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ओमिक्रॉन से आफतः निर्यातकों का २०० करोड़ का माल बंदरगाहों पर अटका

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 Dec 2021 12:16 AM IST
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ghaziyabad
ओमिक्रॉन से आफत : निर्यातकों का 200 करोड़ का माल बंदरगाहों पर अटका
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गाजियाबाद। यूरोपियन देशों में ओमिक्रॉन के केस बढ़ने के बाद जिले के निर्यातकों को झटका लगा है। 60 से अधिक निर्यातकों का लगभग 200 करोड़ का माल अलग-अलग यार्ड और बंदरगाहों पर अटका हुआ है। नीदरलैंड में 14 जनवरी तक संपूर्ण लॉकडाउन होने से होम टेक्सटाइल इंडस्ट्री के निर्यातकों को नुकसान हुआ है। उद्यमियों का कहना है कि नवंबर के अंत में बुक किए गए कंटेनर भी कैंसल हुए हैं। बीते एक महीने में 70 फीसदी ऑर्डर कैंसल हो गए हैं। आने वाले समय में इसके खतरे को देखते हुए निर्यातक इकाइयों ने उत्पादन भी कम कर दिया है।
निर्यातकों का कहना है कि क्रिसमस के समय पर होम टेक्सटाइल, हस्तशिल्प उत्पादों की मांग अधिक रहती थी। इसके अलावा यांत्रिकी उत्पादों में मशीनें और मशीनरी पार्ट्स के ऑर्डर भी रुक गए हैं।
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यार्ड से बंदरगाह पहुंचा माल, अटका :
गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा और तुगलकाबाद स्थित यार्ड में अलग-अलग देशों के लिए निर्यात उत्पादों के कंटेनर बुक होते हैं। यहां से ही देशों के मुताबिक बंदरगाहों पर माल को पहुंचाया जाता है। इसके अलावा मुंबई के जिला रायगढ़ स्थित नेवाशेवा पर भी निर्यातकों का माल अटका पड़ा है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन का दावा है कि बीते एक महीने में करीब 280 करोड़ के ऑर्डर रद्द या कैंसल हुए जबकि 200 करोड़ का माल ऐसा है, जो बंदरगाहों पर रुका हुआ है।
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इन देशों में बंद हुआ निर्यात :
नीदरलैंड में लॉकडाउन के अलावा जर्मनी, हॉलैंड, यूके, जापान, मोरक्को, साउथ अफ्रीका, केन्या, बेल्जियम, सऊदी अरब, यूएई, कनाडा, ब्राजील सहित अन्य देशों में निर्यात बंद हुआ है।
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संक्रमण के बीच बढ़ा है किराया :
ओमिक्रॉन का असर निर्यातकों पर है। हमारे होम टेक्सटाइल के उत्पाद अलग-अलग देशों में जाते हैं। कंटेनर की भारी कमी है। बीते एक महीने में बंदरगाह से विदेशों में जाने के लिए माल का किराया ढाई गुना तक बढ़ा है। यूएस में पहले माल भेजने के आठ हजार डॉलर लगते थे अब यह किराया 17 हजार डॉलर है।
- संजय ठकराल, निर्यातक
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माल वापस मंगाने पर भी नुकसान :
बंदरगाहों पर पड़े माल को मंगाने में भी नुकसान है। उद्यमी 80 हजार से डेढ़ दो लाख रुपये खर्च कर माल यार्ड या बंदरगाह तक पहुंचाते हैं। वापस मंगाने में भी इतने ही खर्च करने होंगे। निर्यातकों ने उत्पादन को घटाया है।

- अरूण शर्मा, अध्यक्ष
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन
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बाथ टैब का निर्यात प्रभावित :
दुबई सहित अन्य देशों में बाथ टैब का निर्यात हम करते हैं, दिसंबर की शुरुआत में भेजा गया माल भी निर्यात नहीं हो सका है। क्रिसमस पर कई उत्पादों की मांग भी अच्छी मिलती है लेकिन यूके, जर्मनी में स्टोर भी बहुत कम टाइमिंग के हिसाब से खुल रहे हैं, जिससे मांग घटी है।
- रवि जैन, निर्यातक व महासचिव
कविनगर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन
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