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कल से खुलेंगे स्कूल, छोटे बच्चों की एक हफ्ते होगी काउंसलिंग
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कल से खुलेंगे स्कूल, पांचवीं तक के बच्चाें की एक हफ्ते होगी काउंसलिंग
गाजियाबाद। महानगर के स्कूलों में करीब डेढ़ माह तक चलीं ऑनलाइन कक्षाओं के बाद सोमवार 14 फरवरी से नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी। स्कूल खोले जाने के शासन के आदेश के बाद स्कूलों ने पूरे परिसर व बसों को सैनिटाइजेशन कराने के साथ कक्षाओं में सामाजिक दूरी से सिटिंग प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। स्कूल खुलने पर सबसे ज्यादा ध्यान नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों पर ध्यान जाएगा। एक सप्ताह तक बच्चों के मानसिक व्यवहार में आए बदलाव को परखने और उसके हिसाब से कदम उठाने के लिए काउंसिलिंग की जाएगी।
छोटे बच्चों पर पढ़ाई का एकाएक भार नहीं डालकर पहले उन्हें ऑफलाइन कक्षाओं से सामंजस्य बिठाने केलिए तैयार किया जाएगा। बच्चों की मनोस्थिति जानने के बाद धीरे-धीरे पहले पुराने कोर्स के रिवीजन और फिर नए कोर्स को पूरा कराने पर फोकस होगा। स्कूलों ने कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने की पहले से तैयारी की गई है। हर विद्यार्थी के लिए मास्क अनिवार्य होने के साथ कक्षाओं और बस में सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों को बसों में बिठाने से पहले थर्मल स्कैनिंग और बीमारी के लक्षण दिखने पर वापस घर भेज दिया जाएगा।
मार्च से आठवीं तक की होगी परीक्षा
स्कूलों का आगामी 15 दिनों तक पूरा फोकस विद्यार्थियों को बाकी बचे कोर्स को पूरा कराने पर होगा। फिर नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों की फाइनल परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह से शुरू होंगी। स्कूलों ने अपने हिसाब से आगे पीछे परीक्षा संबंधी कार्यक्रम बनाने की बात कही है।
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कोट्स: स्कूल प्रिंसिपल:
बच्चों को नए से पहले पुराने कोर्स दोहराया जाएगा
1. स्कूल खोने जाने से पहले पूरे परिसर में सैनिटाइजेशन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। स्कूल खुलने पर छोटी कक्षाओं में बच्चों की मानसिक स्थिति का आंकलन कर गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। नए कोर्स की जगह पुराने कोर्स का फिर से दोहराया जाएगा। बच्चों के लेखन, पढ़ने सहित हर गतिविधि में सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। - ज्योति गुप्ता, प्रिंसिपल, डीपीएस साहिबाबाद
मानसिक स्थिति को देखकर होंगी गतिविधि
2. ऑनलाइन कक्षाओं में भी बच्चों को होमवर्क को लिखकर भेजने की प्रक्रिया जारी रखी गई। इसके बावजूद ऑफलाइन कक्षा में एक सप्ताह तक छोटे बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखने और स्वास्थ्य व खुशी का माहौल बनाने के लिए कंफर्ट क्लास चलाई जाएंगी। बच्चाें के क्लास में सिटिंग प्लान को सामाजिक दूरी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। - गौरव बेदी, प्रिंसिपल, गुरुकुल द स्कूल
कोट्स: अभिभावक
छोटे बच्चों का स्कूल खोलने का निर्णय ठीक नहीं
उनके बच्चें छठवीं और आठवीं क्लास में है। अभी छोटे बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में सभी कक्षाएं खोलने का निर्णय सरासर गलत है। अब केवल 15 से 20 दिन स्कूल खुलने हैं। ऐसे में स्कूलों को फीस वसूली का लाभ पहुंचाने केउद्देश्य से निर्णय लेने का संदेह हो रहा है। - विनय कक्कड़, अभिभावक
ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन का मिले विकल्प
अभी सभी बच्चों को वैक्सीन नहीं लगने के साथ स्कूलों में कोविड गाइडलाइन का पालन होना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में स्कूल आने की अनिवार्यता लागू नहीं की जानी चाहिए। बच्चों को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प मिलना चाहिए। - हरिकिशन शर्मा, अभिभावक
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गाजियाबाद। महानगर के स्कूलों में करीब डेढ़ माह तक चलीं ऑनलाइन कक्षाओं के बाद सोमवार 14 फरवरी से नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होगी। स्कूल खोले जाने के शासन के आदेश के बाद स्कूलों ने पूरे परिसर व बसों को सैनिटाइजेशन कराने के साथ कक्षाओं में सामाजिक दूरी से सिटिंग प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। स्कूल खुलने पर सबसे ज्यादा ध्यान नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों पर ध्यान जाएगा। एक सप्ताह तक बच्चों के मानसिक व्यवहार में आए बदलाव को परखने और उसके हिसाब से कदम उठाने के लिए काउंसिलिंग की जाएगी।
छोटे बच्चों पर पढ़ाई का एकाएक भार नहीं डालकर पहले उन्हें ऑफलाइन कक्षाओं से सामंजस्य बिठाने केलिए तैयार किया जाएगा। बच्चों की मनोस्थिति जानने के बाद धीरे-धीरे पहले पुराने कोर्स के रिवीजन और फिर नए कोर्स को पूरा कराने पर फोकस होगा। स्कूलों ने कोविड संबंधी दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करने की पहले से तैयारी की गई है। हर विद्यार्थी के लिए मास्क अनिवार्य होने के साथ कक्षाओं और बस में सामाजिक दूरी का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों को बसों में बिठाने से पहले थर्मल स्कैनिंग और बीमारी के लक्षण दिखने पर वापस घर भेज दिया जाएगा।
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मार्च से आठवीं तक की होगी परीक्षा
स्कूलों का आगामी 15 दिनों तक पूरा फोकस विद्यार्थियों को बाकी बचे कोर्स को पूरा कराने पर होगा। फिर नर्सरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों की फाइनल परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह से शुरू होंगी। स्कूलों ने अपने हिसाब से आगे पीछे परीक्षा संबंधी कार्यक्रम बनाने की बात कही है।
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कोट्स: स्कूल प्रिंसिपल:
बच्चों को नए से पहले पुराने कोर्स दोहराया जाएगा
1. स्कूल खोने जाने से पहले पूरे परिसर में सैनिटाइजेशन प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। स्कूल खुलने पर छोटी कक्षाओं में बच्चों की मानसिक स्थिति का आंकलन कर गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। नए कोर्स की जगह पुराने कोर्स का फिर से दोहराया जाएगा। बच्चों के लेखन, पढ़ने सहित हर गतिविधि में सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। - ज्योति गुप्ता, प्रिंसिपल, डीपीएस साहिबाबाद
मानसिक स्थिति को देखकर होंगी गतिविधि
2. ऑनलाइन कक्षाओं में भी बच्चों को होमवर्क को लिखकर भेजने की प्रक्रिया जारी रखी गई। इसके बावजूद ऑफलाइन कक्षा में एक सप्ताह तक छोटे बच्चों की मानसिक स्थिति पर नजर रखने और स्वास्थ्य व खुशी का माहौल बनाने के लिए कंफर्ट क्लास चलाई जाएंगी। बच्चाें के क्लास में सिटिंग प्लान को सामाजिक दूरी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। - गौरव बेदी, प्रिंसिपल, गुरुकुल द स्कूल
कोट्स: अभिभावक
छोटे बच्चों का स्कूल खोलने का निर्णय ठीक नहीं
उनके बच्चें छठवीं और आठवीं क्लास में है। अभी छोटे बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है। ऐसे में सभी कक्षाएं खोलने का निर्णय सरासर गलत है। अब केवल 15 से 20 दिन स्कूल खुलने हैं। ऐसे में स्कूलों को फीस वसूली का लाभ पहुंचाने केउद्देश्य से निर्णय लेने का संदेह हो रहा है। - विनय कक्कड़, अभिभावक
ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन का मिले विकल्प
अभी सभी बच्चों को वैक्सीन नहीं लगने के साथ स्कूलों में कोविड गाइडलाइन का पालन होना संभव दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में स्कूल आने की अनिवार्यता लागू नहीं की जानी चाहिए। बच्चों को ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प मिलना चाहिए। - हरिकिशन शर्मा, अभिभावक