{"_id":"5d924b128ebc3e93d33e6bf7","slug":"ghaziyabad-news-ghaziabad-news-gbd1854962140","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण केंद्र संचालकों की हड़ताल समाप्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदूषण केंद्र संचालकों की हड़ताल समाप्त
विज्ञापन
प्रदूषण केंद्र संचालकों की हड़ताल खत्म
गाजियाबाद। प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों ने हड़ताल खत्म कर दी है। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि प्रदूषण जांच शुल्क बढ़ाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।
गाजियाबाद पीयूसी ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष दीपक अनेजा ने बताया कि प्रदूषण जांच शुल्क की दर 2013 में संभागीय परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित की गई थी। इसके बाद छह साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। परिवहन विभाग लगातार शुल्क बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले मंगलवार को लखनऊ में जाकर परिवहन मंत्री, परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या रखेंगे, जिससे उसका समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में लाइसेंस, फिटनेस, परमिट के शुल्क में कई गुना वृद्धि की जा चुकी है। मांगों को लेकर उन्होंने सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सोमवार को प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनाए गए। दीपक अनेजा ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे हड़ताल खत्म हो गई। अब सभी वाहन चालकों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बन सकेंगे।
विज्ञापन
गाजियाबाद। प्रदूषण जांच केंद्र संचालकों ने हड़ताल खत्म कर दी है। उन्होंने सरकार से मांग की थी कि प्रदूषण जांच शुल्क बढ़ाया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है।
गाजियाबाद पीयूसी ऑपरेटर्स यूनियन के अध्यक्ष दीपक अनेजा ने बताया कि प्रदूषण जांच शुल्क की दर 2013 में संभागीय परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित की गई थी। इसके बाद छह साल से इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। परिवहन विभाग लगातार शुल्क बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अगले मंगलवार को लखनऊ में जाकर परिवहन मंत्री, परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या रखेंगे, जिससे उसका समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में लाइसेंस, फिटनेस, परमिट के शुल्क में कई गुना वृद्धि की जा चुकी है। मांगों को लेकर उन्होंने सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सोमवार को प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनाए गए। दीपक अनेजा ने बताया कि सोमवार रात आठ बजे हड़ताल खत्म हो गई। अब सभी वाहन चालकों के प्रदूषण प्रमाण पत्र बन सकेंगे।
विज्ञापन