{"_id":"618c21fcde167a4b581c1e32","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd229144510","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला मरीज से की बदसलूकी, रेलवे अस्पताल में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला मरीज से की बदसलूकी, रेलवे अस्पताल में हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीमार महिला सुपरवाइजर से बोले डॉक्टर हाजिरी लगाने आओ, रेलवे डिस्पेंसरी में हंगामा
गाजियाबाद। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद से छुट्टी पर चल रहीं रेलवे की महिला सुपरवाइजर पर डॉक्टरों ने ड्यूटी पर लौटने का दबाव बनाया तो रेलवे डिस्पेंसरी में बुधवार को हंगामा खड़ा हो गया। सुपरवाइजर का आरोप है कि डॉक्टर ने बदसलूकी की और दांतों की सर्जरी कराने का भी समय नहीं दे रहे हैं। हंगामे की सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। वहीं डॉक्टर ने आरोपों को निराधार बताया।
मुकुंदनगर में रहने वाली सरला (51) रेलवे में जनरल बुकिंग सुपरवाइजर हैं और फिलहाल नई दिल्ली में उनकी तैनाती है। उनका कहना है कि चार अक्तूबर को हापुड़ तिराहे के पास एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। इस सड़क दुर्घटना में वह घायल हो गई थीं और तभी से छुट्टी पर हैं। उनका कहना है कि बुधवार को वह पुराना रेलवे स्टेशन के पास डिस्पेंसरी पहुंची तो डॉक्टर उन्हें फिट बताकर ड्यूटी पर लौटने का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि एक्सीडेंट में चोट लगने से दांतों में पस बन गया है। नेहरू नगर स्थित निजी अस्पताल में इसकी सर्जरी होनी है। रेलवे के डॉक्टर इसके लिए भी उन्हें छुट्टी नहीं दे रहे हैं। सरला और उनके बेटे निशांत डॉक्टर पीके केशरी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया और हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबलों ने मामला शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें छुट्टी तो दे दी, लेकिन हर दो दिन के अंतराल पर डिस्पेंसरी में आकर हाजिरी लगाने को कहा।
-----
बीमार महिला को चार दिन बाद मिला इलाज, विरोध
घंटाघर स्थित दुलीचंद मोहल्ला निवासी प्रेमवती चार दिन से बीमार है। बुखार के बाद अब उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया है। प्रेमवती की बेटी रिया का कहना है कि वह बीते रविवार को मां को लेकर रेलवे डिस्पेंसरी पहुंची थीं। यहां डॉक्टर नहीं मिले। कंपाउंडर ने उनका इलाज किया। अगले दिन डॉक्टर पहुंचे तो जांच कराने के नाम पर पूरा दिन बीत गया, लेकिन इलाज नहीं मिला। तीसरे दिन भी अन्य जांच कराई गई। हालत बिगड़ने पर उन्होंने विरोध किया तो चौथे दिन बुधवार को उन्हें ड्रिप लगाई गई। रिया का कहना है कि उन्होंने मां को गाजियाबाद के प्राइवेट अस्पताल में रेफर कराने की मांग की, लेकिन डॉक्टर अब उन्हें दिल्ली में रेलवे अस्पताल में रेफर करने की जिद पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
----
डॉक्टर बोले
रेलवे के डॉक्टर पीके केशरी का कहना है कि महिला कर्मचारी को प्रत्येक दो दिन में हाजिरी लगाने को कहा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह कहीं बाहर नहीं गई हैं। उनका कहना है कि अन्य आरोप गलत हैं। वहीं प्रेमवती को रेफर करने में भी उन्होंने नियमों की बाध्यता का हवाला दिया। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी में ही कर्मचारी को प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया जा सकता है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद से छुट्टी पर चल रहीं रेलवे की महिला सुपरवाइजर पर डॉक्टरों ने ड्यूटी पर लौटने का दबाव बनाया तो रेलवे डिस्पेंसरी में बुधवार को हंगामा खड़ा हो गया। सुपरवाइजर का आरोप है कि डॉक्टर ने बदसलूकी की और दांतों की सर्जरी कराने का भी समय नहीं दे रहे हैं। हंगामे की सूचना पर आरपीएफ मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया। वहीं डॉक्टर ने आरोपों को निराधार बताया।
मुकुंदनगर में रहने वाली सरला (51) रेलवे में जनरल बुकिंग सुपरवाइजर हैं और फिलहाल नई दिल्ली में उनकी तैनाती है। उनका कहना है कि चार अक्तूबर को हापुड़ तिराहे के पास एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी थी। इस सड़क दुर्घटना में वह घायल हो गई थीं और तभी से छुट्टी पर हैं। उनका कहना है कि बुधवार को वह पुराना रेलवे स्टेशन के पास डिस्पेंसरी पहुंची तो डॉक्टर उन्हें फिट बताकर ड्यूटी पर लौटने का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि एक्सीडेंट में चोट लगने से दांतों में पस बन गया है। नेहरू नगर स्थित निजी अस्पताल में इसकी सर्जरी होनी है। रेलवे के डॉक्टर इसके लिए भी उन्हें छुट्टी नहीं दे रहे हैं। सरला और उनके बेटे निशांत डॉक्टर पीके केशरी पर अभद्रता करने का आरोप लगाया और हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबलों ने मामला शांत कराया। इसके बाद डॉक्टर ने उन्हें छुट्टी तो दे दी, लेकिन हर दो दिन के अंतराल पर डिस्पेंसरी में आकर हाजिरी लगाने को कहा।
विज्ञापन
-----
बीमार महिला को चार दिन बाद मिला इलाज, विरोध
घंटाघर स्थित दुलीचंद मोहल्ला निवासी प्रेमवती चार दिन से बीमार है। बुखार के बाद अब उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया है। प्रेमवती की बेटी रिया का कहना है कि वह बीते रविवार को मां को लेकर रेलवे डिस्पेंसरी पहुंची थीं। यहां डॉक्टर नहीं मिले। कंपाउंडर ने उनका इलाज किया। अगले दिन डॉक्टर पहुंचे तो जांच कराने के नाम पर पूरा दिन बीत गया, लेकिन इलाज नहीं मिला। तीसरे दिन भी अन्य जांच कराई गई। हालत बिगड़ने पर उन्होंने विरोध किया तो चौथे दिन बुधवार को उन्हें ड्रिप लगाई गई। रिया का कहना है कि उन्होंने मां को गाजियाबाद के प्राइवेट अस्पताल में रेफर कराने की मांग की, लेकिन डॉक्टर अब उन्हें दिल्ली में रेलवे अस्पताल में रेफर करने की जिद पर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
----
डॉक्टर बोले
रेलवे के डॉक्टर पीके केशरी का कहना है कि महिला कर्मचारी को प्रत्येक दो दिन में हाजिरी लगाने को कहा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह कहीं बाहर नहीं गई हैं। उनका कहना है कि अन्य आरोप गलत हैं। वहीं प्रेमवती को रेफर करने में भी उन्होंने नियमों की बाध्यता का हवाला दिया। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी में ही कर्मचारी को प्राइवेट अस्पताल में रेफर किया जा सकता है।