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Ghaziabad News: कालीबाड़ी मंदिर के दुर्गा पूजा पंडाल में बंगाल के ग्रामीण इलाकों की दिखेगी झलक
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वैशाली। सेक्टर-4 स्थित कालीबाड़ी मंदिर में इस बार दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल में बंगाल के ग्रामीण इलाकों की झलक देखने को मिलेगी। करीब नौ लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे पंडाल में बंगाल के गांवों की संस्कृति और परिवेश को दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है। पंडाल का निर्माण मूर्तिकार अरुण मलाकर और उनकी टीम की देखरेख में कराया जा रहा है। कालीबाड़ी मंदिर समिति के अध्यक्ष एमएम साहा ने बताया कि पूजा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कालीबाड़ी मंदिर में दुर्गा पूजा का आयोजन इस बार 15 से शुरू होकर 21 अक्तूबर तक चलेगा। छह दिनों के आयोजन पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। समिति के अनुसार, पूजा में हर दिन करीब पांच हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
आनंद मेला में मिलेंगे बंगाली व्यंजन
दुर्गा पूजा की शुरुआत पंचमी को आनंद मेला से होगी। मेले में समिति की महिला सदस्य बंगाली व्यंजनों के स्टॉल लगाएंगी। पूजा के दौरान कुल पांच सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें बंगाली संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
कृत्रिम तालाब में होगा विसर्जन
मंदिर समिति के अध्यक्ष एमएम साहा ने बताया कि समिति की ओर से हर साल पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। दशमी के दिन सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का ईको फ्रेंडली तरीके से पंडाल में ही विसर्जन किया जाएगा।
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आनंद मेला में मिलेंगे बंगाली व्यंजन
दुर्गा पूजा की शुरुआत पंचमी को आनंद मेला से होगी। मेले में समिति की महिला सदस्य बंगाली व्यंजनों के स्टॉल लगाएंगी। पूजा के दौरान कुल पांच सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें बंगाली संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
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कृत्रिम तालाब में होगा विसर्जन
मंदिर समिति के अध्यक्ष एमएम साहा ने बताया कि समिति की ओर से हर साल पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है। दशमी के दिन सिंदूर खेला के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का ईको फ्रेंडली तरीके से पंडाल में ही विसर्जन किया जाएगा।
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