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एआरटी सेंटर को शिफ्ट किया जाएगा
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एआरटी सेंटर होगा शिफ्ट, बढ़ रही है मरीजों की संख्या
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में स्थित एआरटी सेंटर ( एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर को अब शिफ्ट किया जाएगा। यह सेंटर एमएमजी के पुराने इमरजेंसी में संचालित किया जा रहा था। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इसको चार कमरों वाले भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए पुराने महिला अस्पताल स्थित एनसीडीसी क्लीनिक में चार कमरे तैयार कर दिए गए हैं।
एमएमजी अस्पताल में पिछले तीन साल से एचआईवी पीड़ितों के इलाज के लिए एआरटी सेंटर संचालित किया जा रहा था। अब दिनों दिन मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अधिक जगह की जरूरत महसूस होने लगी थी। अभी तक पुराने इमरजेंसी के एक कमरे में इसे संचालित किया जा रहा था। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देशानुसार इसमें मरीजों की सुविधा के लिए बड़े परिसर में संचालित किया जाना था। इसके लिए या तो अलग से सेंटर बनाने की योजना थी और या फिर पुराने भवन की मरम्मत करके उसमें संचालित किया जाना था। एमएमजी के सीएमएस डॉ. रविंद्र राणा ने बताया कि एमएमजी परिसर में अलग से जमीन नहीं है, इसलिए पुराने महिला अस्पताल के भवन में चार कमरों की मरम्मत करके इसको उसमें शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए यूपीसैक से छह लाख के बजट की मांग की गई है। गौरतलब है कि जिले में अभी तक 2100 एचआईवी के मरीज रजिस्टर हैं। रविंद्र राणा ने बताया कि जल्द ही इस एआरटी सेंटर को नई जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में स्थित एआरटी सेंटर ( एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर को अब शिफ्ट किया जाएगा। यह सेंटर एमएमजी के पुराने इमरजेंसी में संचालित किया जा रहा था। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इसको चार कमरों वाले भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए पुराने महिला अस्पताल स्थित एनसीडीसी क्लीनिक में चार कमरे तैयार कर दिए गए हैं।
एमएमजी अस्पताल में पिछले तीन साल से एचआईवी पीड़ितों के इलाज के लिए एआरटी सेंटर संचालित किया जा रहा था। अब दिनों दिन मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही अधिक जगह की जरूरत महसूस होने लगी थी। अभी तक पुराने इमरजेंसी के एक कमरे में इसे संचालित किया जा रहा था। उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देशानुसार इसमें मरीजों की सुविधा के लिए बड़े परिसर में संचालित किया जाना था। इसके लिए या तो अलग से सेंटर बनाने की योजना थी और या फिर पुराने भवन की मरम्मत करके उसमें संचालित किया जाना था। एमएमजी के सीएमएस डॉ. रविंद्र राणा ने बताया कि एमएमजी परिसर में अलग से जमीन नहीं है, इसलिए पुराने महिला अस्पताल के भवन में चार कमरों की मरम्मत करके इसको उसमें शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए यूपीसैक से छह लाख के बजट की मांग की गई है। गौरतलब है कि जिले में अभी तक 2100 एचआईवी के मरीज रजिस्टर हैं। रविंद्र राणा ने बताया कि जल्द ही इस एआरटी सेंटर को नई जगह पर शिफ्ट कर दिया जाएगा।
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