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डबल डोज के बाद भी मां-बेटा संक्रमित
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डबल डोज के बाद भी मां-बेटा संक्रमित
इंदिरापुरम। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी मां-बेटा संक्रमित हो गए। इंदिरापुरम के एक सोसायटी निवासी मां-बेटे
10 दिन पहले नैनीताल से घूमकर लौटे हैं। दोनों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। सूचना पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसायटी में पहुंची और परिवार व पड़ोसी के साथ ही सुरक्षा गार्ड और घरेलू सहायिका का सैंपल लिया। आरडब्ल्यूए ने सतर्कता बरतते हुए पूरी सोसायटी में सैनिटाइजेशन कराया। इस समय जिले में कोरोना के पांच मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मां-बेटा 17 अक्तूबर को नैनीताल से लौटे हैं। परिवार में पति, पत्नी और उनका बेटा है। कई दिनों से मां और बेटे को बुखार आ रहा था। परिवार ने पहले मलेरिया और फिर डेंगू का टेस्ट निजी अस्पतालों से कराया। दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर आरटीपीसीआर कराया जो पॉजिटिव निकला। मां को बुखार है जबकि बेटे को बुखार के साथ नाक बंद की परेशानी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिता का सैंपल लिया। उसी फ्लोर पर अन्य दो फ्लैट हैं, जिनमें से एक फ्लैट खाली है जबकि परिवार के बगल वाले फ्लैट में लोग रहते हैं। टीम ने पड़ोसी का सैंपल लेते हुए सभी को रिपोर्ट आने तक आइसोलेट होने की सलाह दी है।
दोनों टीके लग जाने से नहीं आए गंभीर लक्षण
कोविड पॉजिटिव आए मां-बेटा को कोवॉक्सिन की दोनों डोज दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों डोज लग जाने के कारण उनकी हालत नहीं बिगड़ी। उनकी स्थिति सामान्य है और घर पर ही इलाज चल रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विवेक पंवार का कहना है कि उनकी सोसायटी में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद परिवार ने आरडब्ल्यूए को सूचित किया। इसके बाद आरडब्ल्यूए परिवार को सभी सुविधा उनके दरवाजे पर मुहैया करा रही है। अन्य रेजिडेंट्स को इस बारे में बता दिया गया है। सोसायटी में एंट्री पर सैनिटाइजेशन, सोसायटी के अंदर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग आज भी बरकरार है।
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इंदिरापुरम। कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी मां-बेटा संक्रमित हो गए। इंदिरापुरम के एक सोसायटी निवासी मां-बेटे
10 दिन पहले नैनीताल से घूमकर लौटे हैं। दोनों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। सूचना पर बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सोसायटी में पहुंची और परिवार व पड़ोसी के साथ ही सुरक्षा गार्ड और घरेलू सहायिका का सैंपल लिया। आरडब्ल्यूए ने सतर्कता बरतते हुए पूरी सोसायटी में सैनिटाइजेशन कराया। इस समय जिले में कोरोना के पांच मरीजों का इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मां-बेटा 17 अक्तूबर को नैनीताल से लौटे हैं। परिवार में पति, पत्नी और उनका बेटा है। कई दिनों से मां और बेटे को बुखार आ रहा था। परिवार ने पहले मलेरिया और फिर डेंगू का टेस्ट निजी अस्पतालों से कराया। दोनों जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद चिकित्सकों की सलाह पर आरटीपीसीआर कराया जो पॉजिटिव निकला। मां को बुखार है जबकि बेटे को बुखार के साथ नाक बंद की परेशानी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिता का सैंपल लिया। उसी फ्लोर पर अन्य दो फ्लैट हैं, जिनमें से एक फ्लैट खाली है जबकि परिवार के बगल वाले फ्लैट में लोग रहते हैं। टीम ने पड़ोसी का सैंपल लेते हुए सभी को रिपोर्ट आने तक आइसोलेट होने की सलाह दी है।
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दोनों टीके लग जाने से नहीं आए गंभीर लक्षण
कोविड पॉजिटिव आए मां-बेटा को कोवॉक्सिन की दोनों डोज दी जा चुकी हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों डोज लग जाने के कारण उनकी हालत नहीं बिगड़ी। उनकी स्थिति सामान्य है और घर पर ही इलाज चल रहा है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विवेक पंवार का कहना है कि उनकी सोसायटी में शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन हो चुका है। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद परिवार ने आरडब्ल्यूए को सूचित किया। इसके बाद आरडब्ल्यूए परिवार को सभी सुविधा उनके दरवाजे पर मुहैया करा रही है। अन्य रेजिडेंट्स को इस बारे में बता दिया गया है। सोसायटी में एंट्री पर सैनिटाइजेशन, सोसायटी के अंदर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग आज भी बरकरार है।
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