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9 घंटे नहीं मिली एंबुलेंस, कोविड पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत
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9 घंटे नहीं मिली एंबुलेंस, कोरोना पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत
गाजियाबाद। गंभीर रूप से बीमार कोरोना संक्रमित बुजुर्ग को कोविड अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। 10:30 बजे रेफर करने के नौ घंटे बाद शाम 7:30 बजे 108 एंबुलेंस से ले जाते समय अस्पताल गेट पर ही उसकी मौत हो गई। इससे भी शर्मनाक स्थिति यह रही कि बुजुर्ग की मौत के बाद शव मोर्चरी में रखने के लिए एंबुलेंस चालक को जद्दोजहद करनी पड़ी। इसके बाद संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल के मोर्चरी में शव रखा गया और रविवार को उसका अंतिम संस्कार होगा।
वृद्ध आश्रम से बुजुर्ग को कराया था भर्ती
विजयनगर स्थित वृद्धाश्रम में 65 वर्षीय बुद्ध शर्मा रहते थे। सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी होने पर 20 जनवरी को एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इलाज शुरू करने के साथ ही बुजुर्ग का कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल भेजा गया। शनिवार को उनका ऑक्सीजन लेवल 85 आने के साथ ही कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। एमएमजी में कोविड मरीज के इलाज की व्यवस्था न होने से डॉक्टर ने 10:30 बजे संतोष कोविड अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टर ने बुजुर्ग की हालत देखते हुए एएलएस से ले जाने की सलाह दी, लेकिन जिले में पांच और एमएमजी अस्पताल में दो एएलएस होने के बावजूद बुजुर्ग को भर्ती कराने के लिए एक भी एंबुलेंस नहीं मिली।
तीन परेड रिहर्सल एवं दो मरम्मत के लिए मेरठ
जिले में पांच एएलएस एंबुलेंस हैं। तीन एंबुलेंस गणतंत्र दिवस के परेड प्रशिक्षण में दिल्ली भेजी गई हैं। एक एंबुलेंस सर्विसिंग और एक एंबुलेंस के इंजन में काम होने से मेरठ वर्कशॉप में गई हैं।
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प्रोमिल त्यागी, प्रभारी एएलएस एंबुलेंस
कोविड मरीज के लिए नहीं है एएलएस
शासन से कोरोना मरीजों के लिए एएलएस एंबुलेंस का प्रयोग करने के निर्देश नहीं है। जिला एमएमजी अस्पताल के पास अपनी एएलएस एंबुलेंस है, यदि किसी मरीज को जरूरत है तो अस्पताल प्रबंधन को एएलएस एंबुलेंस उपलब्ध करानी चाहिए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से एएलएस एंबुलेंस क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई, इस बारे में अस्पताल से जानकारी मांगी जाएगी।
डॉ. सुनील त्यागी, एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी एएलएस
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गाजियाबाद आगमन पर अस्पताल की एएलएस वीवीआईपी ड्यूटी में गई थी। बुजुर्ग की हालत गंभीर थीं, उन्हें भर्ती करने के साथ ही पूरा इलाज किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
डॉ. मनोज चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एमएमजी अस्पताल
यह गंभीर मामला है। मरीज को 108 एंबुलेंस से भी संतोष अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए था।, हर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था है। शव को संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में रखवाया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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गाजियाबाद। गंभीर रूप से बीमार कोरोना संक्रमित बुजुर्ग को कोविड अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। 10:30 बजे रेफर करने के नौ घंटे बाद शाम 7:30 बजे 108 एंबुलेंस से ले जाते समय अस्पताल गेट पर ही उसकी मौत हो गई। इससे भी शर्मनाक स्थिति यह रही कि बुजुर्ग की मौत के बाद शव मोर्चरी में रखने के लिए एंबुलेंस चालक को जद्दोजहद करनी पड़ी। इसके बाद संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल के मोर्चरी में शव रखा गया और रविवार को उसका अंतिम संस्कार होगा।
वृद्ध आश्रम से बुजुर्ग को कराया था भर्ती
विजयनगर स्थित वृद्धाश्रम में 65 वर्षीय बुद्ध शर्मा रहते थे। सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी होने पर 20 जनवरी को एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इलाज शुरू करने के साथ ही बुजुर्ग का कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर सैंपल भेजा गया। शनिवार को उनका ऑक्सीजन लेवल 85 आने के साथ ही कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। एमएमजी में कोविड मरीज के इलाज की व्यवस्था न होने से डॉक्टर ने 10:30 बजे संतोष कोविड अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टर ने बुजुर्ग की हालत देखते हुए एएलएस से ले जाने की सलाह दी, लेकिन जिले में पांच और एमएमजी अस्पताल में दो एएलएस होने के बावजूद बुजुर्ग को भर्ती कराने के लिए एक भी एंबुलेंस नहीं मिली।
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जिले में पांच एएलएस एंबुलेंस हैं। तीन एंबुलेंस गणतंत्र दिवस के परेड प्रशिक्षण में दिल्ली भेजी गई हैं। एक एंबुलेंस सर्विसिंग और एक एंबुलेंस के इंजन में काम होने से मेरठ वर्कशॉप में गई हैं।
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कोविड मरीज के लिए नहीं है एएलएस
शासन से कोरोना मरीजों के लिए एएलएस एंबुलेंस का प्रयोग करने के निर्देश नहीं है। जिला एमएमजी अस्पताल के पास अपनी एएलएस एंबुलेंस है, यदि किसी मरीज को जरूरत है तो अस्पताल प्रबंधन को एएलएस एंबुलेंस उपलब्ध करानी चाहिए। अस्पताल प्रबंधन की ओर से एएलएस एंबुलेंस क्यों उपलब्ध नहीं कराई गई, इस बारे में अस्पताल से जानकारी मांगी जाएगी।
डॉ. सुनील त्यागी, एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी एएलएस
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के गाजियाबाद आगमन पर अस्पताल की एएलएस वीवीआईपी ड्यूटी में गई थी। बुजुर्ग की हालत गंभीर थीं, उन्हें भर्ती करने के साथ ही पूरा इलाज किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
डॉ. मनोज चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एमएमजी अस्पताल
यह गंभीर मामला है। मरीज को 108 एंबुलेंस से भी संतोष अस्पताल में भर्ती कराया जाना चाहिए था।, हर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की व्यवस्था है। शव को संजय नगर स्थित संयुक्त अस्पताल में रखवाया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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