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निगम ने झाड़ा पल्ला, दीपांशु की मौत का जिम्मेदार भगवान
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निगम ने झाड़ा पल्ला, दीपांशु की मौत का जिम्मेदार भगवान
गाजियाबाद। विजयनगर केे सर्वोदय नगर में नाले में गिरने से हुई 10वीं के छात्र की मौत के मामले में नगर निगम ने पल्ला झाड़ लिया। निगम की जांच समिति ने ठेकेदार, स्थानीय सेनिटरी इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी। निगम ने दीपांशु की मौत का ठीकरा भगवान के ऊपर फोड़ दिया। जांच रिपोर्ट में बारिश से जलभराव के दौरान सेंट टेरेसा स्कूल की ओर से पीछे का गेट खोले जाने की वजह से हादसा होना बताया गया है।
नाले में गिरकर बच्चे की मौत का मामला लखनऊ तक गूंजा था। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने आनन-फानन में तीन अधिकारियों की जांच समिति बनाकर 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच के लिए और अतिरिक्त समय मांग लिया। मामला ठंडा पड़ा तो निगम अधिकारियों ने धीरे से सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी। हादसे के तत्काल बाद क्लीन चिट की रिपोर्ट दी जाती तो हंगामा हो सकता था। अपर नगरायुक्त शिव पूजन यादव, चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन और जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद त्रिपाठी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी का दावा है कि स्थानीय लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी की गई। उनके बयान दर्ज किए गए। बयानों और निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त दिनेश चंद्र को सौंप दी गई है।
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यह कह रही है जांच रिपोर्ट
जिस नाले में गिरकर बच्चे की मौत हुई, उस नाले के दोनों ओर लोगों ने दीवार और अतिक्रमण कर लिया गया है। आसपास के लोग विगत कई वर्ष से यहां डेयरियां संचालित कर रहे हैं। डेयरी संचालकों ने नाले के स्लैब को तोड़कर उसमें गोबर डालना शुरू कर दिया था। इससे नाला बंद हो जाता था। कुछ दिनों से नाले की सफाई की जा रही थी। दुर्घटना के दिन तेज बारिश के कारण सेंट टेरेसा स्कूल के सामने अधिक जलभराव हो गया था। स्कूल वालों ने पीछे का गेट खोल दिया था। इसके कारण छात्र दीपांशु विपरीत दिशा में नाले के रास्ते से जा रहाथा। तेज बारिश में नाले का टूटा स्लैब दीपांशु को दिखाई नहीं दिया और दुर्भाग्यवश वह नाले में गिर गया और दुखद घटना हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक एनएच-9 पर एनएचएआई ने नाला ऊंचा कर दिया गया है। इससे सर्वोदय नगर में जल निकासी बाधित होने का जिक्र किया गया है। इसके सुधार के लिए एनएचएआई को पत्र भेजा जा रहा है।
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डेयरी संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी, 26 चिह्नित
नगर निगम अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को क्लीन चिट देकर ठींकरा सेंट टेरेसा स्कूल और डेयरी संचालकों पर फोड़ दिया है। अब एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए सार्वजनिक भूमि पर गोबर डालकर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने 26 डेयरी संचालकों को चिह्नित कर लिया है। इन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के लिए जोनल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। विजयनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए नगर आयुक्त ने अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, जलकल महाप्रबंधक बृजेश कुमार सिंह, और चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
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कोट
जांच समिति ने मौके पर जाकर जांच की और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके सबमिट की गई है। जांच में प्रथम दृष्टया किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही परिलक्षित नहीं हुई है। - दिनेश चंद्र, नगरायुक्त
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दादा बोले, निगम की गलती से हुआ हादसा
मृतक छात्र दीपांशु के दादा आसाराम का कहना है कि जांच रिपोर्ट की जानकारी तो नहीं है, लेकिन यह तो साफ है कि नगर निगम की गलती की वजह से हादसा हुआ है। अब अधिकारी रिपोर्ट चाहे कुछ भी दें।
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गाजियाबाद। विजयनगर केे सर्वोदय नगर में नाले में गिरने से हुई 10वीं के छात्र की मौत के मामले में नगर निगम ने पल्ला झाड़ लिया। निगम की जांच समिति ने ठेकेदार, स्थानीय सेनिटरी इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी। निगम ने दीपांशु की मौत का ठीकरा भगवान के ऊपर फोड़ दिया। जांच रिपोर्ट में बारिश से जलभराव के दौरान सेंट टेरेसा स्कूल की ओर से पीछे का गेट खोले जाने की वजह से हादसा होना बताया गया है।
नाले में गिरकर बच्चे की मौत का मामला लखनऊ तक गूंजा था। नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने आनन-फानन में तीन अधिकारियों की जांच समिति बनाकर 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच के लिए और अतिरिक्त समय मांग लिया। मामला ठंडा पड़ा तो निगम अधिकारियों ने धीरे से सभी कर्मचारियों-अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी। हादसे के तत्काल बाद क्लीन चिट की रिपोर्ट दी जाती तो हंगामा हो सकता था। अपर नगरायुक्त शिव पूजन यादव, चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन और जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद त्रिपाठी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी का दावा है कि स्थानीय लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी की गई। उनके बयान दर्ज किए गए। बयानों और निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त दिनेश चंद्र को सौंप दी गई है।
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यह कह रही है जांच रिपोर्ट
जिस नाले में गिरकर बच्चे की मौत हुई, उस नाले के दोनों ओर लोगों ने दीवार और अतिक्रमण कर लिया गया है। आसपास के लोग विगत कई वर्ष से यहां डेयरियां संचालित कर रहे हैं। डेयरी संचालकों ने नाले के स्लैब को तोड़कर उसमें गोबर डालना शुरू कर दिया था। इससे नाला बंद हो जाता था। कुछ दिनों से नाले की सफाई की जा रही थी। दुर्घटना के दिन तेज बारिश के कारण सेंट टेरेसा स्कूल के सामने अधिक जलभराव हो गया था। स्कूल वालों ने पीछे का गेट खोल दिया था। इसके कारण छात्र दीपांशु विपरीत दिशा में नाले के रास्ते से जा रहाथा। तेज बारिश में नाले का टूटा स्लैब दीपांशु को दिखाई नहीं दिया और दुर्भाग्यवश वह नाले में गिर गया और दुखद घटना हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक एनएच-9 पर एनएचएआई ने नाला ऊंचा कर दिया गया है। इससे सर्वोदय नगर में जल निकासी बाधित होने का जिक्र किया गया है। इसके सुधार के लिए एनएचएआई को पत्र भेजा जा रहा है।
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डेयरी संचालकों पर कार्रवाई की तैयारी, 26 चिह्नित
नगर निगम अधिकारियों ने अपने कर्मचारियों को क्लीन चिट देकर ठींकरा सेंट टेरेसा स्कूल और डेयरी संचालकों पर फोड़ दिया है। अब एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए सार्वजनिक भूमि पर गोबर डालकर नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में उन पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने 26 डेयरी संचालकों को चिह्नित कर लिया है। इन पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने के लिए जोनल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। विजयनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के निस्तारण के लिए नगर आयुक्त ने अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, जलकल महाप्रबंधक बृजेश कुमार सिंह, और चीफ इंजीनियर मोइनुद्दीन की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
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कोट
जांच समिति ने मौके पर जाकर जांच की और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। इसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके सबमिट की गई है। जांच में प्रथम दृष्टया किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही परिलक्षित नहीं हुई है। - दिनेश चंद्र, नगरायुक्त
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दादा बोले, निगम की गलती से हुआ हादसा
मृतक छात्र दीपांशु के दादा आसाराम का कहना है कि जांच रिपोर्ट की जानकारी तो नहीं है, लेकिन यह तो साफ है कि नगर निगम की गलती की वजह से हादसा हुआ है। अब अधिकारी रिपोर्ट चाहे कुछ भी दें।