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प्रस्ताव पास किए बिना हज हाउस को दे दी जमीन
अमर उजाला ब्यूरो /गाजियाबाद
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:34 AM IST
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हज हाउस
- फोटो : अमर उजाला
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बीते दिनों घोटालों की वजह से चर्चाओं में रहा नगर निगम फिर विवादों में है। निगम अफसरों ने कार्यकारिणी और सदन से प्रस्ताव पास हुए बिना ही हज हाउस को न केवल करोड़ों की जमीन दे दी, बल्कि उस पर बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए 98 लाख का काम भी शुरू करा दिया।
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अफसरों ने इसकी जानकारी न तो मेयर को दी और न ही सदन व कार्यकारिणी समिति के सदस्यों को। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने अफसरों पर सदन की अवमानना का आरोप लगाया है। वह अब सदन की बैठक में इसका विरोध कर निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग करेंगे।
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आला हजरत हज हाउस के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव नगर निगम अधिकारियों ने नवंबर 2016 में हुई बैठक में प्रस्तुत किया था। इस प्रस्ताव को सदन ने आगामी बैठक में नजरी-नक्शे के साथ प्रस्तुत करने की बात कहकर स्थगित कर दिया था।
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भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2015 में ही नगर आयुक्त ने नगर विकास सचिव को पत्र भेजकर इस जमीन पर स्वीकृति मांगी। इसके बाद इस जमीन पर गुपचुप 98.94 लाख की लागत से बाउंड्रीवॉल बनाने का भी काम शुरू करा दिया। उनका आरोप है कि हज हाउस से नगर निगम का कोई ताल्लुक नहीं है, बावजूद इसके बाउंड्रीवाल बनाने पर करीब एक करोड़ रुपया खर्च क्यों किया जा रहा है।
राजेंद्र त्यागी ने शुक्रवार को निगम कार्यालय में एक प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया कि निगम अधिकारियों ने अब 22 जून को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को फिर पेश किया।
जब मौके पर काम भी शुरू कर दिया गया तो कार्यकारिणी समिति और महापौर को अफसरों ने गुमराह क्यों किया। जनता का पैसा क्यों हज हाउस में लगा दिया गया। उनका कहना है कि आगामी बोर्ड बैठक में अफसरों से इस पर जवाब मांगेंगे।
जरूरत पड़ी हो इसके खिलाफ हाईकोर्ट भी जाएंगे। उधर, नगर विकास मंत्री से जुड़े इस मामले में अब निगम का कोई अफसर बोलने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को नगर आयुक्त भी गाजियाबाद में नहीं थे।
महापौर बोले
मामला मेरे कार्यकाल से पहले का है। जानकारी की गई तो पता चला कि अवस्थापना फंड से बाउंड्रीवॉल कराई जा रही है। अधिकारियों ने मुझे और सदन को इसकी जानकारी नहीं दी, यह गलत है। नगर आयुक्त के लखनऊ से लौटने पर वार्ता की जाएगी। मामले की पूरी पड़ताल कर सदन की मंशा के अनुरूप काम किया जाएगा। - अशु वर्मा, महापौर ।