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ब्रेव हार्ट सोसायटी में आग, बदइंतजामी बेनकाब
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ब्रेव हार्ट सोसायटी में लगी आग, बदइंतजामी बेनकाब
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ब्रेव हार्ट सोसायटी की दसवीं मंजिल के फ्लैट में बृहस्पतिवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूम ले लिया। फ्लैट में लगी आग ने सोसायटी में सुरक्षा इंतजामों को बेनकाब कर दिया। न तो फायर अलार्म बजा और न ही अग्निशमन यंत्र काम कर सके। पीड़ित महिला चीखती-चिल्लाती इधर-उधर दौड़ती रही, जिसके बाद पड़ोसियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
ब्रेव हार्ट सोसायटी की दसवीं मंजिल के सी-107 नंबर फ्लैट में दवा कंपनी सिप्ला के जोनल मैनेजर अभिनव कौशिक रहते हैं। सुबह करीब छह बजे अभिनव की पत्नी रसोई में खाना बना रही थीं। गैस बंद करके वह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने लगीं। चिमनी ऑन थी। इसी बीच रसोई के ऊपर लगी चिमनी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। फ्लैट में धुआं फैलने से आग का पता चला, लेकिन तब तक आग ने पूरी रसोई को अपनी चपेट में ले लिया था। चिमनी, फ्रीज और अन्य सामान जल गया। फ्लैट में धुआं भरने से बच्चों का दम घुटने लगा तो महिला उन्हें लेकर बाहर दौड़ी।
अलार्म बज जाता तो जल्द बुझ जाती आग
आरोप है कि फायर अलार्म बजाने पर उसने काम ही नहीं किया। इस वजह से अभिनव की पत्नी ने इधर-उधर दौड़कर पड़ोसियों केदरवाजे पीटे। पड़ोसियों ने इकट्ठा होकर बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे में जाकर पड़ोसियों ने आग पर काबू पाया।
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सूचना के एक घंटे बाद भी नहीं पहुंची दमकल गाड़ी
पड़ोसियों ने दमकल विभाग को सूचना दी थी, लेकिन एक घंटे तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी। आग बुझने के बाद दमकल कर्मियों ने फोन करकेपूछा। आग बुझने का पता लगने पर वे रास्ते से ही लौट गए।
काश एक्सपायर न होते अग्निशमन यंत्र
सोसायटी के लोगों का आरोप है कि आग बुझाने के लिए सोसायटी में अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन वे फरवरी माह में ही एक्सपायर हो चुके हैं। उन्होंने काम ही नहीं किया।
गार्डों को चलाने नहीं आते थे अग्निशमन यंत्र
आरोप है कि आग लगने के बाद सोसायटी के लोग इधर-उधर दौड़कर आग बुझा रहे थे लेकिन सोसायटी गार्ड मूकदर्शक बने हुए थे। उन्हें अग्निशमन यंत्र चलाने ही नहीं आते थे।
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की ब्रेव हार्ट सोसायटी की दसवीं मंजिल के फ्लैट में बृहस्पतिवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूम ले लिया। फ्लैट में लगी आग ने सोसायटी में सुरक्षा इंतजामों को बेनकाब कर दिया। न तो फायर अलार्म बजा और न ही अग्निशमन यंत्र काम कर सके। पीड़ित महिला चीखती-चिल्लाती इधर-उधर दौड़ती रही, जिसके बाद पड़ोसियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
ब्रेव हार्ट सोसायटी की दसवीं मंजिल के सी-107 नंबर फ्लैट में दवा कंपनी सिप्ला के जोनल मैनेजर अभिनव कौशिक रहते हैं। सुबह करीब छह बजे अभिनव की पत्नी रसोई में खाना बना रही थीं। गैस बंद करके वह बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करने लगीं। चिमनी ऑन थी। इसी बीच रसोई के ऊपर लगी चिमनी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। फ्लैट में धुआं फैलने से आग का पता चला, लेकिन तब तक आग ने पूरी रसोई को अपनी चपेट में ले लिया था। चिमनी, फ्रीज और अन्य सामान जल गया। फ्लैट में धुआं भरने से बच्चों का दम घुटने लगा तो महिला उन्हें लेकर बाहर दौड़ी।
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अलार्म बज जाता तो जल्द बुझ जाती आग
आरोप है कि फायर अलार्म बजाने पर उसने काम ही नहीं किया। इस वजह से अभिनव की पत्नी ने इधर-उधर दौड़कर पड़ोसियों केदरवाजे पीटे। पड़ोसियों ने इकट्ठा होकर बचाव कार्य शुरू किया। करीब एक घंटे में जाकर पड़ोसियों ने आग पर काबू पाया।
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सूचना के एक घंटे बाद भी नहीं पहुंची दमकल गाड़ी
पड़ोसियों ने दमकल विभाग को सूचना दी थी, लेकिन एक घंटे तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी। आग बुझने के बाद दमकल कर्मियों ने फोन करकेपूछा। आग बुझने का पता लगने पर वे रास्ते से ही लौट गए।
काश एक्सपायर न होते अग्निशमन यंत्र
सोसायटी के लोगों का आरोप है कि आग बुझाने के लिए सोसायटी में अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं, लेकिन वे फरवरी माह में ही एक्सपायर हो चुके हैं। उन्होंने काम ही नहीं किया।
गार्डों को चलाने नहीं आते थे अग्निशमन यंत्र
आरोप है कि आग लगने के बाद सोसायटी के लोग इधर-उधर दौड़कर आग बुझा रहे थे लेकिन सोसायटी गार्ड मूकदर्शक बने हुए थे। उन्हें अग्निशमन यंत्र चलाने ही नहीं आते थे।