{"_id":"6158b3fb8ebc3e09852caeee","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd22701870","type":"story","status":"publish","title_hn":"80 कॉलोनियों के ऊपरी मंजिलों में पानी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
80 कॉलोनियों के ऊपरी मंजिलों में पानी का संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
80 कॉलोनियों की ऊपरी
मंजिलों में पानी का संकट
गाजियाबाद। नगर निगम और जल निगम ने करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ओवरहेड टैंक बेकार कर दिए। करीब 8-10 साल से शहर के 10 ओवरहेड टैंक में पानी नहीं पहुंच रहा। इसका असर यह है कि नगर निगम की ओर से सप्लाई किया जाने वाला पानी घरों की ऊपरी मंजिल पर नहीं पहुंच पा रहा है। पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए नगर निगम ने शहर में 750 स्थानों पर 10 एचपी क्षमता के छोटे नलकूप लगा दिए। इससे भूजल दोहन और बढ़ गया।
नगर निगम ने नेहरू नगर, नंदग्राम, लोहिया नगर, गोविंदपुरम, वसुंधरा, वैशाली, ब्रिज विहार, रामप्रस्थ, राजेंद्र नगर, संजय नगर समेत सभी क्षेत्रों में पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनाए थे। शुरूआती दौर में यह ओवरहेड टैंक चालू किए गए, लेकिन अब बंद कर दिए गए। नेहरू नगर, लोहिया नगर, नंदग्राम, गोविंदपुरम और शालीमार गार्डन समेत 10 कॉलोनियों के ओवरहेड टैंक में अब पानी नहीं पहुंच रहा। इन कॉलोनियों में अब नलकूपों से सीधे पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन इससे प्रेशर कम मिल रहा है। यही वजह है कि कॉलोनियों की ऊपरी मंजिलों के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
पावर कट लगा तो पानी की आपूर्ति ठप
नगर निगम के नलकूपों से घरों में डायरेक्ट पानी की आपूर्ति दी जा रही है। पावर कट होते ही नलकूप बंद हो जाते हैं। ओवरहेड टैंक में पानी स्टोर न होने की वजह से अब पानी की आपूर्ति भी नलकूप बंद होते ही बाधित हो जाती है। ओवरहेड टैंक में पानी स्टोर किया जाए तो पावर कट के दौरान भी दिन भर आपूर्ति की जा सकती है।
विज्ञापन
पार्षद कर चुके शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
नगर निगम पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि नगर निगम ओवरहेड टैंकों में पानी नहीं भर रहा है। खाली ओवरहेड टैंक में वैक्यूम बन जाता है और वह खराब होने लगती है। टैंक का स्ट्रक्चर कमजोर होने लगता है। कविनगर जोन में पानी की एक टंकी इसी तरह इस्तेमाल न करने की वजह से अब जर्जर हो चुकी है। उसमें अब पानी नहीं भरा जा रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन शहर की टंकियों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
मोटर से चढ़ाते हैं पानी
नगर निगम की ओर से पानी की सप्लाई दिनभर में सिर्फ दो-ढाई घंटे मिलती है, लेकिन ऊपरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंच पाता है। छत पर रखे टैंक में पानी स्टोर करने के लिए मोटर लगानी पड़ी।
- ऋषभ, नेहरू नगर निवासी
बेकार बनाई टंकियां
नगर निगम ने पानी की टंकी तो बना दी हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। ओवरहेड टैंक के माध्यम से पानी की आपूर्ति दी जाए तो न सिर्फ प्रेशर से ऊपरी मंजिल पर पहुंच जाएगा, बल्कि दिनभर आपूर्ति मिल सकती है।
- अशोक कुमार, गोविंदपुरम
पूरे शहर में यही संकट
जल निगम और नगर निगम पानी की परियोजना का निर्माण करते वक्त ओवरहेड टैंक भी बनाते हैं, फिर इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा। पूरे शहर की समस्या है कि घरों के ऊपरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
- सोमदत्त शर्मा, कविनगर निवासी
समीक्षा हो रही है
नंदग्राम, नेहरू नगर, लोहिया नगर समेत कुछ इलाकों दिक्कत है। यहां सीडब्ल्यूआर (सेंट्रल रिजर्वायर) बनाए जा रहे हैं। दिसंबर तक इन सभी का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद कई नलकूपों का पानी इन सीडब्ल्यूआर में लाकर ओवरहेड टैंक में भरा जाएगा। ताकि कॉलोनियों में प्रेशर से पानी मिल सके। अन्य ओवरहेड टैंक की भी समीक्षा की जा रही है।
- योगेश श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जलकल
विज्ञापन
मंजिलों में पानी का संकट
गाजियाबाद। नगर निगम और जल निगम ने करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ओवरहेड टैंक बेकार कर दिए। करीब 8-10 साल से शहर के 10 ओवरहेड टैंक में पानी नहीं पहुंच रहा। इसका असर यह है कि नगर निगम की ओर से सप्लाई किया जाने वाला पानी घरों की ऊपरी मंजिल पर नहीं पहुंच पा रहा है। पानी का प्रेशर बढ़ाने के लिए नगर निगम ने शहर में 750 स्थानों पर 10 एचपी क्षमता के छोटे नलकूप लगा दिए। इससे भूजल दोहन और बढ़ गया।
नगर निगम ने नेहरू नगर, नंदग्राम, लोहिया नगर, गोविंदपुरम, वसुंधरा, वैशाली, ब्रिज विहार, रामप्रस्थ, राजेंद्र नगर, संजय नगर समेत सभी क्षेत्रों में पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनाए थे। शुरूआती दौर में यह ओवरहेड टैंक चालू किए गए, लेकिन अब बंद कर दिए गए। नेहरू नगर, लोहिया नगर, नंदग्राम, गोविंदपुरम और शालीमार गार्डन समेत 10 कॉलोनियों के ओवरहेड टैंक में अब पानी नहीं पहुंच रहा। इन कॉलोनियों में अब नलकूपों से सीधे पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन इससे प्रेशर कम मिल रहा है। यही वजह है कि कॉलोनियों की ऊपरी मंजिलों के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन
पावर कट लगा तो पानी की आपूर्ति ठप
नगर निगम के नलकूपों से घरों में डायरेक्ट पानी की आपूर्ति दी जा रही है। पावर कट होते ही नलकूप बंद हो जाते हैं। ओवरहेड टैंक में पानी स्टोर न होने की वजह से अब पानी की आपूर्ति भी नलकूप बंद होते ही बाधित हो जाती है। ओवरहेड टैंक में पानी स्टोर किया जाए तो पावर कट के दौरान भी दिन भर आपूर्ति की जा सकती है।
विज्ञापन
पार्षद कर चुके शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
नगर निगम पार्षद हिमांशु मित्तल का कहना है कि नगर निगम ओवरहेड टैंकों में पानी नहीं भर रहा है। खाली ओवरहेड टैंक में वैक्यूम बन जाता है और वह खराब होने लगती है। टैंक का स्ट्रक्चर कमजोर होने लगता है। कविनगर जोन में पानी की एक टंकी इसी तरह इस्तेमाल न करने की वजह से अब जर्जर हो चुकी है। उसमें अब पानी नहीं भरा जा रहा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन शहर की टंकियों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
मोटर से चढ़ाते हैं पानी
नगर निगम की ओर से पानी की सप्लाई दिनभर में सिर्फ दो-ढाई घंटे मिलती है, लेकिन ऊपरी मंजिल पर पानी नहीं पहुंच पाता है। छत पर रखे टैंक में पानी स्टोर करने के लिए मोटर लगानी पड़ी।
- ऋषभ, नेहरू नगर निवासी
बेकार बनाई टंकियां
नगर निगम ने पानी की टंकी तो बना दी हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। ओवरहेड टैंक के माध्यम से पानी की आपूर्ति दी जाए तो न सिर्फ प्रेशर से ऊपरी मंजिल पर पहुंच जाएगा, बल्कि दिनभर आपूर्ति मिल सकती है।
- अशोक कुमार, गोविंदपुरम
पूरे शहर में यही संकट
जल निगम और नगर निगम पानी की परियोजना का निर्माण करते वक्त ओवरहेड टैंक भी बनाते हैं, फिर इनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा। पूरे शहर की समस्या है कि घरों के ऊपरी मंजिल तक पानी नहीं पहुंच रहा।
- सोमदत्त शर्मा, कविनगर निवासी
समीक्षा हो रही है
नंदग्राम, नेहरू नगर, लोहिया नगर समेत कुछ इलाकों दिक्कत है। यहां सीडब्ल्यूआर (सेंट्रल रिजर्वायर) बनाए जा रहे हैं। दिसंबर तक इन सभी का निर्माण पूरा हो जाएगा। इसके बाद कई नलकूपों का पानी इन सीडब्ल्यूआर में लाकर ओवरहेड टैंक में भरा जाएगा। ताकि कॉलोनियों में प्रेशर से पानी मिल सके। अन्य ओवरहेड टैंक की भी समीक्षा की जा रही है।
- योगेश श्रीवास्तव, महाप्रबंधक, जलकल