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अब टीबी मरीजों को इंजेक्शन के दर्द से मिलेगी निजात
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अब टीबी मरीजों को मिलेगा इंजेक्शन के दर्द से छुटकारा
गाजियाबाद। टीबी मरीजों का उपचार अब 20 फरवरी से टीबी के लिए इंजेक्शन फ्री उपचार शुरू होगा। अभी तक मरीजों को हर माह 25 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। हर मरीज को यह उपचार छह से नौ माह तक लेना होता था। मस्कुलर इंजेक्शन होने के चलते यह काफी पीड़ादायक भी होता था। खासकर बच्चों के मामले में ज्यादा दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब इंजेक्शन फ्री उपचार शुरू शुरू होगा इसके लिए आगरा में बृहस्पतिवार और शुक्त्रस्वार को प्रशिक्षण दिया गया। अप्रैल 2020 तक टीबी का उपचार पूरी तरह ओरल पैटर्न पर लाने की कवायद है। सेंट्रल टीबी डिवीजन के डीजी केएस सचदेवा की ओर से सभी राज्य क्षय रोग अधिकारियों और जिला क्षय रोग अधिकारियों को भेजी गई है।
जिला क्षय रोग अधिकारी जेपी श्रीवास्तव ने बताया राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्त्रस्म (एनटीईपी) के तहत नया उपचार टीबी के साधारण मरीजों पर ही नहीं, बल्कि मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) के मरीजों पर भी सफलता पूर्वक काम करेगा। टीबी के उपचार के लिए नेशनल टेकिभनकल एक्सपर्ट ग्रुप (एनटीईजी) ने इंजेक्शन की जगह ओरल उपचार की सिफारिश की है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पांच बैचों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को आगरा में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जेपी श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि शुक्रवार को सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया।
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गाजियाबाद। टीबी मरीजों का उपचार अब 20 फरवरी से टीबी के लिए इंजेक्शन फ्री उपचार शुरू होगा। अभी तक मरीजों को हर माह 25 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। हर मरीज को यह उपचार छह से नौ माह तक लेना होता था। मस्कुलर इंजेक्शन होने के चलते यह काफी पीड़ादायक भी होता था। खासकर बच्चों के मामले में ज्यादा दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब इंजेक्शन फ्री उपचार शुरू शुरू होगा इसके लिए आगरा में बृहस्पतिवार और शुक्त्रस्वार को प्रशिक्षण दिया गया। अप्रैल 2020 तक टीबी का उपचार पूरी तरह ओरल पैटर्न पर लाने की कवायद है। सेंट्रल टीबी डिवीजन के डीजी केएस सचदेवा की ओर से सभी राज्य क्षय रोग अधिकारियों और जिला क्षय रोग अधिकारियों को भेजी गई है।
जिला क्षय रोग अधिकारी जेपी श्रीवास्तव ने बताया राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्त्रस्म (एनटीईपी) के तहत नया उपचार टीबी के साधारण मरीजों पर ही नहीं, बल्कि मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (एमडीआर) के मरीजों पर भी सफलता पूर्वक काम करेगा। टीबी के उपचार के लिए नेशनल टेकिभनकल एक्सपर्ट ग्रुप (एनटीईजी) ने इंजेक्शन की जगह ओरल उपचार की सिफारिश की है। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पांच बैचों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। बृहस्पतिवार को आगरा में जिला क्षय रोग अधिकारी डा. जेपी श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि शुक्रवार को सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया।
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