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Ghaziabad News: चालन प्रत्यायन केंद्र पर जान पूछकर फेल करने का आरोप लगा रहे आवेदक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:52 AM IST
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Applicants are accusing the driving accreditation center of deliberately failing them.
पिछले करीब एक सप्ताह से परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाने की रफ्तार धीमी है। हालत यह है कि रोजाना तीन, चार आवेदकों को ही पास किया जा रहा है। शेष लोग निराश होकर लौट रहे हैं। इसी चक्कर में बीते तीन, चार दिन से आवेदकों की संख्या भी आधे से कम रह गई है। जबकि, मध्य अगस्त तक रोजाना करीब 200 आवेदकों को पास किया जा रहा था। अचानक बदली इस व्यवस्था से चालन प्रत्यायन केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसको लेकर आवेदकों में नाराजगी है।
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अब तक 50 शिकायतें एआरटीओ और आरटीओ को मिली हैं, इसमें आवेदक चालन प्रत्यायन केंद्र पर जान पूछकर फेल करने का आरोप लगा रहे हैं। आवेदकों का कहना कि एक बार फेल होने के बाद चालन प्रत्यायन केंद्र का सर्टिफिकेट मिलने पर पास होने का नियम आने की वजह से उनको फेल किया जा रहा है। प्रशिक्षण के नाम पर उनसे छह हजार रुपये फीस वसूलने के लिए ऐसा किया जा रहा है। एआरटीओ अशोक श्रीवास्तव ने इसकी जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि केंद्र पर लगे वीडियो कैमरो की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। लोनी के आवेदक दीपांशु ने बताया कि उन्होंने परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी कराने के लिए पहली बार 17 अगस्त का स्लॉट बुक किया। आरटीओ में प्रपत्रों का सत्यापन होने के बाद उनको गुलधर स्थित चालन प्रत्यायन केंद्र पर भेज दिया गया। उन्होंने 21 अगस्त को स्लॉट बुक किया तो कहा गया कि दो तीन दिन के लिए टेस्ट प्रक्रिया बंद है। तीसरी बार 31 अगस्त का स्लॉट लिया, लेकिन वहां टेस्ट नहीं कराया गया। केंद्र के कर्मचारी ने उनसे प्रशिक्षण लेने को कहा। इसकी छह हजार रुपये फीस बताई गई।
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-जान पूछकर किया गया फेल :
मुरादनगर के रावली रोड निवासी प्रवीण ने बताया कि उनको कार और बाइक का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना था। प्रपत्रों के सत्यापन के बाद केंद्र पर गया तो वहां बाइक चलवाकर देखी गई। उन्होंने कोई गलती भी नहीं की, इसके बावजूद उनको फेल करने का प्रमाणपत्र दे दिया। पास कराने का रास्ता पूछने पर बताया गया कि सेंटर पर एक प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र मिलता है, इसके लिए छह हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। उसको जमा करने पर वह आसानी से पास हो सकते हैं।
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-नहीं चला सर्वर, दिनभर परेशान रहे लोग :
सोमवार को आरटीओ में परिवहन विभाग का सर्वर ठप हो गया। इसी वजह से न तो लाइसेंस संबंधी काम हुआ और न ही आरटीओ में अन्य कोई कार्य हो सके। दोपहर बाद भी इसकी गति काफी धीमी रही। अधिकांश लोगों को मंगलवार को कार्यालय आने के लिए कहा गया। अफसर और कर्मचारी भी इसी चक्कर में परेशान रहे। खिड़कियों पर भीड़ लगी रही। लोग आते रहे और निराश होकर लौटते रहे। इस बारे में एआरटीओ ने बताया कि सर्वर की समस्या मुख्यालय स्तर से हुई है। इसको लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।
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