वहीं, बच्ची के परिवार के दो और बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं। इन समेत कुल पांच बच्चों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जापानी इंसेफेलाइटिस का हापुड़ में पहली बार ही कोई मामला आया है।
पांच बच्चों के भेजे सैंपल
बच्ची की हालत में पहले के मुकाबले सुधार आया है। पांचों बच्चों के सैंपल जांच को लैब भेज दिए गए हैं। जिले में इस रोग की सक्रियता की पड़ताल की जा रही है, टीमें गांव में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। धौलाना क्षेत्र के गांव फगौता में स्वास्थ्य विभाग की टीम को दिमागी बुखार फैलाने वाला मच्छर और लार्वा मिला है। लेकिन राहत की बात यह है कि गांव में बुखार के 40 मरीजों में डेंगू, मलेरिया या जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि नहीं हुई है।
हाल ही में धौलाना क्षेत्र निवासी तीन वर्षीय बच्ची में दिमागी बुखार जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांव में ही डेरा डाला हुआ है। गांव में चले अभियान में दिमागी बुखार फैलाने वाले क्यूलेक्स मच्छर और उसके लार्वा मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने की टीम ने स्प्रे एवं फॉगिंग करा इसेे नष्ट करा दिया गया। कूलर, पानी की टंकी में भी लार्वा खोज अभियान चला। उधर, टीमों द्वारा किए गए सर्वे में करीब 40 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इन सभी के सैंपल की स्लाइड बनाकर जांच की, उसमें डेंगू और मलेरिया जैसे रोग नहीं मिले हैं। इन मरीजों में दिमागी बुखार जैसे भी लक्षण नहीं दिखे।
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गांव में नहीं मिला कोई कोरोना पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर गांव में लोगों की कोविड की जांच की। इसमें कोई भी मरीज कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला। पूरा गांव कोरोना मुक्त रहा, हालांकि बुखार से पीड़ित मरीज कई घरों में देखने को मिले।
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आबादी में सूकर फार्म हैं खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जापानी इंसेफेलाइटिस फैलाने वाला मच्छर सूकर के खून को सबसे अधिक पसंद करता है। अन्य मच्छर जब संक्रमित सूकर को काटते हैं इसके बाद वह खुद भी संक्रमित होकर लोगों को शिकार बना लेेता है। जिससे यह बीमारी तेजी से फैलती है।
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जापानी इंसेफेलाइटिस से बीमार बच्ची का एक हाथ और एक पैर नहीं कर रहा काम
हापुड़। जापानी इंसेफेलाइटिस से संक्रमित बच्ची का एक हाथ और पैर अभी भी काम नहीं कर रहा है। हालांकि हालत में सुधार के बाद अब बच्ची को वेंटिलेटर से आईसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। परिवार के दो बच्चों को भी तेज बुखार है, जिनका उपचार हापुड़ के ही अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीमों ने गांव में डेरा डाल दिया है।
धौलाना क्षेत्र के गांव निवासी तीन वर्षीय बच्ची को बेहद तेज दिमागी बुखार हुआ था। जांच में बच्ची में जापानी इंसेफेलाइटिस पुष्टि हुई थी। बच्ची का इलाज दिल्ली के एक अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान अत़ुल ने बताया कि बच्ची के एक हाथ और एक पैर काम नहीं कर रहा है। वहीं, बच्ची के परिवार के दो और बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं। इन समेत कुल पांच बच्चों के सैंपल लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है। जापानी इंसेफेलाइटिस का हापुड़ में पहली बार ही कोई मामला आया है।
पांच बच्चों के भेजे सैंपल
बच्ची की हालत में पहले के मुकाबले सुधार आया है। पांचों बच्चों के सैंपल जांच को लैब भेज दिए गए हैं। जिले में इस रोग की सक्रियता की पड़ताल की जा रही है, टीमें गांव में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।