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Ghaziabad News: दहेज उत्पीड़न मामले में सास को अग्रिम जमानत
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- गर्भ में बच्चे की मौत का भी आरोप
शादी के तीन साल बाद मारपीट और दहेज मांग के आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। महिला थाना क्षेत्र में दर्ज दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के एक मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी सास शाहिदा उर्फ साजिदा को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए बिना गुण-दोष पर टिप्पणी किए राहत प्रदान की। यह आदेश सत्र न्यायाधीश विनोद सिंह रावत की अदालत ने 12 जून 2026 को पारित किया।
अदालत से मेरी जानकारी केअनुसार नाहल गांव निवासी शाहिदा उर्फ साजिदा को आरोपी बनाया है। थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की शादी 29 दिसंबर 2019 को आसिम मोहम्मद के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में लड़की पक्ष की ओर से घरेलू सामान, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य सामग्री सहित करीब सात लाख रुपये खर्च किए गए थे।
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पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के शुरुआती कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति और ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया। पति पर छोटी-छोटी बातों को लेकर मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया गया है। वहीं सास शाहिदा उर्फ साजिदा और ननद आबिदा पर अतिरिक्त दहेज की मांग करने तथा प्रताड़ित करने का आरोप है। शिकायत के अनुसार ससुराल पक्ष कार और 10 लाख रुपये की मांग कर रहा था।
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पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी ननद ने पति की नजदीकियां एक अन्य महिला से बढ़वाईं, जिसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। उस दौरान वह गर्भवती थी। शिकायत में कहा गया कि 15 अक्तूबर 2022 को कथित मारपीट के बाद उसे पेट में तेज दर्द और रक्तस्राव शुरू हो गया। अस्पताल में जांच के दौरान गर्भ में पल रहे शिशु की मौत की जानकारी दी गई। शिकायत के मुताबिक डॉक्टरों ने सिर में चोट को इसका कारण बताया।
बाद में पति द्वारा तीन तलाक देने और दूसरा निकाह करने का भी आरोप लगाया गया है।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी सास को झूठा फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि मामले में पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। वादिनी नोटिस के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुई।