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ग्रांट से आस..600 करोड़ का बजट पास
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:50 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम की बजट बैठक में बृहस्पतिवार को साल भर में होने वाले शहर के विकास का खाका खींचा गया। 12 पार्षदों और मेयर की अध्यक्षता वाली निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में 560 करोड़ की आमदनी और 600 करोड़ के खर्च वाले बजट पर मंथन हुआ।
पांच घंटे चली बैठक में कई संशोधन के साथ बजट को पास कर दिया गया। समिति ने इनकम बढ़ाने के सुझाव दिए तो विकास कार्यों की कई मद में बढ़ोत्तरी की। निगम का यह बजट घाटे का बजट होगा। निगम ने वर्ष 2016-17 में आमदनी से 60 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करेगा।
सुबह 11 बजे निगम सभागार में शुरू हुई बैठक में 12 में से 11 सदस्य मौजूद रहे। वंदेमातरम के बाद महापौर अशु वर्मा और नगर आयुक्त अब्दुल समद ने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। भाजपा पार्षद प्रवीन चौधरी सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुने गए।
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इसके बाद निगम के अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने बजट के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 113.63 करोड़ रुपये निगम के पास प्रारंभिक अवशेष है। नए वित्तीय वर्ष में नगर निगम हाउस टैक्स, किराया, लाइसेंस शुल्क, ठेका और अन्य मदों से 560.48 करोड़ रुपये की इनकम करेगा।
इसके सापेक्ष एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 578.13 करोड़ रुपये नाली, सीवर, पानी, सड़क, लाइट, पार्कों पर खर्च करेगा। कार्यकारिणी समिति ने इस रकम को 578.13 करोड़ से बढ़ाकर 600 करोड़ कर दिया है।
यहां से आएगा पैसा
राजस्व (संपत्ति कर, किराया आदि) 117.35 करोड़
लाइसेंस शुल्क 1.15 करोड़
विक्रय 40.84 करोड़
किराया 4.29 करोड़
ठेका (पार्किंग आदि) 2.10 करोड़
शुल्क 12.16 करोड़
शासकीय अनुदान व अन्य मदों से आय 376.30 करोड़
विविध आय 6.29 करोड़
यहां खर्च होगा पैसा
सार्वजनिक निर्माण 134.50 करोड़
जल संभरण व निस्तारण 70.35 करोड़
प्रकाश विभाग 14.60 करोड़
स्वास्थ्य विभाग 74.95 करोड़
उद्यान विभाग 29.30 करोड़
शिक्षा, लाइब्रेरी, समाज कल्याण 3.02 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन विभाग 1.25 करोड़
विधि विभाग 83 लाख
सामान्य प्रशासन, नजारत 55.03 करोड़
शासकीय अनुदान से कार्य 194.30 करोड़
सांसद पुत्रवधू के निधन पर हुई शोकसभा
बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू के निधन पर नगर निगम में शोकसभा की गई। बजट बैठक के बाद महापौर, नगर आयुक्त, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष, निगम के अन्य अधिकारी, पार्षद और कर्मचारी पंचम तल पर पहुंचे।
यहां शोक संदेश पढ़ा गया और सांसद पुत्रवधूहिमांशी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सांसद नरेंद्र कश्यप नगर निगम बोर्ड के पदेन सदस्य भी हैं। इसके चलते निगम ने यह शोकसभा की।
इनकम बढ़ाने के महत्वपूर्ण फैसले
छूटे मकानों को टैक्स के दायरे में लाएगा निगम
कार्यकारिणी समिति ने इनकम बढ़ाने के लिए नगर निगम छूटे मकानों को टैक्स के दायरे में लाएगा। नगर निगम इसके लिए वार्डों और कालोनियों में टैक्स कलेक्शन कैंप लगाएगा। टैक्स विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में 100 फीसदी भवनों पर टैक्स लगाकर शपथ पत्र देंगे। क्रास चेकिंग में टैक्स से छूटे मकान मिले तो झूठा शपथ पत्र देने पर कार्रवाई की जाएगी।
जैसी सुविधा, वैसा देना होगा टैक्स
नगर निगम अब कालोनियों में सुविधाओं के मुताबिक टैक्स निर्धारण करने की तैयारी कर रहा है। कार्यकारिणी बैठक में यह तय किया गया कि राजनगर जैसी पॉश कालोनी और सैनविहार, माता कालोनी जैसी मलिन बस्ती के मकानों पर एक जैसा टैक्स नहीं लगाया जाएगा। यानी कम सुविधाओं वाली कालोनियों में रहने वाले लोगों को कम और राजनगर-कविनगर, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी में रहने वाले लोगों को टैक्स ज्यादा चुकाना होगा। निगम अधिकारी इसका विस्तृत खाका तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
फॉगिंग मशीनें खरीदी, साइकिल नहीं
नगर निगम ने करीब 80 लाख के फंड से छोटी फॉगिंग मशीनें तो खरीद लीं, लेकिन साइकिल नहीं खरीदीं। ऐसे में इन मशीनों को वार्डों में नहीं भेजा जा रहा। पार्षदों ने इस पर विरोध जताया। महापौर ने मशीनें और पुरानी साइकिलें ठीक कराकर फॉगिंग शुरू कराने के निर्देश दिए।
रिपेयर होंगे पार्कों के सबमर्सिबल
सबमर्सिबल खराब होने की वजह से पार्कों की हरियाली नहीं सूखेगी। निगम ने खराब सबमर्सिबलों को तत्काल रिपेयर कराने के निर्देश दिए हैं। इनकी रिपेयरिंग में धांधली को रोकने के लिए नगर आयुक्त ने जलकल इंजीनियरों को निगरानी के निर्देश दिए हैं। अब यह रिकार्ड रखा जाएगा कि एक पंप कब-कब रिपेयर कराया गया।
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पांच घंटे चली बैठक में कई संशोधन के साथ बजट को पास कर दिया गया। समिति ने इनकम बढ़ाने के सुझाव दिए तो विकास कार्यों की कई मद में बढ़ोत्तरी की। निगम का यह बजट घाटे का बजट होगा। निगम ने वर्ष 2016-17 में आमदनी से 60 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करेगा।
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सुबह 11 बजे निगम सभागार में शुरू हुई बैठक में 12 में से 11 सदस्य मौजूद रहे। वंदेमातरम के बाद महापौर अशु वर्मा और नगर आयुक्त अब्दुल समद ने कार्यकारिणी उपाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कराई। भाजपा पार्षद प्रवीन चौधरी सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुने गए।
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इसके बाद निगम के अकाउंट ऑफिसर एके मिश्रा ने बजट के आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 113.63 करोड़ रुपये निगम के पास प्रारंभिक अवशेष है। नए वित्तीय वर्ष में नगर निगम हाउस टैक्स, किराया, लाइसेंस शुल्क, ठेका और अन्य मदों से 560.48 करोड़ रुपये की इनकम करेगा।
इसके सापेक्ष एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक 578.13 करोड़ रुपये नाली, सीवर, पानी, सड़क, लाइट, पार्कों पर खर्च करेगा। कार्यकारिणी समिति ने इस रकम को 578.13 करोड़ से बढ़ाकर 600 करोड़ कर दिया है।
यहां से आएगा पैसा
राजस्व (संपत्ति कर, किराया आदि) 117.35 करोड़
लाइसेंस शुल्क 1.15 करोड़
विक्रय 40.84 करोड़
किराया 4.29 करोड़
ठेका (पार्किंग आदि) 2.10 करोड़
शुल्क 12.16 करोड़
शासकीय अनुदान व अन्य मदों से आय 376.30 करोड़
विविध आय 6.29 करोड़
यहां खर्च होगा पैसा
सार्वजनिक निर्माण 134.50 करोड़
जल संभरण व निस्तारण 70.35 करोड़
प्रकाश विभाग 14.60 करोड़
स्वास्थ्य विभाग 74.95 करोड़
उद्यान विभाग 29.30 करोड़
शिक्षा, लाइब्रेरी, समाज कल्याण 3.02 करोड़
संपत्ति व प्रवर्तन विभाग 1.25 करोड़
विधि विभाग 83 लाख
सामान्य प्रशासन, नजारत 55.03 करोड़
शासकीय अनुदान से कार्य 194.30 करोड़
सांसद पुत्रवधू के निधन पर हुई शोकसभा
बसपा सांसद नरेंद्र कश्यप की पुत्रवधू के निधन पर नगर निगम में शोकसभा की गई। बजट बैठक के बाद महापौर, नगर आयुक्त, कार्यकारिणी उपाध्यक्ष, निगम के अन्य अधिकारी, पार्षद और कर्मचारी पंचम तल पर पहुंचे।
यहां शोक संदेश पढ़ा गया और सांसद पुत्रवधूहिमांशी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। सांसद नरेंद्र कश्यप नगर निगम बोर्ड के पदेन सदस्य भी हैं। इसके चलते निगम ने यह शोकसभा की।
इनकम बढ़ाने के महत्वपूर्ण फैसले
छूटे मकानों को टैक्स के दायरे में लाएगा निगम
कार्यकारिणी समिति ने इनकम बढ़ाने के लिए नगर निगम छूटे मकानों को टैक्स के दायरे में लाएगा। नगर निगम इसके लिए वार्डों और कालोनियों में टैक्स कलेक्शन कैंप लगाएगा। टैक्स विभाग के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में 100 फीसदी भवनों पर टैक्स लगाकर शपथ पत्र देंगे। क्रास चेकिंग में टैक्स से छूटे मकान मिले तो झूठा शपथ पत्र देने पर कार्रवाई की जाएगी।
जैसी सुविधा, वैसा देना होगा टैक्स
नगर निगम अब कालोनियों में सुविधाओं के मुताबिक टैक्स निर्धारण करने की तैयारी कर रहा है। कार्यकारिणी बैठक में यह तय किया गया कि राजनगर जैसी पॉश कालोनी और सैनविहार, माता कालोनी जैसी मलिन बस्ती के मकानों पर एक जैसा टैक्स नहीं लगाया जाएगा। यानी कम सुविधाओं वाली कालोनियों में रहने वाले लोगों को कम और राजनगर-कविनगर, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी में रहने वाले लोगों को टैक्स ज्यादा चुकाना होगा। निगम अधिकारी इसका विस्तृत खाका तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।
फॉगिंग मशीनें खरीदी, साइकिल नहीं
नगर निगम ने करीब 80 लाख के फंड से छोटी फॉगिंग मशीनें तो खरीद लीं, लेकिन साइकिल नहीं खरीदीं। ऐसे में इन मशीनों को वार्डों में नहीं भेजा जा रहा। पार्षदों ने इस पर विरोध जताया। महापौर ने मशीनें और पुरानी साइकिलें ठीक कराकर फॉगिंग शुरू कराने के निर्देश दिए।
रिपेयर होंगे पार्कों के सबमर्सिबल
सबमर्सिबल खराब होने की वजह से पार्कों की हरियाली नहीं सूखेगी। निगम ने खराब सबमर्सिबलों को तत्काल रिपेयर कराने के निर्देश दिए हैं। इनकी रिपेयरिंग में धांधली को रोकने के लिए नगर आयुक्त ने जलकल इंजीनियरों को निगरानी के निर्देश दिए हैं। अब यह रिकार्ड रखा जाएगा कि एक पंप कब-कब रिपेयर कराया गया।