{"_id":"5d3ca4358ebc3e6ca435ea39","slug":"ghaziyabad-news-ghaziabad-news-gbd1811897136","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम की लेटलतीफी से टैक्स बिल की छूट न जाए ‘छूट’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम की लेटलतीफी से टैक्स बिल की छूट न जाए ‘छूट’
विज्ञापन
निगम की लेटलतीफी से टैक्स बिल की छूट न जाए ‘छूट’
गाजियाबाद। नगर निगम ने हाउस टैक्स में छूट के लिए तो शेड्यूल बना दिया है, लेकिन टैक्स बिलों को घरों तक पहुंचाने के लिए तय अवधि में बिल बांटने का काम पूरा नहीं किया है। शहर में करीब चार लाख हाउस टैक्स दाता हैं, लेकिन अभी तक 40 फीसदी भवन मालिकों को भी बिल नहीं भेजे गए हैं। निगम के टैक्स बिल का इंतजार किया तो हजारों लोग छूट से वंचित रह जाएंगे।
नगर निगम 31 अगस्त तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 फीसदी की छूट देता है। एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक यह छूट 15 फीसदी रह जाती है और इसके बाद दो अगले दो माह 10 फीसदी रह जाती है। नियमों के मुताबिक नगर निगम को छूट की अवधि खत्म होने से कम से कम एक माह पूर्व भवन मालिकों तक हाउस टैक्स का डिमांड बिल भेजना होता है। ताकि एक माह में टैक्स दाता बिल जमा कर सके। बावजूद इसके अभी टैक्स की 20 फीसदी छूट खत्म होने में सिर्फ एक माह बाकी है, लेकिन अभी करीब 60 फीसदी भवन ऐसे हैं जिनमें टैक्स बिल नहीं पहुंचे हैं।
--
आबादी बढ़ी, संसाधन वही
नगर निगम क्षेत्र में भवनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब तीन साल पूर्व नगर निगम में टैक्स देने वाले भवनों की संख्या महज लगभग 2.5 लाख थी। अब इनकी संख्या करीब 4 लाख पहुंच गई है, लेकिन निगम के संसाधनों और बिल बांटने वाले कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी। हाईटेक व्यवस्था के नाम पर ऑनलाइन हाउस टैक्स, बैंकों में टैक्स जमा करने की शुरूआत की गई हैं, लेकिन टैक्स में गड़बड़ियों को सुधरवाने के लिए लोगों को अक्सर पहले नगर निगम कार्यालय में जाना पड़ता है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
--
अधिकारी बोले
टैक्स बिलों का इंतजार न करें। लोग अपने मकान नंबर या यूनीक आईडी नंबर से हाउस टैक्स का बिल पता कर सकते हैं। इसके बाद वह चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन बिल जमा कर दें या नगर निगम कार्यालय और चयनित बैंक कार्यालय जाकर टैक्स जमा करा दें। - संजीव कुमार सिन्हा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम ने हाउस टैक्स में छूट के लिए तो शेड्यूल बना दिया है, लेकिन टैक्स बिलों को घरों तक पहुंचाने के लिए तय अवधि में बिल बांटने का काम पूरा नहीं किया है। शहर में करीब चार लाख हाउस टैक्स दाता हैं, लेकिन अभी तक 40 फीसदी भवन मालिकों को भी बिल नहीं भेजे गए हैं। निगम के टैक्स बिल का इंतजार किया तो हजारों लोग छूट से वंचित रह जाएंगे।
नगर निगम 31 अगस्त तक हाउस टैक्स जमा करने पर 20 फीसदी की छूट देता है। एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक यह छूट 15 फीसदी रह जाती है और इसके बाद दो अगले दो माह 10 फीसदी रह जाती है। नियमों के मुताबिक नगर निगम को छूट की अवधि खत्म होने से कम से कम एक माह पूर्व भवन मालिकों तक हाउस टैक्स का डिमांड बिल भेजना होता है। ताकि एक माह में टैक्स दाता बिल जमा कर सके। बावजूद इसके अभी टैक्स की 20 फीसदी छूट खत्म होने में सिर्फ एक माह बाकी है, लेकिन अभी करीब 60 फीसदी भवन ऐसे हैं जिनमें टैक्स बिल नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन
--
आबादी बढ़ी, संसाधन वही
नगर निगम क्षेत्र में भवनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। करीब तीन साल पूर्व नगर निगम में टैक्स देने वाले भवनों की संख्या महज लगभग 2.5 लाख थी। अब इनकी संख्या करीब 4 लाख पहुंच गई है, लेकिन निगम के संसाधनों और बिल बांटने वाले कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ी। हाईटेक व्यवस्था के नाम पर ऑनलाइन हाउस टैक्स, बैंकों में टैक्स जमा करने की शुरूआत की गई हैं, लेकिन टैक्स में गड़बड़ियों को सुधरवाने के लिए लोगों को अक्सर पहले नगर निगम कार्यालय में जाना पड़ता है। ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
--
अधिकारी बोले
टैक्स बिलों का इंतजार न करें। लोग अपने मकान नंबर या यूनीक आईडी नंबर से हाउस टैक्स का बिल पता कर सकते हैं। इसके बाद वह चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन बिल जमा कर दें या नगर निगम कार्यालय और चयनित बैंक कार्यालय जाकर टैक्स जमा करा दें। - संजीव कुमार सिन्हा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम