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मसूरी थाने में बना जिले का पहला डिजिटल मालखाना
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मसूरी थाने में बना मेरठ जोन का पहला डिजिटल मालखाना
गाजियाबाद। पुलिस मालखानों में दस्तावेजों के रखरखाव के झंझट को अब खत्म किया जा सकेगा। इसके लिए मालखानों को डिजिटल करने की कवायद शुरू कर दी गई है। मसूरी थाना में मेरठ जोन पर पहला डिजिटल मालखाना शुरू किया गया है। एसएसपी पवन कुमार ने मालखाने का निरीक्षण कर सभी थाना प्रभारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी कराया। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिले के सभी थानों में मालखानों को डिजिटल किया जाएगा।
मसूरी थाने में मालखाने को डिजिटल करने में करीब सवा तीन महीने का समय लगा। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि इसमें एएसपी आकाश पटेल, थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह और मालखाना इंचार्ज सुखबीर सिंह कड़ी मेहनत है। मालखाने में रखे 1996 से लेकर अब तक के माल को बार कोड देने का काम किया गया। इसके बाद सभी बारकोड को कंप्यूटर में दर्ज किया गया है। कंप्यूटर में प्रत्येक बरामद सामान, वाहन, आरोपियों से बरामद माल का विवरण दर्ज किया गया है। अगर कोई माल जांच या अन्य स्थिति में बाहर भेजा जाएगा तो इसकी जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इस दौरान उन्होंने सभी थानों के प्रभारियों की कार्यशाला को आयोजित कराया। डिजिटल मालखाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को बार कोड देने, उन्हें कंप्यूटर में दर्ज करने और विवरण निकालने संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाटा को कई जगह सेव किया गया है, जिससे तकनीकी खराबी होने पर दूसरी जगह से डाटा को अपलोड किया जा सके। एसएसपी पवन कुमार ने कहा कि सभी थानों में मालखानों को डिजिटल करते हुए सेंट्रलाइज किया जाएगा।
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अब गुम नहीं हो सकेंगे दस्तावेज :
मालखाने में दस्तावेज गुम होने या पत्रावलियों के चूहों के काटने जैसी समस्या से पुलिसकर्मियों को निजात मिलेगी। बार कोड की मदद से माल का पूरा विवरण कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा। बार कोड से माल को संबंधित मामले में कुछ ही समय में निकाला जा सकेगा। डिजिटल मालखाने से पुलिस के अलावा केस से जुड़े लोगों की भी समस्या खत्म होगी।
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गाजियाबाद। पुलिस मालखानों में दस्तावेजों के रखरखाव के झंझट को अब खत्म किया जा सकेगा। इसके लिए मालखानों को डिजिटल करने की कवायद शुरू कर दी गई है। मसूरी थाना में मेरठ जोन पर पहला डिजिटल मालखाना शुरू किया गया है। एसएसपी पवन कुमार ने मालखाने का निरीक्षण कर सभी थाना प्रभारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन भी कराया। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिले के सभी थानों में मालखानों को डिजिटल किया जाएगा।
मसूरी थाने में मालखाने को डिजिटल करने में करीब सवा तीन महीने का समय लगा। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि इसमें एएसपी आकाश पटेल, थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह और मालखाना इंचार्ज सुखबीर सिंह कड़ी मेहनत है। मालखाने में रखे 1996 से लेकर अब तक के माल को बार कोड देने का काम किया गया। इसके बाद सभी बारकोड को कंप्यूटर में दर्ज किया गया है। कंप्यूटर में प्रत्येक बरामद सामान, वाहन, आरोपियों से बरामद माल का विवरण दर्ज किया गया है। अगर कोई माल जांच या अन्य स्थिति में बाहर भेजा जाएगा तो इसकी जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इस दौरान उन्होंने सभी थानों के प्रभारियों की कार्यशाला को आयोजित कराया। डिजिटल मालखाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को बार कोड देने, उन्हें कंप्यूटर में दर्ज करने और विवरण निकालने संबंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डाटा को कई जगह सेव किया गया है, जिससे तकनीकी खराबी होने पर दूसरी जगह से डाटा को अपलोड किया जा सके। एसएसपी पवन कुमार ने कहा कि सभी थानों में मालखानों को डिजिटल करते हुए सेंट्रलाइज किया जाएगा।
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अब गुम नहीं हो सकेंगे दस्तावेज :
मालखाने में दस्तावेज गुम होने या पत्रावलियों के चूहों के काटने जैसी समस्या से पुलिसकर्मियों को निजात मिलेगी। बार कोड की मदद से माल का पूरा विवरण कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा। बार कोड से माल को संबंधित मामले में कुछ ही समय में निकाला जा सकेगा। डिजिटल मालखाने से पुलिस के अलावा केस से जुड़े लोगों की भी समस्या खत्म होगी।
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